Blog kya hai – यहाँ जानें कैसे करें हिन्दी ब्लॉग की शुरुआत!



ब्लॉग क्या है? ब्लॉग्गिंग क्या है? ब्लॉगर क्या है? ये तीनों प्रश्न उन सभी यूजर्स या कहें की उन लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जिन्होने पहली बार इन शब्दों को सुना हो या ब्लॉग क्या है और इसके बारे मे जानने की उत्सुकता रखते हो। वैसे तो आज के डिजिटल युग मे सभी इसके बारे मे जानते हैं पर यदि फिर भी आप ब्लॉग क्या है और ब्लॉग्गिंग कैसे करते हैं के बारे मे जानना चाहते हैं, तो आप बिलकुल सही जगह है आज हम आपको इस लेख के जरिये बतायंगे की Blog Kya hai और आप Blogging Kaise Start kar Skte Hain। तो चलिये आगे बढ़ते हैं और इस लेख के जरिये Hindi Me Blog kya hai ke bare मे जानते हैं और इससे जुड़े सभी प्रश्नों के समाधान प्राप्त करते हैं।

1. Blog Kya Hai? ब्लॉग क्या हैं?

Blog इंटरनेट पर मौजूद एक ऐसी वैबसाइट या वेब पेज है जिस पर कोई भी व्यक्ति अपने विचार साझा करता है और अपने नए-नए आइडियास से रीडर्स को किसी भी विषय पर सही और समझने योग्य जानकारी दे कर उनकी मदद करता है।

2. Blogger Kya Hai? ब्लॉगर क्या हैं?

जैसे की ऊपर दी गई परिभाषा से आप समझ गए होंगे की Blog kya hai अब आते हैं ब्लॉगर क्या है पर तो जो व्यक्ति अपने ब्लॉग पर किसी पोस्ट या जानकारी को साझा करता है उसे ब्लॉगर कहा जाता है। साथ ही ब्लॉगर ही अपने ब्लॉग को manage करता है और उसमे नए-नए आइडियास share करता है। उदाहरण के लिए यदि आप किसी ब्लॉगिंग प्लैटफ़ार्म पर अपना कोई भी ब्लॉग शुरू करते हैं, तो आपको ब्लॉगर कहा जाएगा।

3. Blogging Kya Hai? ब्लॉग्गिंग क्या हैं?

वैसे तो हम हिन्दी मे ब्लॉग क्या है और ब्लॉगर क्या होता है के बारे मे जान चुके हैं, तो चलिये अब जानते हैं की ब्लॉगिंग क्या होती है। ब्लॉगिंग को हम साधारण शब्दों मे कह सकते हैं, की जो भी ब्लॉगर अपने ब्लॉग पर कोई पोस्ट लिखता है या ब्लॉग को Manage करता है या अपने ब्लॉग से संबंधित कोई भी काम करता है, तो उसे Blogging कहा जाता है।
वैसे तो आज के समय मे प्रतिदिन हजारों लोग ब्लॉगिंग की शुरुआत करते हैं पर कुछ ही लोग हैं जो ब्लॉगिंग मे सफल हो पाते हैं आखिर ऐसा क्यों है की हर कोई ब्लॉगिंग मे सफल नही हो पाता है। तो आज हम इस लेख के जरिये इस विषय पर भी बात करेंगे की आखिर सफल ब्लॉगर कैसे बनें और किस तरह से हम ब्लॉगिंग की शुरुआत कर सकते हैं

सफल ब्लॉगिंग की शुरुआत कैसे करें

मान लीजिये की आप अभी नए ब्लॉगर हो और आपको ब्लॉगिंग के बारे मे कुछ भी जानकारी नही है और आप भी ब्लॉगिंग की शुरुआत करना चाहते हैं पर आपके पास ब्लॉग बनाने और ब्लॉगिंग की शुरुआत करने का कोई आइडिया या प्लान नही है, तो घबराइए नही आज हम इस लेख के जरिये बताएँगे की आप कैसे Blogging Start Kar Skte Hain और कुछ ही दिनों मे एक सफल ब्लॉगर बन सकते हैं। तो नीचे दी गई स्टेप वाइज़ प्रक्रिया को पढ़ें और एक सक्सेसफुल ब्लॉगर बनें।

1. सही Blogging प्लेटफार्म का चयन करें:
इस समय ब्लॉगिंग की शुरुआत करने के लिए WordPress और Blogspot दो सबसे महत्वपूर्ण ब्लॉगिंग प्लैटफ़ार्म है। पर यूजर्स को इनमे भी काफी कन्फ़्युशन होती है की आखिर उसे किस प्लैटफ़ार्म पर ब्लॉग बनाना चाहिए। तो इसका सीधा सा जवाब है WordPress क्योकि WordPress पर ब्लॉग बनाने से आप वो सब कर सकते हैं जो कुछ आप करना चाहते हैं, जबकि Blogspot पर आपका पूरा कंट्रोल नही होता है।
हम आपको suggest करते हैं कि अगर आप होस्टिंग करीद सकते हैं और नॉर्मल चार्ज दे सकते हैं, तो आपको WordPress पर ब्लॉग की शुरुआत करना चाहिए। क्योकि Blogspot पर आप जो काम एक साल मे कर सकोगे वही काम आप WordPress पर शायद 3-4 महीने मे कर सकते हो।

2. सही Domain और Hosting का चुनाव :
अगर आपको अपनी पहचान बनानी है और बहुत जल्द प्रसिद्ध होना चाहते हैं तो आपको एक बेहतर डोमैन का चुनाव करना चाहिए साथ एक ऐसी होस्टिंग सर्विस का चुनाव करें जो बिना रुके आपको सर्विस मुहैया करा सके।

3. सही Theme और Templates का उपयोग करें:
ब्लॉग की सफलता मे उसकी डिज़ाइन काफी असरदार होती है। अगर आपने अपने ब्लॉग को अच्छी तरह से डिज़ाइन किया है तो हर कोई आपके ब्लॉग को पसंद करेगा और एक बार आपके ब्लॉग को विजिट करने के बाद दुबारा आपके ब्लॉग पर आएगा। वैसे तो इंटरनेट पर आपको बहुत सारी Colorful Theme मिल जाएगी पर हम आपको सलाह देंगे की आप एक सिम्पल और Fast Load होने वाली Theme को उपयोग करें और यदि आपको HTML, CSS, PHP के बारे मे Knowledge है तो आप खुद ही अपनी theme डिज़ाइन कर सकते हैं और यदि आपको इसकी जानकारी नही है तो आप किसी भी फ्री या पैड Theme का उपयोग अपने ब्लॉग के लिए कर सकते हैं।

4. ब्लॉग को सही से Modify करें:
एक बार जब आप होस्टिंग, डोमैन, थीम ले कर अपना ब्लॉग तैयार कर लें तो आपको अपने ब्लॉग को मॉडिफाई करने की जरूरत होती है जिसमे आप अपने न्लोग का Look और Reality पर ध्यान दे सकते हैं। अपने ब्लॉग के header, layout, sidebar और footer मे सभी जरूरी links और widget add करें जो ब्लॉग के लिए जरूरी होते हैं।
ब्लॉग के लिए email subscribe like Feedburner service enable करें और उसमे ब्लॉग की अच्छे से setting करें। साथ ही अपने ब्लॉग को Google analytics से कनैक्ट करें।


5. सही Plugins का उपयोग करें:
यदि आपने अपने ब्लॉग को WordPress पर बनाया है, तो इसके लिए आपको कुछ जरूरी plugins install करने की जरूरत होती है, जिनसे आपके ब्लॉग मे चार चंद लग जाते हैं, पर यह ध्यान रखें की जरूरत से ज्यादा Plugins का उपयोग न करें और सिर्फ जरूरी Plugins का ही उपयोग करें।

6. Compelling content लिखें
सबसे पहले आपको अपने ब्लॉग पर about us, contact use, disclaimer, privacy policy और अन्य जरूरी pages create करने हैं। उसके बाद ब्लॉग पर पोस्ट लिखना स्टार्ट करें और साथ ही कंटैंट मे ऐसी images का उपयोग करें जो यूजर Friendly हो मतलब यह की इमेज ऐसी हो की यूजर उन्हे देखते ही आपकी पोस्ट पढ़ने का मन करने लगे।
याद रहे Images ब्लॉग के लिए बहुत ही इंपोर्टेंट होती है। तो जितना हो सके उनते इफेक्टिव Images क्रिएट करें और अपनी पोस्ट मे Add करें, Copyright Images और कंटैंट से बचें और जितना हो सके Quality और आरिजिनल कंटैंट लिखें। साथ ही Short Content को Avoid करें और लॉन्ग और Usefull कंटैंट लिखें।

7. अपने ब्लॉग को Promote करना न भूलें:
जब आप ब्लॉग पर 10-15 या उससे ज्यादा पोस्ट लिख लेते हैं, तो उसके बाद आपका सबसे जरूरी काम होगा अपने ब्लॉग पर लिखे हुये कंटैंट को Promote करना। इसके लिए Social Media सबसे पर्फेक्ट Way हैं जहां आप अपने कंटैंट को share करें और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपने कंटैंट को पहुचाने का प्रयास करें।

Blogging शुरू करने के लिए महत्त्वपूर्ण टिप्स

हर एक ब्लॉगर का अपना अलग एक्सपीरियंस होता है वो उसी के हिसाब से अपने रीडर्स को गाइड करता है। कुछ Thinks होती है जो हमे सक्सेस बनाती हैं, जिनके बारे मे आपको कोई नही बताता। पर आज हम आपको अपनी पोस्ट मे ब्लोगिंग मे सक्सेस होने के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स बताएँगे जो की आपको Blog Start Karte समय कारगर साबित हो सकती हैं।

अपने टॉपिक को खोजें – ब्लॉगिंग मे सबसे महत्वपूर्ण होता है अपने लिए एक बढ़िया साइट Niche या कहें की टॉपिक को चुनना। यदि आपके पास कोई भी टोपिक्स नही हैं तो आप अभी से सोचना शुरू कर दीजिये और पता कीजिये की आपको किस टॉपिक की जानकारी है ओर आपको किस टॉपिक पर वर्क करना अच्छा लगता है। एक बात हमेशा ध्यान रखें की आपको पैसे के लिए नही बल्कि अपने Passion के लिए ब्लॉगिंग करनी है।
अपने रीडर्स को जानें – अपने रीडर्स को अपने बारे मे बताएं ताकि वो आपके बारे मे जान सकें, अपने काम के साथ-साथ अपने बारे मे भी आर्टिक्ल लिखें ओर लोगो के साथ अच्छे Relation बनाने की कोशिस करें।
अपनी साइट की वैल्यू बढ़ाएँ – जितना हो सके क्वालिटी कंटैंट लिखे और अपने रीडर्स की नजर मे अपनी साइट की वैल्यू बढ़ाएँ क्योंकि आप जितना अच्छा कंटैंट लिखेंगे लोग आपको उतना ही ज्यादा पसंद करेंगे।
आरिजिनल कंटैंट लिखें – सोचने वाली बात है कि रीडर्स आपके ब्लॉग को क्यों पसंद करते हैं इसलिए पसंद करते हैं क्योकि आपका कंटैंट सही और जानकारी भरा रहता है इसलिए अपने ब्लॉग पर हमेशा आरिजिनल और सही कंटैंट लिखें और रीडर्स को समझने की कोशिस करें।
Interesting कंटैंट लिखें – अच्छा और शानदार कंटैंट लिखें जिसे पढ़ते ही लोग आपके आर्टिक्ल को share करने को मजबूर हो जाए और जब रीडर्स आपके कंटैंट को Share करेंगे तो आपके ब्लॉग को और अधिक पहचाना जाने लगेगा।
ईमानदारी से कंटैंट लिखें – आपका ब्लॉग हमेशा रियल होना चाहिए और साथ ही उसमे लिखा हुआ सभी कंटैंट रियल और सही होना चाहिए जिससे रीडर्स आपके ब्लॉग पर और अधिक भरोसा करेंगे और कंटैंट को पढ़ने के लिए आएंगे।
Social Media पर हमेशा एक्टिव रहें – यदि आप भी एक सफल ब्लॉगर बनने की चाह रखते हैं, तो आपको हमेशा Social Media पर एक्टिव रहना चाहिए और अपने रीडर्स की पहुँच मे रहना चाहिए।
Negativity को इग्नोर करें – यदि आप एक सफल ब्लॉगर बनना चाहते हैं, तो यह सबसे महत्वपूर्ण टिप्स मे से एक है हमेशा पॉजिटिव रहें और जितना हो सके उतना Negativity को इग्नोर करें।

हमे उम्मीद है इस लेख के जरिये आप Blog kya hai और Kaise Blogging Start Karen के बारे मे जान चुके होंगे। यदि आप ऐसे ही अन्य लेखों को भी पढ़ना चाहते हैं, तो हमारे साथ बने रहें।


यदि आप भी अपने खुद के ब्लॉग की शुरुआत करना चाहते हैं, और डिजिटल मार्केटिंग सम्बंधित किसी भी तरह की मदद चाहते हैं, तो हमसे संपर्क करें। साथ ही आप यहाँ हमारी विभिन्न सेवाओं के बारे में जानकारी पा सकते हैं। हमारी सेवायें

सुशांत सिंह राजपूत बायोग्राफी – आखिर Sushant Singh Rajput ने आत्महत्या क्यों की?



टीवी की दुनिया से शाहरुख खान, विद्या बालन, इरफान खान जैसे कई बड़े सितारों ने बॉलीवुड में खास मुकाम हासिल किया और इनमें से एक नाम सुशांत सिंह राजपूत का भी रहा। 14 जून की दोपहर Sushant Singh Rajput ने आत्महत्या कर ली, उनके निधन की खबर सामने आते ही पूरा देश स्तब्ध और दुखी हो गया। 34 साल के सुशांत फिल्मों में अच्छा मुकाम हासिल कर चुके थे और उनकी आखिरी फिल्म छिछोरे सुपरहिट रही। उनका जीवन पटना से दिल्ली और फिर मुंबई तक का काफी संघर्ष भरा रहा लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। फिर उन्होंने ऐसा क्यों किया ये एक रहस्य बन गया। फिलहाल हम आपको उनके जीवन के सफर के बारे में बताने जा रहे हैं।

सुशांत सिंह राजपूत का प्रारंभिक जीवन | Sushant Singh Rajput Biography

सुशांत सिंह राजपूत का परिवार बिहार के पुर्णिया का रहने वाला है लेकिन उनके पिता के.के सिंह एक सरकारी अधिकारी थे जो पटना में काम करते थे तो उनका जन्म 21 जनवरी, 1986 को पटना में हुआ था। Sushant Singh Rajput 4 बहनों में एकलौते भाई थे इनमें से 3 बड़ी और एक छोटी बहन है। सुशांत की मां का निधन साल 2002 में हो गया था तब उनका परिवार दिल्ली आ गया था। सुशांत की शुरुआती पढ़ाई पटना में हुई लेकिन बाद में Delhi Technological University में एडमिशन ले लिया। सुशांत पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहे हैं और फिजिक्स में नेशनल ओलंपिक विनर भी रहे हैं। इंजीनियरिंग के प्रवेश परीक्षा में सुशांत ने 11 बार पास आउट किया, इसमें से इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स का नाम भी शामिल है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ ही उन्होंने Shiamak Davar की डांस क्लासेस ज्वाइन किए।

सुशांत सिंह राजपूत का प्रारंभिक जीवन

इसके बाद उनका झुकाव ग्लैमर की तरफ बढ़ा और उन्होंने एक्टिंग में करियर बनाने का मन बनाया। सुशांत ने बैरी जॉन ड्रामा क्लासेस ज्वाइन किया। डांस सीखने के दौरान ही फिल्म धूम 2006 के टाइटल ट्रैक में ऋतिक के बैकग्राउंड डांसर के लिए इनकी डांस स्कूल से एक ग्रुप भेजा जाना था। सुशांत का झुकाव फिल्मी दुनिया की तरफ था तो उन्होंने अपना नाम ग्रुप में फाइनल करवाया और मुंबई के लिए रवाना हो गए। सुशांत ने थर्ड ईयर के आखिरी सैमेस्टर में लास्ट ईयर के बाद

सुशांत सिंह राजपूत का फिल्मी करियर | Sushant Singh Rajput Career

मुंबई आने के बाद सुशांत सिंह राजपूत ने नदिरा बब्बर के Ekjute theatre group ज्वाइन किया। यहां करीब डेढ़ साल सीखने के बाद उन्हें पहला ब्रेक Nestle Munch के विज्ञापन में मिला। साल 2008 में बालाजी टेलीफिल्म्स की हेड एकता कपूर की नजर सुशांत पर गई और उन्होंने अपने शो ‘किस देश में है मेरा दिल’ के लिए उन्हें ऑफर दिया। सुशांत ने इसे स्वीकार किया और उनका अभिनय करियर शुरु हो गया। इस सीरियल में सुशांत सेकेंड लीड रोल में थे लेकिन साल 2009 में आए सीरियल पवित्र रिश्ता में उन्हें लीड रोल मिला और खास पहचान उन्हें इसी सीरियल के मानव नाम से मिली। घर-घर में लोग इन्हें इसी नाम से पहचानने लगे, इसी सीरियल में उनकी मुलाकात एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे से हुई थी जिनके साथ इनका लंबा रिलेशनशिप चला। इस दौरान सुशांत ने जरा नच के दिखा और झलक दिखला जा जैसे डांस रिएलिटी शोज में अपनी पार्टनर अंकिता के साथ पार्टिसिपेट किया था। साल 2013 में सुशांत को फिल्म काई पोचे से ऑफर आया और उन्होंने सीरियल छोड़ दिया।


सुशांत सिंह राजपूत का फिल्मी करियर

फिल्म में Sushant Singh Rajput के साथ राजकुमार राव और अमित मुख्य किरदार में थे, फिल्म सुपरहिट हुई और यहां से सुशांत का बॉलीवुड करियर शुरु हुआ। इसके बाद सुशांत ने एम.एस धोनी, छिछोरे, केदारनाथ, राब्ता, पीके, शुद्ध देसी रोमांस, सोनचिरईया जैसी सुपरहिट फिल्में दीं। सुशांत की आने वाली फिल्मों में पानी और दिल बेचारा जैसी फिल्में शामिल हैं।

सुशांत सिंह का निजी जीवन | Sushant Singh Rajput Personal life

सुशांत सिंह का निजी जीवनसीरियल पवित्र रिश्ता के दौरान ही उनकी नजदीकी अंकिता लोखंडे के साथ बढ़ी और इन्होंने कुछ समय बाद शादी का फैसला कर लिया। खबरों की माने तो फिल्मी दुनिया में आने के बाद सुशांत अंकिता को ज्यादा समय नहीं दे पाते थे और दूसरी एक्ट्रेसेस के साथ ज्यादा समय बिताने लगे। इसके बाद सुशांत और अंकिता के बीच झगडे होने लगे और अंत में साल 2016 तक आते-आते दोनों का रिश्ता टूट गया। सुशांत का नाम कृति सेनन के साथ भी जोड़ा गया लेकिन कृति ने इसे सिर्फ अफवाह बताया। सुशांत और अंकिता काफी नजदीक आ गए थे और वे पब्लिक प्लेज पर लिप किस करते कई बार नजर भी आए। मगर अलग होने के बाद दोनों ने कभी एक-दूसरे की बात नहीं की। Sushant Singh Rajput अपनी मां के बहुत करीब थे, 16 साल की उम्र में उन्होंने अपनी मां को खोया था और इंस्टाग्राम पर 3 जून को उनका आखिरी पोस्ट मां को याद करते हुए ही था। सुशांत सिंह पिछले 6 महीनों से डिप्रेशन के शिकार हो गए थे और काफी परेशान रहने लगे थे।

सुशांत सिंह की पसंद-नापसंद | Sushant Singh Rajput Likes-Dislikes

सुशांत सिंह राजपूत ने जी सिने अवॉर्ड्स नाइट्स में अपनी परफोर्मेंस के दौरान बताया था कि वे इन तीन लोगों के कारण ही आज इस मुकाम पर खड़े हैं। इनमें से सबसे पहले शामक दावर हैं जहां से सुशांत ने डांस क्लासेस ली थी, इसके बाद जी टीवी का नाम लिया जहां से उन्हें लोकप्रियता मिली और लास्ट में सुशांत ने शाहरुख खान का नाम लिया। बता दें Sushant Singh Rajput बचपन से ही शाहरुख खान के फैन रहे हैं और उन्होंने अपने हर इंटरव्यू में कहा कि वे थोड़ा बहुत शाहरुख खान को कॉपी करने की कोशिश भी करते हैं। शाहरुख खान ने भी अपने करियर की शुरुआत छोटे पर्दे से की थी और सुशांत सिंह राजपूत ने भी ऐसा ही किया। सुशांत सिंह राजपूत को राजमा चावल, आलू के पराठे, पूरन पोली, लस्सी और पास्ता बेहद पसंद था।सुशांत सिंह की पसंद-नापसंद

इसके अलावा वे डांस और वीडियो गेम के काफी शौकीन थे। सुशांत को किताबें पढ़ना, अपने डॉगी के साथ समय बिताना और म्यूजिक सुनना पसंद था। सुशांत ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें झूठे लोग बिल्कुल नहीं पसंद और खाने में उन्हें बहुत कम चीजें थी जो नहीं पसंद थी वरना वे सबकुछ खा लेते थे।

सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु | Sushant Singh Rajput Death

14 जून, 2020 की दोपहर के खाने के लिए जब सुशांत के नौकर ने उनके कमरे का दरवाजा नॉक किया तो कोई हलचल नहीं हुई। इसके बाद नौकर ने घर में मौजूद मैनेजर को बताया और नीचे के फ्लोर में रहने वाले एक दोस्त को बताया। वे आए और दरवाजा नॉक करते रहे लेकिन कोई हलचल नहीं हुई। इसके बाद Sushant Singh Rajput की छोटी बहन को फोन किया गया जो गोरेगांव में रहती हैं, वे जैसे वहां पहुंची तो चाभी वाले को बुलवाया और दरवाजा का लॉक तोड़ गया। अंदर जाकर देखा तो सुशांत की लाश पंखे से लटकी मिली, सुशांत की बहन का बुरा हाल हुआ और दोस्त ने पुलिस को बुलाया।

सुशांत सिंह राजपूत की मरने के बाद की तस्वीर

सुशांत की आत्महत्या की वजह अभी साफतौर पर सामने नहीं आई है, मगर उनके दोस्तों का कहना है कि 6 महीने से वो डिप्रेशन में थे। बता दें कुछ ही दिनों पहले उनकी एक्स मैनेजर ने सुसाइड किया था और पिछले ही हफ्ते उनकी एक्स गर्लफ्रेंड अंकिता लोखंडे ने एक बिजनेसमैन के साथ सगाई कर ली थी।

Content and Image Source – Rochaksafar


काजू के फायदे और नुकसान – Kaju Khane ke Fayde aur Nuksan यहाँ जानें!



काजू के फायदे और नुकसान  – अक्सर लोगों को अपनी सेहत के बारे में चिंता रहती है और उन्हें ड्राई-फ्रूट्स खाने की सलाह दी जती है तो उनके मन में ड्राई-फ्रूट्स के नाम पर kaju badam का ही नाम आता होगा. काजू खाने में जितन स्वादिष्ट लगता है उसे kaju tree से लेकर आने और भूनने में जो भी मेहनत लगती है उसके बाारे में शायद ही आप जानते हों. बहुत ही कम लोगों को kaju in english पता होती है तो हम आपको बता दें कि इसे इंग्लिश में Cashew कहते हैं. आज इस लेख में हम आपको बताएंगे kaju benefits in hindi, जिसके बारे में आपको डिटेल से जानना चाहिए. इसके अलावा आपको Kaju Khane ke nuksan के बारे में भी बताएंगे. तो चलिये आगे बढ़ते हैं और इस लेख के जरिये Kaju Khane ke fayde aur nuksan hindi me जानते हैं. इन्हे भी पढ़ें – विटामिन और उनके स्रोत की सूची

काजू के फायदे और नुकसान (Advantages and disadvantages of cashew nut in Hindi)

काजू खाने के फायदे | Kaju Khane Ke Fayde

  1. काजू खाने से शरीर में एक ऊर्जा आती है और इसे हर रोज खाने से कोई खास नुकसान नहीं होता है लेकिन इसे ज्याद मात्रा में खाना नुकसान साबित हो सकता है.
  2. Kaju में प्रोटीन भरी मात्रा में पाय जाता है जिसे खाने से बाल और त्वचा में सुंदरता आती है. कई Beauty Tips में काजू खाने के बारे में जरूर बताया जाता है.
  3. काजू में कैलोस्ट्रोल कंट्रोल रखने की पावर होती है और इसमें प्रोटीन ज्यादा होता है तो यह जल्दी पच भी जाता है. काजू आयरन का अच्छा स्त्रोत माना जत है, इसमें खून की कमी दूर करने की क्षमता होती है.
  4. मिठाईयों में kaju katli के बहुत लोग दीवाने होते हैं, खासकर ये शूगर पेशंट को खानी चाहिए क्योंकि इसमें जीरो परसेंट कैलोरी और मिटास पाई जाती है फिर भी ये स्वादिष्ट लगता है.
  5. काजू में एंटी ऑक्सीडेंट पाचन क्रिया मजबूत होती है और वजन भी संतुलित बना रहता है.
  6. काजू में विटामिन-बी का खजाना होता है और ये भूखे पेट खाकर शहद खा लें इससे याद्दाश्त की शक्ति बढ़ती है. काजू खने से यूरिक एसिड
  7. बनना बंद हो जाता है और इसके सेवन से बीपी भी कंट्रोल में रहता है.
  8. कैंसर की शिकायत होने पर हर रोज काजू खाना चाहिए. इसमें प्रोएंथोसायनीडीन्स, फ्लावोनोल्स का एक वर्ग पाया जाता है जो ट्यूमर कोशिकाओं के खिलाफ लड़ने के खिलाफ लड़ने में मदद करता है.
  9. काजू में मौजूद सोडियम की मात्रा बहुत कम होती है. इसमें पोटैशियम और मैग्नीशियम बहुत ज्यादा होती है जो हमारे रक्तचाप को नियंत्रित करती है.
  10. काजू में मौजूद मैग्नीशियम हमारी हड्डियों को अंदर से मजबूत बनाता है. हमें शरीर के लिए हर दिन 30 से 750 मिली ग्राम मैग्नीशियम की जरूरत होती है और हड्डियों की मजबूती के लिए हर दिन काजू खाया जा सकता है.
  11. हर दिन नियमित रूप से काजू का सेवन करने से पित्त में पथकी होने का खतरा लगभग 30 प्रतिशत कम हो जाता है.
  12. गर्भवती महिलाओं के लिए Kaju अच्छा आहार माना जाता है. इसमें मौजूद विटामिन्स और मिनिरल्स गर्भ में पल पहे बच्चे के लिए बहुत लाभदायक होता है.

काजू खाने के नुकसान | Kaju khane ke nuksaan

दुनिया में जितनी भी चीजें हैं उन सबमें हर चीज का फायदा और नुकसान दोनों होता है क्योंकि हर चीज परफेक्ट हो ये जरूरी नहीं होता. इसलिए हम आपके फेवरेट Kaju के बारे में कुछ नुकसानों के बारे में भी बताएंगे…

  1. काजू अगर हमें शारीरिक लाभ देता है तो इसका ज्यादा सेवन हमारे शरीर के लिए अच्छा नहीं माना जाता है.
  2. ज्यादा मात्रा में काजू का सेवन हाई ब्लड प्रेशर को और बढ़ा सकता है क्योंकि इसमें सोडियम कम लेकिन बीपी के पेशंट के लिए भरपूर मात्रा में पाया जाता है.
  3. ज्यादा मात्रा काजू में कैलोरी ज्यादा मात्रा में पायी जाती है और इसका ज्यादा सेवन आपके वजन को बढ़ा सकता है.
  4. सिरदर्द और माइग्रेन से पीड़ित लोगों को ज्यादा काजू नहीं खाना चाहिए, इसमें मौजूद अमीनो एसिड सिरदर्द और माइग्रेन में बहुत नुकसान करता है.
  5. काजू का ज्यादा सेवन आपके पेट को खराब कर सकता है और इससे संबंधित आपको कई समस्याएं भी हो सकती हैं.

हमे उम्मीद है कि इस लेख के जरिये आप काजू के फायदे और नुकसान के बारे में पूर्ण जानकारी जान चुके हैं यदि आपको काजू के फायदे और नुकसान से संबंधित कोई  प्रश्न है तो आप हमे कमेंट बॉक्स मे साझा करना न भूलें.


Image Source – Aajtak
Content Source – Rochaksafar

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