भारत के बेस्ट सेविंग प्लान कौन-कौन से हैं | Best Savings Plan 2022 List in Hindi



हम में से ज्यादातर लोग यह तो जानते हैं कि भविष्य के लिए पैसा बचाना अपने आने वाले लक्ष्यों को प्राप्त करने, संपत्ति खरीदने और आराम से रिटायर होने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन चीजें तब अनिश्चित होना शुरू हो जाती हैं जब आप यह सोचना शुरू करते हैं कि कितना पैसा बचाना है और अपने पैसे को कहाँ बचाना है कितना बचाना है? हालांकि इसका कोई निश्चित उत्तर नहीं है, अधिकांश फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स आपको अपनी आय का 10% बचाने की सलाह देते हैं। कहाँ बचाना है? बाजार में कई बचत योजनाएं उपलब्ध हैं जहाँ आप अपना पैसा निवेश कर सकते हैं। हालांकि, इतने सारे विकल्पों के साथ आप अपने लिए सबसे अच्छी बचत योजना चुनने के बारे में आसानी से भ्रमित हो सकते हैं और इसी समस्या के समाधान के लिए आज हम आपको इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि भारत के बेस्ट सेविंग प्लान कौन-कौन (Best Savings Plan in Hindi) से है और हमें कहाँ-कहाँ अपना इन्वेस्ट करना चाहिए।  

सेविंग प्लान ऐसे साधन हैं जो हर व्यक्ति को एक विशेष अवधि में अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करते हैं। ये प्लान्स भारत सरकार, सार्वजनिक/निजी क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा तैयार किये जाते हैं। सरकार या बैंक इन योजनाओं के लिए ब्याज दर तय करते हैं और समय-समय पर अपडेट करते हैं। आप इन योजनाओं के माध्यम से होने वाली बचत का उपयोग आपात स्थिति, सेवानिवृत्ति, उच्च शिक्षा, बच्चों की शिक्षा, शादी, नौकरी छूटने के समय और कर्ज चुकाने आदि के लिए कर सकते हैं।

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बेस्ट इन्वेस्टमेंट प्लान कैसे चुनें? | How to Choose Best Savings Plan in Hindi 

बेस्ट इन्वेस्टमेंट प्लान चुनते समय आपको निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • लक्ष्य विश्लेषण: अपने वित्तीय लक्ष्यों और आवश्यकताओं का विश्लेषण करें। 
  • एक रणनीति बनाएं: अपनी आवश्यकताओं के अनुसार बेस्ट इन्वेस्टमेंट प्लान चुनने की रणनीति बनाएं। 
  • पॉलिसी अवधि का मूल्यांकन करें: आश्रितों की संख्या आदि जैसे कई कारकों को ध्यान में रखते हुए, उस अवधि का मूल्यांकन करें जिसके लिए आप निवेश करना चाहते हैं।
  • सुविधाओं की तुलना करें: किसी योजना में निवेश करने से पहले कई सुविधाओं जैसे कवर, राइडर्स, प्रीमियम, पेआउट प्रकार, रिटर्न आदि की तुलना करें। 
  • डायवर्सिफाई इन्वेस्टमेंट: डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो में जाने की सलाह दी जाती है। इसका मतलब है, एक निवेश योजना में निवेश करने के बजाय, आपको कई इन्वेस्टमेंट प्लान का चयन करना चाहिए। 
  • समय-समय पर निवेश की निगरानी करें: समय-समय पर अपनी इन्वेस्टमेंट प्लान्स (Best Savings Plan in Hindi ) की समीक्षा करें। 

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इन्वेस्टमेंट करने से पहले क्या करें ?

किसी भी योजना में इन्वेस्ट करने से से पहले आपको निम्नलिखित कारकों को ध्यान में रखना चाहिए:

    • वित्तीय लक्ष्य: आने वाले में लगने वाले पैसे के बारे में स्पष्टता आपको यह तय करने में मदद करेगी कि आपको किस प्रकार की निवेश योजना खरीदनी चाहिए। लक्ष्यों में घर खरीदना, कार, शादी, बच्चे की शिक्षा/विवाह, या पैसों को इकट्ठा करना शामिल हो सकता है। निवेश विकल्पों में से यूलिप, आपके अल्पकालिक लक्ष्यों को पूरा करने में भी आपकी मदद कर सकता है। यदि आपका परिवार छोटा है, या आपने अभी अपना करियर शुरू किया है, तो आप अपने अल्पकालिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए यूलिप इन्वेस्ट कर सकते हैं। जबकि यदि आप अपने 40 या 50 के दशक में हैं, तो आपके लिए एंडोमेंट प्लान सबसे बेहतर होगा। इसलिए, निवेश योजना चुनने से पहले, अपने वित्तीय लक्ष्यों के बारे में स्पष्टता होना आवश्यक है।
    • वर्तमान खर्चे और सेविंग्स: किसी भी इन्वेस्टमेंट प्लान में एक निवेशक द्वारा खर्च की जाने वाली राशि वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में एक प्रमुख भूमिका निभाती है। अगर किसी के पास बचत से ज्यादा खर्च है, तो यह संकेत दे सकता है कि वह कवरेज योजनाओं के साथ बड़े अल्पकालिक लक्ष्यों को पूरा करने में सक्षम नहीं हो सकता है। लेकिन अगर निवेशक के पास पूरा करने के लिए बड़े खर्चे नहीं हैं, मान लीजिए कि वह बिना किराए का भुगतान किए अपने घर में रहता है, तो बचत खर्च से अधिक होने की संभावना है। इस मामले में, रिटर्न लाभ के साथ पर्याप्त जीवन बीमा खरीदना एक अच्छा फैसल हो सकता है।
    • भविष्य के खर्च और सेविंग्स: यदि किसी निवेशक का मौजूदा खर्च कम है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि भविष्य के खर्च भी कम होंगे। कभी-कभी, भविष्य के खर्चों की तुलना में वर्तमान खर्च कम होते हैं। उदाहरण के लिए, किसी के कम खर्च हो सकते है क्योंकि उसके बच्चे अभी छोटे हैं। हालाँकि, आने वाले वर्षों में बड़े खर्च अभी भी उनके लिए हो सकते हैं जो बच्चे की शिक्षा या शादी के कारण हो सकते हैं। इस मामले में, निवेशक एक ऐसे इन्वेस्टमेंट प्लान में इन्वेस्ट कर सकता है जहाँ इन्वेस्टर को कुछ ही समय में एक साथ राशि भी मिल जाये और फ्यूचर के लिए भी धन इकट्ठा होता रहे। इसके अलावा, अधिक राशि का निवेश करने से आप भविष्य के लिए अपनी संपत्ति को कई गुना बढ़ा सकते हैं। इसलिए, भविष्य के खर्चों के साथ-साथ बचत की योजना बनाने से आपको निवेश करने के लिए योजना को शॉर्टलिस्ट करने में मदद मिलती है।
    • इमरजेंसी फंड: निवेश योजनाएं न केवल आपकी जरूरतों को पूरा करती हैं बल्कि आपको निर्धारित अवधि के भीतर अपना धन बढ़ाने में मदद करती हैं। आप इस धन का उपयोग घर खरीदने, आने वाले वर्षों में बच्चे की शिक्षा, शादी, या रिटायरमेंट के बाद दैनिक खर्चों को पूरा करने के  लिए कर सकते हैं। यह यूलिप के जरिये संभव है जिसमें चाइल्ड यूलिप प्लान और एंडोमेंट प्लान शामिल हैं। ये योजनाएं आपको भविष्य में खर्चों को पूरा करने में मदद करती हैं। साथ ही चाइल्ड यूलिप एक विशेष सुविधा के साथ आता है जिसे वेवर ऑफ प्रीमियम विकल्प कहा जाता है जो अधिक फायदेमंद साबित होता है।
    • वांछित रिटर्न: निवेश योजनाओं द्वारा दिया जाने वाला रिटर्न निवेशक की देखभाल के लिए पर्याप्त होना चाहिए। निवेशक की आवश्यकता को समझने के लिए, किसी भी व्यक्ति को पॉलिसी खरीदने से पहले अपने खर्चों का विश्लेषण करना चाहिए। यदि आपका कवर आवश्यकता से कम है, तो आपके लिए यूलिप और एंडोमेंट प्लान लेना चाहिए, क्योंकि वे एक ही समय में बहुत आवश्यक सुरक्षा प्रदान करके धन में वृद्धि सुनिश्चित करते हैं।
    • आश्रितों की संख्या: निवेश योजना चुनने से पहले विचार करने वाली अगली बात आश्रितों की संख्या है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह भी निर्धारित करता है कि एक निवेशक को कितनी बीमा राशि की आवश्यकता हो सकती है। आश्रित पति या पत्नी, बच्चे, भाई-बहन, माता-पिता, सास-ससुर, भतीजी, भतीजे आदि हो सकते हैं। यदि निवेशक के पास आश्रित के रूप में केवल जीवनसाथी और बच्चे हैं, तो उसे कम बीमा राशि की आवश्यकता होगी जबकि ज्यादा होंगे तो ज्यादा बीमा राशि की जरूरत होगी। यदि बच्चे छोटे हैं, तो उन्हें भविष्य में शिक्षा या शादी के लिए धन की आवश्यकता होगी। इसलिए, जब आश्रितों की संख्या का ध्यान रखा जाए तो योजना चुनना आसान हो जाएगा।



इंडिया के बेस्ट सेविंग प्लान 2022 | Best Savings Plan in Hindi 2022

नीचे इंडिया के बेस्ट सेविंग प्लान के बारे में आवश्यक विवरण दिया गया है। 

  1. एफडी
  2. आरडी
  3. इनकम टैक्स सेविंग एफडी
  4. डायरेक्ट इक्विटी/स्टॉक
  5. म्यूचुअल फंड
  6. यूलिप
  7. इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम 
सेविंग्स प्लान रिटर्न  कर लाभ इनकम टैक्स देय लॉक-इन अवधि
एफडी 5.5% से 7.5% ₹1.5 लाख तक की कर कटौती रिटर्न कर योग्य 5 वर्ष
आरडी 5% से 8% एक वित्तीय वर्ष में इनकम टैक्स कटौती के रूप में अधिकतम ₹ 1.5 लाख का दावा किया जा सकता है यदि अर्जित ब्याज ₹ 10,000 से अधिक है, तो 10% टीडीएस काटा जाता है  6 महीने – 10 साल
इनकम टैक्स सेविंग एफडी 6.5% से 7.25% एक वित्तीय वर्ष में इनकम टैक्स कटौती के रूप में अधिकतम ₹ 1.5 लाख का दावा किया जा सकता है अर्जित ब्याज कर योग्य है 5 वर्ष
डायरेक्ट  इक्विटी / स्टॉक 12% – 15%  कोई कर नहीं रिटर्न कर योग्य NA
म्यूचुअल फंड 6.5% -7.5%  धारा 80C के तहत रिटर्न कर योग्य NA
इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम  मार्केट लिंक्ड (12-15%) धारा 80C के तहत ₹ 1.5 लाख तक कटौती के लिए पात्र  ₹ 1 लाख से अधिक लाभ पर 10% इनकम टैक्स 3 वर्ष
यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान  यूलिप फंड प्रदर्शन के आधार पर उतार-चढ़ाव पर आधारित होता है  धारा 80C के तहत ₹ 1.5 लाख तक कटौती के लिए पात्र  रिटर्न पर कोई कर नहीं 3 से 5 वर्ष

 

हमें उम्मीद है, कि इस लेख के माध्यम से आप यह तो जान ही चुके होंगे की भारत के बेस्ट इन्वेस्टमेंट प्लान कौन-कौन (Best Savings Plan in Hindi 2022) से हैं। यदि आपको इस लेख से सम्बंधित कोई प्रश्न है या फिर आप किसी अन्य तरह के लेखों को पढ़ने की इच्छा रखते हैं, तो हमें कमेंट सेक्शन में बताएं और इस लेख को ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करें जिससे अन्य लोग भी इस लेख के माध्यम से लाभ ले सकें।

जानें यूलिप क्या है और यूलिप में कैसे इन्वेस्ट करें | What is ULIP Plan in Hindi



यूलिप का फुल फॉर्म यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान है, जो एक बहुआयामी जीवन बीमा (multi-faceted life insurance) है। यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान जीवन बीमा और निवेश का एक संयोजन है। यूलिप के लिए आपको पॉलिसीधारक के रूप में नियमित प्रीमियम भुगतान करने की आवश्यकता होती है, जिसका एक हिस्सा जीवन बीमा कवरेज प्रदान करने के लिए उपयोग किया जाता है तथा शेष को अन्य  पॉलिसीधारकों से प्राप्त संपत्तियों के साथ जमा किया जाता है, और फिर म्यूचुअल फंड के समान वित्तीय साधनों यानी इक्विटी और ऋण में निवेश किया जाता है। यूलिप में निवेश का मतलब है कि आप आपात स्थिति में आर्थिक रूप से सुरक्षित रह सकते हैं और अपना पैसा भी बढ़ा सकते हैं। आगे पढ़ें और जानें यूलिप क्या है ? और यूलिप में कैसे इन्वेस्ट (How to Invest in ULIP in Hindi) करें। 

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यूलिप क्या है ? | What is ULIP in Hindi

यूलिप का फुल फॉर्म यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान है। यूलिप एक बीमा योजना है जो आपके दीर्घकालिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए निवेश का दोहरा लाभ प्रदान करती है, और आकस्मिक घटना के मामले में आपके परिवार की वित्तीय सुरक्षा के लिए एक जीवन बीमा प्रदान करती है। यूलिप यानि यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस के लिए भुगतान किया गया प्रीमियम दो भागों में बांटा जाता है। इसका एक हिस्सा आपके जीवन बीमा में दिया जाता है, और शेष आपकी पसंद के फंड में निवेश किया जाता है। आप अपनी जोखिम लेने की क्षमता और लक्ष्यों के अनुसार इक्विटी, डेट या दोनों फंडों के संयोजन में निवेश करना चुन सकते हैं। यह यूलिप को आपके और आपके परिवार के दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए एक आदर्श निवेश विकल्प बनाता है।

दूसरे शब्दों में कहें तो यूलिप यानी यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान, बीमा + निवेश का एक संयोजन है। निवेश किए गए पैसे का एक छोटा हिस्सा आपके जीवन को सुरक्षित करने में चला जाता है जबकि बाकी पैसा बाजार में निवेश किया जाता है, यानी यूलिप में निवेश करके, आप जीवन बीमा पॉलिसी की वित्तीय सुरक्षा का आनंद ले सकते हैं और साथ ही साथ अपनी बचत भी बढ़ा सकते हैं। पॉलिसीधारक मासिक/वार्षिक प्रीमियम का भुगतान कर सकते हैं। 

यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूलिप) में, किया गया इन्वेस्टमेंट कैपिटल मार्केट्स से जुड़े सभी जोखिमों के अधीन होता है। निवेश पोर्टफोलियो में यह निवेश जोखिम, पॉलिसी धारक द्वारा वहन किया जाता है। इस प्रकार, आपको अपनी जोखिम उठाने की क्षमता और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए निवेश का चुनाव करना चाहिए। एक अन्य कारक जिस पर आपको विचार करने की आवश्यकता है वह है आपकी भविष्य में धन की आवश्यकता जिसका चयन आप यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान लेते समय कर सकते हैं।

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यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान के प्रकार | Types of ULIP in Hindi

यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूलिप) को निम्नलिखित व्यापक मापदंडों के आधार पर वर्गीकृत किया गया है:

यूलिप फंड जिनमें निवेश किया जाता है

  • इक्विटी फंड: जहां भुगतान किया गया प्रीमियम इक्विटी बाजार में निवेश किया जाता है और इस तरह उच्च जोखिम के अधीन होता है।
  • बैलेंस्ड फंड: जहां निवेशकों के लिए जोखिम को कम करने के लिए भुगतान किया गया प्रीमियम ऋण और इक्विटी बाजार के बीच संतुलित होता है।
  • डेट फंड: जहां प्रीमियम का निवेश डेट इंस्ट्रूमेंट्स में इन्वेस्ट किया जाता है, जिसमें कम जोखिम होता है लेकिन बदले में कम रिटर्न भी मिलता है। 

फंड का उपयोग

  • रिटायरमेंट प्लानिंग: आप में से उन लोगों के लिए जो रिटायरमेंट के दिनों के लिए निवेश करने की योजना बना रहे हैं, जबकि आप अभी भी कार्यरत हैं।
  • बच्चों की शिक्षा: आप अपने बच्चे की शिक्षा के लिए या कुछ अप्रत्याशित परिस्थितियों के लिए बचत करने के लिए बचत के दीर्घकालिक लक्ष्य के साथ निवेश कर सकते हैं।

पॉलिसी धारकों को मृत्यु लाभ

    • टाइप I यूलिप: यह पॉलिसीधारक की मृत्यु के मामले में नॉमिनी को सुनिश्चित राशि या फंड वैल्यू से अधिक का भुगतान करता है।
    • टाइप II यूलिप: यह पॉलिसीधारक की मृत्यु के मामले में नॉमिनी को सुनिश्चित राशि के साथ-साथ फंड वैल्यू का भुगतान करता है।



बेस्ट यूलिप प्लान कैसे चुनें? | How to Choose Best ULIP Plan in Hindi

एक बार जब आप समझ जाते हैं कि यूलिप प्लान क्या है, तो अगला कदम आपके लिए सबसे उपयुक्त पॉलिसी चुनना है क्योंकि कई तरह के विकल्प उपलब्ध हैं। इसलिए, यूलिप प्लान में निवेश करने से पहले, आपको भारत में उपलब्ध सर्वोत्तम यूलिप प्लान को चुनने के लिए तुलना और मूल्यांकन पर विचार करना चाहिए। सबसे अच्छा यूलिप प्लान चुनते समय ध्यान रखने योग्य कुछ प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • अपने लक्ष्यों का मूल्यांकन करें
  • सही जीवन बीमा कवर राशि चुनें
  • विस्तारित निवेश अवधि के लिए निवेश करें
  • यूलिप शुल्क जानें
  • धारा 80सी और 10 (10डी) के तहत अधिकतम इनकम टैक्स का लाभ प्राप्त करें

यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूलिप) के लाभ

इनकम टैक्स का लाभ – यूलिप निवेश पर भुगतान किया गया प्रीमियम आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80C के तहत इनकम टैक्स की कटौती के लिए पात्र है। वार्षिक प्रीमियम के रूप में भुगतान की गई ₹1.5 लाख तक की राशि इनकम टैक्स से मुक्त रहती है।

इसके अलावा, मैच्योरिटी बेनिफिट को भी सेक्शन 10 (10D) के तहत टैक्स से छूट दी गई है। 

फ्लेक्सिबिलिटी – यूलिप प्लान आपको अपने वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करते हैं। आप इक्विटी फंड, डेट फंड या दोनों के संयोजन में निवेश कर सकते हैं। साथ ही, यूलिप प्लान आपको इक्विटी से डेट और इसके विपरीत स्विच करने की सुविधा भी देते हैं। इसलिए, अगर आपको लगता है कि आपका निवेश पोर्टफोलियो सही रिटर्न नहीं दे रहा है, तो आप इसमें बदलाव कर सकते हैं और उच्च रिटर्न के लिए इन्वेस्ट कर सकते हैं।

इसके अलावा, आप अपने मौजूदा प्रीमियम के अलावा अतिरिक्त पूंजी निवेश कर सकते हैं। यह आपकी वित्तीय स्थितियों के आधार पर इन्वेस्ट किया जा सकता है।

पारदर्शिता – यूलिप प्लान खरीदने से पहले बीमा कंपनी द्वारा चार्ज स्ट्रक्चर, निवेश का मूल्य और रिटर्न की अपेक्षित दर जैसे महत्वपूर्ण पॉइंट्स साझा किए जाते हैं।

लिक्विडिटी – यूलिप प्लान के साथ, आपको पॉलिसी में आंशिक निकासी का विकल्प मिलता है। इस विकल्प के साथ, आप आपातकालीन खर्चों, बच्चे की शिक्षा, या किसी अन्य कार्य के लिए निकासी कर सकते हैं। आम तौर पर, आंशिक निकासी का विकल्प मुफ़्त होता है और लॉक-इन अवधि समाप्त होने के बाद इसका लाभ उठाया जा सकता है।

बाजार से जुड़े रिटर्न – आप बाजार से जुड़े यूलिप रिटर्न से भी उच्च लाभ का आनंद ले सकते हैं। यह संभव है क्योंकि आपके प्रीमियम का एक हिस्सा आपकी पसंद के फंड में निवेश किया जाता है। ये फंड या तो इक्विटी ओरिएंटेड, डेट फंड या दोनों का संयोजन हो सकते हैं।

यूलिप कैसे काम करता है?

यूलिप लाइफ इन्शुरन्स प्लान्स की एक केटेगरी है जो आपको जीवन बीमा के साथ-साथ आपके धन की वृद्धि का लाभ प्रदान करती है। वे आपके प्रीमियम का एक हिस्सा आपके लिए जीवन बीमा के लिए निवेश करते हैं, और बाकी आपकी पसंद के फंड में निवेश करते हैं। अधिकांश यूलिप आपको कई इक्विटी और डेट फंडों में से चुनने का विकल्प देते हैं। आप अपनी जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार दोनों तरह के फंडों में भी निवेश कर सकते हैं। आपकी योजना से मिलने वाला रिटर्न आपके द्वारा चुने गए फंड के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।

हमें उम्मीद है, कि इस लेख के माध्यम से आप यह तो जान ही चुके होंगे की यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूलिप) क्या है और इसके आवश्यक विवरण कौन-कौन से हैं। यदि आपको इस लेख से सम्बंधित कोई प्रश्न है या फिर आप किसी अन्य तरह के लेखों को पढ़ने की इच्छा रखते हैं, तो हमें कमेंट सेक्शन में बताएं और इस लेख को ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करें जिससे अन्य लोग भी इस लेख के माध्यम से लाभ ले सकें। 

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