पेंशन कैलकुलेटर क्या है ? | यहाँ जानें Pension Calculator के बारे में पूर्ण जानकारी!



पेंशन कैलकुलेटर एक ऐसा ऑनलाइन टूल्स है, जो किसी भी व्यक्ति द्वारा पेंशन स्कीम के तहत रिटायरमेंट के समय मिलने वाले एस्टिमेटेड लम्प सम अमाउंट और पेंशन अमाउंट की गणना करने करने में सहायता करता है। पेंशन स्कीम कैलकुलेटर ( Pension Scheme Calculator) वह टूल्स है जहाँ आप कुछ निर्धारित फील्ड में अपनी इन्वेस्टमेंट की राशि को फिल करके आपके रिटायरमेंट के समय में मिलने वाली राशि का पता लगाने में सक्षम हो सकते हैं।  

रिटायरमेंट या पेंशन कैलकुलेटर के साथ अपनी रिटायरमेंट की प्लानिंग बनाना आसान हो जाता है। यह एक ऐसा टूल्स है जो आपको यह अनुमान लगाने में मदद करता है कि आपके रिटायरमेंट के वर्षों में आपको कितनी इनकम या धन की आवश्यकता होगी। 

यहाँ पढ़ें – भारत के बेस्ट सेविंग प्लान कौन-कौन से हैं?

पेंशन कैलकुलेटर रिटायरमेंट प्लानिंग में कैसे मदद करता है | How pension calculator helps in Retirement Planning in Hindi

रिटायरमेंट के बाद भले ही कोई काम करना बंद कर दे, लेकिन खर्चे नहीं रुकते हैं इसलिए रिटायरमेंट की प्लानिंग करना बहुत जरुरी है। पेंशन कैलकुलेटर रिटायरमेंट की प्लानिंग के लिए एक इफेक्टिव टूल्स (Effective Tools) है। एक पेंशन कैलकुलेटर इस बात की जानकारी प्रदान करता है कि रिटायरमेंट के बाद एक आरामदायक जीवन जीने के लिए कितनी राशि की आवश्यकता होगी। जानकारी जानने के लिए, एक पेंशन कैलकुलेटर को कुछ जानकारी की आवश्यकता होती है, जिनके बारे में हम विस्तृत विवरण नीचे जानेंगे। 

  • जन्म तिथि (डीओबी) – आपकी डेट ऑफ़ बर्थ के आधार पर, पेंशन स्कीम कैलकुलेटर (Pension Scheme Calculator) रिटायरमेंट के बाद आवश्यक डिपाजिट अमाउंट के लिए आपको योजना में योगदान करने के लिए कितने वर्षों की आवश्यकता होगी, इसकी गणना (Calculation) करेगा।
  • इन्वेस्टमेंट अमाउंट– इसके तहत उस अमाउंट की आवश्यक होगी जो आप प्रति माह (Per Months) इन्वेस्ट करना चाहते हैं।
  • इन्वेस्टमेंट के बाद मिलने वाला एक्सपेक्टेड अमाउंट – इन्वेस्टमेंट के बाद मिलने वाले एक्सपेक्टेड अमाउंट। 
  • एक्सपेक्टेड एन्युटी रेट – एक्सपेक्टेड एन्युटी रेट अर्थात एन्युटी (annuity) की वह राशि जो आप अपनी पेंशन से प्राप्त करना चाहते हैं।

एक बार जब आप सभी विवरण दर्ज कर लेते हैं, तो पेंशन कैलकुलेटर एक साथ एस्टिमेटेड लम्प सम अमाउंट (Estimated Lump Sum Amount) और मचुरिटी (Maturity) के समय आपको मिलने वाली पेंशन राशि (Pension Amount) की गणना करेगा।

पेंशन कैलकुलेटर के लाभ | Benefits of Pension Calculator in Hindi

पेंशन कैलकुलेटर एक विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया ऑनलाइन टूल्स (Online Tools) है जो एस्टिमेटेड पेंशन अमाउंट की गणना करता है जो कि आपको रिटायरमेंट के समय प्राप्त होगी। ऑनलाइन एनपीएस कैलकुलेटर के लाभ निम्नलिखित हैं।

  • यह समय बचाता है क्योंकि आपको कोई मैन्युअल गणना करने और हर बार सही परिणाम प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं होती है।
  • आपको इस बात की स्पष्ट जानकारी हो सकती है कि आवश्यक पेंशन अमाउंट प्राप्त करने के लिए आपको कितना इन्वेस्ट करने की आवश्यकता है। इसके अलावा, यह आपको फाइनेंसियल प्लानिंग को अधिक कुशलता से करने में भी मदद करता है।
  • कैलकुलेटर की मदद से आप रिटायरमेंट के बाद पेंशन के रूप में मिलने वाली अनुमानित राशि का पता लगा सकते हैं।

जानें यूलिप क्या है और यूलिप में कैसे इन्वेस्ट करें

रिटायरमेंट प्लानिंग के लाभ | Benefits of Retirement Planning in Hindi

किसी भी व्यक्ति के रिटायरमेंट के बाद के जीवन को उसके जीवन का स्वर्णिम काल (golden age) कहा जाता है। यह वह समय होता है जब व्यक्ति अपने शौक को व्यवसायों में परिवर्तित करता है। इन सभी इच्छाओं को पूरा करने और रिटायरमेंट के बाद एक आरामदायक जीवन पाने के लिए, वर्षों की दृढ़ता के साथ अच्छी प्लानिंग और एक व्यापक प्रक्रिया की आवश्यकता होती है, जो हमारे पेंशन कैलकुलेटर का उपयोग करके की जाती है।

पेंशन कैलकुलेटर के माध्यम से रिटायरमेंट के लिए उपयुक्त योजना क्यों महत्वपूर्ण है, इसके विभिन्न कारण निम्नलिखित हैं:

जीवन प्रत्याशा में वृद्धि (Increased life Expectancy) बेहतर मेडिकल और हेल्थ सुविधा के साथ, हमारी पीढ़ी में जीवन प्रत्याशा (life Expectancy) पिछली पीढ़ी की तुलना में अधिक है। स्वाभाविक रूप से, जब आप अधिक जीते हैं, तो आपकी स्वास्थ्य देखभाल की जरूरतें और अन्य खर्च भी बढ़ जाते हैं। इसका मतलब यह भी है कि अच्छी तरह से प्लानिंग बनाने और लंबे जीवन को अच्छा बनाए रखने के लिए पर्याप्त धन इकट्ठा करने के लिए हमारे पेंशन कैलकुलेटर का उपयोग करने की आवश्यकता है।
अपर्याप्त नियोक्ता वित्त पोषित पेंशन (Insufficient Employer Funded Pension) आमतौर पर, एम्प्लायर या गवर्नमेंट द्वारा फंडेड पेंशन, रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने और एक व्यक्ति की जीवन शैली को बनाए रखने के लिए अपर्याप्त है। 
व्यक्तिवाद (Individualism) बच्चों और परिवार के हेल्पिंग होने या न होने के बावजूद, अधिकांश लोग, जिन्होंने अपने और अपने परिवार के लिए जीवन भर कमाया है, रिटायरमेंट के बाद अपने खर्चों को पूरा करने के लिए अपने बच्चों या परिवार के सदस्यों पर निर्भर नहीं रहना चाहेंगे। और, एक स्वतंत्र जीवन शैली को बनाए रखना तभी संभव है जब आपके पास अपने सुनहरे वर्षों के लिए एक इफेक्टिव प्लानिंग और पर्याप्त राशि हो। पेंशन कैलकुलेटर का उपयोग, आपके लिए पर्याप्त राशि का आकलन करने का तरीका है।
सामाजिक सुरक्षा प्रणाली (Social Security System) हमारे देश का सोशल सिक्योरिटी सिस्टम लगभग सभी पहलुओं में पिछड़ रहा है। इसलिए, यह जरूरी है कि एक व्यक्ति एक ऐसे फंड का निर्माण करने के लिए पहले से ही योजना बना ले जो रेगुलर एक्सपेंसेस को पूरा करने या सेवानिवृत्ति (Retirement) के बाद किसी भी अनएक्सपेक्टेड सिचुएशन को संभालने के लिए पर्याप्त हो। 



पेंशन रिटायरमेंट कैलकुलेटर का उपयोग कैसे करें | How to Use the Pension Retirement Calculator in Hindi

पेंशन या रिटायरमेंट कैलकुलेटर उपयोग में आसान उपकरण है जिसे ऑनलाइन उपयोग किया जा सकता है। यह रिटायरमेंट योजना को सुविधाजनक (convenient) और परेशानी मुक्त (hassle free) बनाता है। भारत में विभिन्न प्रकार की रिटायरमेंट स्कीम्स के साथ, कुशल रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए एक इफेक्टिव पेंशन कैलकुलेटर आवश्यक है। सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त करने के लिए, आपको पेंशन कैलकुलेटर को कुछ विवरण प्रदान करने होंगे।

  1. पेंशन कैलकुलेटर पहले चरण में मासिक खर्च (Monthly Expenses) के लिए पूछता है। सटीक मासिक खर्च (Exact Monthly Expenses) प्रदान करना महत्वपूर्ण है क्योंकि रिटायरमेंट के बाद के खर्चों का अनुमान वर्तमान खर्चों के आधार पर लगाया जाता है।
  2. मासिक खर्च (Monthly Expenses) के बाद, पेंशन कैलकुलेटर आपके द्वारा काम करने की योजना के वर्षों की संख्या के लिए पूछता है। वर्षों की संख्या जितनी अधिक होगी इन्वेस्टमेंट की अवधि उतनी ही अधिक होगी और रिटायरमेंट फंड भी बड़ा होगा। कोई भी 5 से 30 साल के बीच चयन कर सकता है।
  3. पेंशन कैलकुलेटर यह पूछता है कि आप रिटायरमेंट के बाद कितने साल के लिए इसका इस्तेमाल करने की प्लानिंग बना रहे हैं। यदि आप रिटायरमेंट के बाद के लंबे चरण की योजना बना रहे हैं, तो आपको एक बड़े फंड की आवश्यकता होगी।
  4. अगले चरण में, आपको अपेक्षित मुद्रास्फीति दर (expected inflation rate) प्रदान करना होगा। रिटायरमेंट प्लानिंग में मुद्रास्फीति एक महत्वपूर्ण कारक है। मुद्रास्फीति रिटायरमेंट फंड के मूल्य को गंभीर रूप से नष्ट कर सकती है। 
  5. पेंशन कैलकुलेटर इन्फ्लेशन रेट के बाद रिटर्न के लिए एक्सपेक्टेड रेट पूछता है। रिटर्न की वार्षिक दर रिटायरमेंट फंड की अवधि और आकार का निर्धारण करेगी। 
  6. अंतिम चरण में, पेंशन कैलकुलेटर रिटायरमेंट लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आवश्यक अमाउंट दिखता है। इसके अतिरिक्त, कैलकुलेटर रिटायरमेंट पर वर्तमान खर्चों का मूल्य भी दिखाता है।

हमें उम्मीद है कि इस लेख ने आपको पेंशन कैलकुलेटर के बारे में सभी विवरण जानने में मदद की है। आप ऊपर बताये गए टिप्स और पेंशन कैलकुलेटर के उपयोग से अपने भविष्य की राह को सुरक्षित कर सकते हैं। 

मिडिल क्लास के लिए बेस्ट फिक्स्ड डिपॉजिट प्लान्स 2022 की सूची यहाँ देखें!



बैंक सावधि जमा (bank fixed deposits) और कॉर्पोरेट सावधि जमा (Corporate fixed deposits) दोनों भारत के पॉपुलर टर्म इन्वेस्टमेंट प्लान्स हैं। इसके कारण इन्हे कम जोखिम वाले और गारंटीड रिटर्न वाले माना जाता है। लेकिन बेकार पड़े फंड को फिक्स्ड डिपॉजिट करना कहानी का अंत नहीं है। आपको इन्वेस्टमेंट के बेस्ट विकल्पों के माध्यम से अपने पैसे फिक्स्ड डिपॉजिट्स में इन्वेस्ट करना चाहिए।

हम में से अधिकांश लोग कम जोखिम वाले इन्वेस्टमेंट साधन पसंद करते हैं, और उन्ही के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट्स एक ऐसी योजना है, जो कम जोखिम के साथ अच्छा रिटर्न देती है। बैंकों की जमा राशियों से लेकर नॉन-बैंकिंग फाइनेंसियल कंपनीज की जमा राशियों से लेकर डाकघरों की सावधि जमाओं (Post Office Fixed Deposit Plans) तक, निवेशकों (Investors) के पास आज चुनने के लिए FD विकल्पों की एक विस्तृत श्रृंखला (Wide Range) है। कई फैक्टर एक फिक्स्ड डिपॉजिट्स स्कीम को इन्वेस्टमेंट करने के योग्य बनाते हैं जैसे कि इसकी ब्याज दर, इसकी फ्लेक्सिबिलिटी, और इसमें हमारी मेहनत की कमाई को इन्वेस्ट करने के लिए इसकी सुरक्षित प्रकृति। बैंकों की सावधि जमाओं के बारे में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इन जमाओं को डिपाजिट इन्शुरन्स और क्रेडिट गारंटी कारपोरेशन द्वारा सुरक्षित किया जाता है।

जानें यूलिप क्या है और यूलिप में कैसे इन्वेस्ट करें

हालांकि, महामारी के कारण इस साल FD की ब्याज दरों में गिरावट आई है। ऐसी स्थिति में, कुछ छोटे वित्तीय बैंक (Small Financial Banks) और कमर्शियल बैंक्स द्वारा दी जाने वाली बेस्ट फिक्स्ड डिपॉजिट प्लान्स (Best FD Plans Details in Hindi) का उल्लेख नीचे किया गया है:

मिडिल क्लास के लिए बेस्ट फिक्स्ड डिपॉजिट प्लान्स । Best FD Plans Details for Middle Class in Hindi

नीचे हम मिडिल क्लास के लिए बेस्ट फिक्स्ड डिपॉजिट प्लान्स (Best FD Plans Details for Middle Class in Hindi) का एक छोटा सा विवरण प्रदान करने जा रहे हैं।

यहाँ पढ़ें – भारत के बेस्ट सेविंग प्लान कौन-कौन से हैं?

क्रमांक फिक्स्ड डिपॉजिट प्लान्स विशेषताएं
डीसीबी बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट प्लान्स (DCB Bank Fixed Deposits Plans Details in Hindi)
  • कार्यकाल सात दिनों से लेकर 10 वर्ष तक है।
  • ब्याज (Interest) भुगतान के विकल्प लचीले (flexible) हैं।
  • इस योजना में आप न्यूनतम 10,000 रूपये की राशि जमा कर सकते हैं । 
  • FD राशि के 80% तक FD पर लोन लेने की सुविधा।
  • यह योजना गैर-संचयी विकल्प के लिए त्रैमासिक (quarterly), अर्ध-वार्षिक (half-yearly), वार्षिक (yearly) और त्रैमासिक ब्याज भुगतान (quarterly interest payout) प्रदान करती है।
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट प्लान्स (IDFC First Bank Fixed Deposits Plans Details in Hindi)
  • इस फिक्स्ड डिपॉजिट्स की अवधि सात दिनों से लेकर 10 साल तक की होती है।
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए, यह बैंक अतिरिक्त 0.50% ब्याज दर प्रदान करता है।
  • 180 दिनों तक की अवधि के लिए साधारण ब्याज।
  • समय से पहले निकासी या बंद होने की स्थिति में वरिष्ठ नागरिकों (senior citizens) पर कोई जुर्माना नहीं लगाया जाता है।
  • 180 दिनों से अधिक की अवधि के लिए, ब्याज त्रैमासिक रूप से संयोजित होता है।
इंडसइंड बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट प्लान्स (IndusInd Bank Fixed Deposits Plans Details in Hindi)
  • इन्वेस्टमेंटकी अवधि सात दिनों से लेकर पांच साल तक होती है।
  • आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) की अनुमति है।
  • वरिष्ठ नागरिकों को 0.50% अतिरिक्त FD दरें मिलती हैं।
  • परिपक्वता (Maturity) पर मासिक, त्रैमासिक, अर्ध-वार्षिक या वार्षिक आधार पर ब्याज प्राप्त किया जा सकता है।
  • नामांकन की सुविधा और ऑटो-नवीनीकरण के विकल्प की पेशकश की जाती है।
  • लिंक किए गए चालू (Current) या बचत खाते (Savings Account) में राशि जमा करके ब्याज का भुगतान किया जाता है।
आरबीएल बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट प्लान्स (RBL Bank Fixed Deposit Plans Details in Hindi)
  • फिक्स्ड डिपॉजिट्स की अवधि सात दिनों से लेकर 20 वर्ष तक होती है।
  • नामांकन (Nomination) की सुविधा प्रदान की जाती है।
  • आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) और कुल समयपूर्व निकासी (total premature withdrawal) के विकल्प प्रदान किए जाते हैं।
  • FD अकाउंट को इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग (Mobile Banking) के जरिए आसानी से एक्सेस किया जा सकता है।
यस बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट प्लान्स (Yes Bank Fixed Deposits Plans Details in Hindi)
  • इस पॉलिसी की अवधि सात दिन से लेकर दस साल तक की होती है।
  • ऑटो-नवीनीकरण की सुविधा प्रदान की जाती है।
  • ओवरड्राफ्ट की सुविधा प्रदान की जाती है।
  • स्वीप-इन सुविधा की पेशकश की जाती है।
  • सावधि जमा (Fixed Deposit) की समयपूर्व निकासी के लिए कोई जुर्माना (Penalty) नहीं है।
फिनकेयर स्मॉल फाइनेंस बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट प्लान्स (Fincare Small Finance Bank Fixed Deposits Plans Details in Hindi)
  • फिक्स्ड डिपॉजिट्स की अवधि सात दिनों से लेकर सात वर्ष तक होती है।
  • ब्याज का भुगतान लचीला (flexible) है, जो गैर-संचयी और संचयी (तिमाही/मासिक) है।
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट्स दर 0.50% अतिरिक्त है।
  • 2 करोड़ रुपये तक की जमा राशि के लिए, FD दरें 7.50% तक जा सकती हैं।
  • प्री-क्लोजर और लचीले नवीनीकरण (flexible renewals) की पेशकश की जाती है।
जन लघु वित्त बैंक सावधि जमा प्लान्स (Jana Small Finance Bank Fixed Deposits Plans Details in Hindi)
  • सावधि जमा (Fixed Deposit) की अवधि सात दिनों से लेकर 10 वर्ष तक होती है।
  • FD शुरू करने के लिए शुरुआती जमा राशि रु. 1,000 है। 
  • जन स्मॉल फाइनेंस बैंक गैर-संचयी और संचयी विकल्प (तिमाही, वार्षिक, अर्ध-वार्षिक और मासिक आधार) चुनने का विकल्प प्रदान करता है।
  • मोबाइल बैंकिंग ऐप के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।
नार्थ ईस्ट स्माल फाइनेंस बैंक सावधि जमा प्लान्स (North East Small Finance Bank Fixed Deposits Plans Details in Hindi)
  • इन FD की अवधि सात दिनों से लेकर दस साल तक की होती है।
  • आंशिक निकासी की सुविधा दी जा रही है।
  • न्यूनतम जमा राशि रु. 1,000 है।
  • पुनर्निवेश (reinvestment) का विकल्प प्रदान किया गया है।
  • ऑटो-नवीनीकरण (auto-renewal) की सुविधा प्रदान की जाती है।
सूर्योदय लघु वित्त बैंक सावधि जमा प्लान्स (Suryodaya Small Finance Bank Fixed Deposits Plans Details in Hindi)
  • इस बैंक की FD की अवधि सात दिनों से लेकर 10 साल तक की होती है।
  • संचयी (Cumulative) और गैर-संचयी (non-cumulative) विकल्प प्रदान किए जाते हैं।
  • सस्ती FD राशि जो 1,000 रूपये से शुरू हो सकती  है।
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए सावधि जमा के लिए अतिरिक्त 0.25% ब्याज दर की पेशकश की जाती है।
  • छह महीने से कम समय में मैच्योर होने वाली FD के लिए साधारण ब्याज़ दर का भुगतान किया जाता है।
  • अगर FD खुलने की तारीख से सात दिनों से कम समय में निकाली जाती है, तो कोई ब्याज नहीं दिया जाता है।
  • छह महीने या उससे अधिक समय में परिपक्व होने वाली जमाराशियों के लिए ब्याज त्रैमासिक रूप से संयोजित होता है।
उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक सावधि जमा प्लान्स (Utkarsh Small Finance Bank Fixed Deposits Plans Details in Hindi)
  • उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक की FD की अवधि सात दिनों से लेकर 10 साल तक की होती है.
  • न्यूनतम निवेश रु. 1,000. है। 
  • जमाकर्ता अपने नामांकित व्यक्ति को ऑनलाइन नियुक्त कर सकता है।
  • हिंदू अविभाजित परिवार, निवासी भारतीय, साझेदारी फर्म, एकल स्वामित्व, ट्रस्ट खाते और लिमिटेड कंपनियां इस बैंक के साथ फिक्स्ड डिपॉजिट्स अकॉउंट खोलने के लिए पात्र हैं।



ये वर्ष 2022 के लिए कुछ बेस्ट फिक्स्ड डिपाजिट प्लान्स हैं। आप अपनी सुविधा और आवश्यकता के अनुसार कोई भी प्लान चुन सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q. फिक्स्ड डिपाजिट प्लान्स में इन्वेस्ट करने से इनकम टैक्स में क्या लाभ होते हैं?

उत्तर-  5 साल की FD में इन्वेस्ट करने पर आप 1.5 लाख रूपये आईटी अधिनियम, 1961 की धारा 80 के तहत फायदा ले सकते हैं। 

Q. क्या FD में ब्याज पर टैक्स लगता है?

उत्तर- हां, FD पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह से टैक्सेबल है। अर्जित आय को आपकी कुल आय में जोड़ा जाता है और आपके टैक्स ब्रैकेट के अनुसार टैक्स लगाया जाता है। यह आपके आईटीआर में ‘अन्य स्रोतों से आय’ के तहत दिखाई देता है। इसके अलावा, बैंक और एनबीएफसी आपकी ब्याज आय पर टीडीएस भी काटते हैं।

Q. फिक्स्ड डिपाजिट ब्याज पर टैक्स कैसे बचाएं?

उत्तर- अपने FD प्रोवाइडर को फॉर्म 15G या फॉर्म 15H (वरिष्ठ नागरिकों के लिए) जमा करें। टीडीएस से बचने के लिए इस फॉर्म को हर साल जमा करना होता है। कृपया ध्यान दें कि यदि आपकी ब्याज आय कर योग्य है लेकिन आप अपने FD प्रोवाइडर को TDS के विरुद्ध निर्देश देते हैं, तो आपको ITR दाखिल करते समय उसका भुगतान करना होगा।

Q. क्या FD एक सुरक्षित इन्वेस्टमेंट ऑप्शन है?

उत्तर- हां, एफडी जोखिम से बचने वाले इंवेटसोर्स के लिए एक सुरक्षित इन्वेस्टमेंट ऑप्शन है जो अपनी बचत बढ़ाने के लिए एक फिक्स्ड इन्वेस्टमेंट एवेन्यू की तलाश कर रहे हैं। 

Q. FD के लिए समय से पहले निकासी पर जुर्माना शुल्क क्या हैं?

उत्तर- बैंक और NBFC FD खातों से समय से पहले निकासी पर 0.5% – 1% का जुर्माना लगाते हैं।


भारत के बेस्ट इन्वेस्टमेंट प्लान्स 2022 की सूची यहाँ देखें!



अधिकांश इन्वेस्टर्स हमेशा इस तरह से इन्वेस्ट करना चाहते हैं जहाँ अपने मूल धन खोने के जोखिम के बिना जितनी जल्दी हो सके आसानी से रिटर्न मिले। यही कारण है कि कई लोग हमेशा बेस्ट इन्वेस्टमेंट प्लान्स की तलाश में रहते हैं, जहाँ वे कुछ महीनों या वर्षों में बहुत कम या बिना जोखिम के अपने पैसे को दोगुना कर सकते हैं।

हालांकि, हर तरह के इन्वेस्टमेंट में इन दोनों का मिला जुला संयोजन होता है, यानी जोखिम और रिटर्न सीधे एक दूसरे से मिले हुए हैं, वे साथ-साथ चलते हैं, यानी जितना अधिक रिटर्न, उतना अधिक जोखिम और जितना काम रिटर्न उतना कम जोखिम।

इन्वेस्टमेंट के विभिन्न ऑप्शन का चयन करते समय, आपको निवेश करने से पहले उससे संबंधित जोखिमों के साथ अपने स्वयं के जोखिम के बारे में जान लेना चाहिए। कुछ इन्वेस्टमेंट ऐसे हैं जो उच्च जोखिम रखते हैं लेकिन कुछ ही समय में हाई रिटर्न प्रदान करने की क्षमता रखते हैं।

यहाँ पढ़ें – भारत के बेस्ट सेविंग प्लान कौन-कौन से हैं?

इन्वेस्टमेंट प्लान्स क्या है ?

इन्वेस्टमेंट प्लान्स एक तरह के वित्तीय साधन हैं जो किसी भी व्यक्ति को अपने भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के लिए धन इकट्ठा करने की योजना प्रदान करते हैं। इन्वेस्टमेंट प्लान्स में विभिन्न फंड विकल्पों या स्कीम्स में समय-समय पर निवेश शामिल होता है जो किसी भी व्यक्ति को अपने भविष्य के लिए धन इकट्ठा करने में मदद करने वाले निवेश पर रिटर्न प्रदान करता है। इन्वेस्टमेंट प्लान्स मुख्यतः किसी भी व्यक्ति को अपने भविष्य के लिए धन इकट्ठा करने की आदत डालने में प्रोत्साहित करते हैं। कोई भी अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार इन्वेस्टमेंट प्लान्स चुन सकता है। कई प्रकार की निवेश योजनाएं हैं जिनमें से कोई भी चुन सकता है। एक अच्छी निवेश योजना किसी भी व्यक्ति को अपने परिवार के सदस्यों की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद कर सकती है। इन्वेस्टमेंट प्लान्स आपकी कमाई को दोगुना करने का एक शानदार तरीका हैं।

इन्वेस्टमेंट प्लान्स के उद्देश्य

इन्वेस्टमेंट प्लान्स एक सुखी और शांतिपूर्ण वित्तीय भविष्य की कुंजी हैं। निवेश की दुनिया में अपना रास्ता बनाने के इच्छुक निवेशकों को इन्वेस्टमेंट प्लान्स को अंतिम समाधान के रूप में मानना ​​​​चाहिए। साथ में एक अच्छी और विश्वसनीय इन्वेस्टमेंट प्लान्स होने से व्यक्ति को यह सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है कि भविष्य में जब भी आवश्यकता हो या आपातकालीन स्थिति हो, तो उनके पास भविष्य में एकत्रित धन प्राप्त हो सकता है।

विभिन्न इन्वेस्टमेंट प्लान्स के मुख्य उद्देश्य निम्न है:

  • वित्तीय सुरक्षा: इन्वेस्टमेंट प्लान्स वित्तीय सुरक्षा प्रदान करते हैं। इन्वेस्टमेंट प्लान्स एक ऐसा तरीका है जिससे यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि वे या उनके प्रियजन कभी भी वित्तीय संकट की स्थिति में आये तो उन्हें इन इन्वेस्टमेंट प्लान्स का फायदा मिल सके। अन्य जोखिम भरे विकल्पों की तुलना में एक अच्छी निवेश योजना हमेशा आपकी वित्तीय स्थिति को सुरक्षा प्रदान करेगी।
  • अतिरिक्त आय: इन्वेस्टमेंट प्लान्स अतिरिक्त आय या लाभ के रूप में कार्य करके निवेशक की नियमित आय में वृद्धि करती हैं। एक निवेशक सही निवेश योजना में निवेश करके आसानी से एक महत्वपूर्ण अंतर से अपनी आय को अधिकतम कर सकता है।
  • ग्रोथ: भविष्य में वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण उपकरणों में से एक, इन्वेस्टमेंट प्लान्स ग्रोथ की एक ऐसी मोटर है जो समय बीतने के साथ वांछित परिणाम देती हैं और निवेशकों को लंबे समय में एक महत्वपूर्ण विकास का आनंद लेने में मदद करती हैं।

बेस्ट इन्वेस्टमेंट प्लान्स कैसे चुनें?

बेस्ट इन्वेस्टमेंट प्लान्स चुनते समय आपको निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  1. लक्ष्य विश्लेषण: अपने वित्तीय लक्ष्यों और आवश्यकताओं का विश्लेषण करें। 
  2. एक रणनीति बनाएं: अपनी आवश्यकताओं के अनुसार बेस्ट इन्वेस्टमेंट प्लान चुनने की रणनीति बनाएं। 
  3. पॉलिसी अवधि का मूल्यांकन करें: आश्रितों की संख्या आदि जैसे कई कारकों को ध्यान में रखते हुए, उस अवधि का मूल्यांकन करें जिसके लिए आप निवेश करना चाहते हैं।
  4. सुविधाओं की तुलना करें: किसी योजना में निवेश करने से पहले कई सुविधाओं जैसे कवर, राइडर्स, प्रीमियम, पेआउट प्रकार, रिटर्न आदि की तुलना करें। 
  5. डायवर्सिफाई इन्वेस्टमेंट: डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो में जाने की सलाह दी जाती है। इसका मतलब है, एक निवेश योजना में निवेश करने के बजाय, आपको कई इन्वेस्टमेंट प्लान का चयन करना चाहिए। 
  6. समय-समय पर निवेश की निगरानी करें: समय-समय पर अपनी इन्वेस्टमेंट प्लान्स की समीक्षा करें। 



इन्वेस्टमेंट प्लान्स के प्रकार

इन्वेस्टमेंट प्लान्स को तीन प्रमुख श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है। इन्वेस्टमेंट प्लान्स का वर्गीकरण मुख्यतः जोखिम के आधार पर किया जाता है। इन्वेस्टर्स को हमेशा से यही सलाह दी जाती है कि निवेशकों को अंतिम निवेश निर्णय लेने से पहले इन्वेस्टमेंट प्लान्स से जुड़े जोखिम कारक पर विचार करना चाहिए। जोखिम के पहलू पर आधारित तीन प्रकार के इन्वेस्टमेंट प्लान्स हैं:

कम जोखिम वाले इन्वेस्टमेंट प्लान्स: जैसा कि नाम से पता चलता है, कम जोखिम वाले इन्वेस्टमेंट प्लान्स वे इन्वेस्टमेंट प्लान्स हैं जो कम जोखिम या नुकसान के साथ एक स्थिर और विश्वसनीय पूंजी वृद्धि प्रदान करते हैं। इस प्रकार के इन्वेस्टमेंट प्लान्स उन इन्वेस्टर्स के लिए सही है जो निवेश पोर्टफोलियो में कम जोखिम और गारंटीड रिटर्न वाले निवेश विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। कम जोखिम वाले कुछ निवेश विकल्पों में पीपीएफ, सोना, बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट और राष्ट्रीय पेंशन योजना आदि शामिल हैं।

मध्यम-जोखिम वाले इन्वेस्टमेंट प्लान्स: मध्यम-जोखिम वाले इन्वेस्टमेंट प्लान्स ऐसे प्लान्स हैं जो एक विविध और संतुलित निवेश प्रदान करते हैं। इस प्रकार के इन्वेस्टमेंट प्लान्स दो प्रमुख उद्देश्यों को पूरा करता है, एक निवेशक को विकास का अवसर प्रदान करता है और दूसरा एक निर्दिष्ट स्तर तक बाजार की अस्थिरता को संभालता है। मध्यम जोखिम वाली निवेश योजनाएं निवेशकों को ऋण और इक्विटी प्रतिभूतियों के संयोजन के साथ निवेश पोर्टफोलियो में विविधता लाकर मध्यम जोखिम के साथ स्थिर रिटर्न का आनंद लेने का अवसर प्रदान करती हैं। कुछ मध्यम जोखिम वाली निवेश योजनाओं में मासिक आय योजना, आर्बिट्राज फंड और हाइब्रिड-ऋण उन्मुख फंड प्लान्स शामिल हैं।

उच्च-जोखिम वाले इन्वेस्टमेंट प्लान्स: उच्च-जोखिम वाले इन्वेस्टमेंट प्लान्स वे प्लान्स हैं जिसमें महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव शामिल होते हैं। हालांकि, लंबी अवधि में इन निवेश योजनाओं से भारी रिटर्न संभव होने की संभावना भी काफी अधिक है। इस प्रकार के इन्वेस्टमेंट प्लान्स उन निवेशकों के लिए अत्यधिक उपयुक्त है जो उच्च जोखिम लेने की क्षमता रखते हैं और लम्बे समय तक अच्छी आय पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।

बेस्ट रिटर्न देने वाले इन्वेस्टमेंट प्लान्स 

नीचे सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाली स्कीम की सूची देखें। 

इन्वेस्टमेंट ऑप्शन किस अवधि के लिए सही है  रिटर्न दर
बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट शॉर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए बेस्ट है  3.5% – 5% प्रति वर्ष
राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) 5 साल इन्वेस्टमेंट के लिए बेस्ट है  6.80% प्रति वर्ष
लघु अवधि के म्यूचुअल फंड 3 साल इन्वेस्टमेंट के लिए बेस्ट है  6 % – 8% प्रति वर्ष
अल्ट्रा-शॉर्ट टर्म फंड 1 साल इन्वेस्टमेंट के लिए बेस्ट है  3% – 5% प्रति वर्ष
पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना मंथली इनकम के लिए बेस्ट है  6.60% प्रति वर्ष
चाइल्ड म्यूचुअल फंड बच्चों के भविष्य के लिए बेस्ट है  10% – 15% प्रति वर्ष (मार्केट लिंक्ड)
म्यूचुअल फंड एसआईपी योजनाएं जॉब करने वाले व्यक्ति के लिए बेस्ट है  10% – 15% प्रति वर्ष  (मार्केट लिंक्ड)
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस) सीनियर सिटीजन के लिए बेस्ट है  7.4% प्रति वर्ष 
सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई)  लड़कियों के लिए बेस्ट है  7.6% प्रति वर्ष
राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) रिटायरमेंट के बाद के लिए बेस्ट है  8% – 10% प्रति वर्ष (मार्केट लिंक्ड)
डेट म्यूचुअल फंड बिगिनर्स के लिए बेस्ट है  7-9% प्रति वर्ष (मार्केट लिंक्ड)
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए बेस्ट है  7.1% प्रति वर्ष 

बेस्ट शॉर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट ऑप्शन

नीचे भारत के बेस्ट शॉर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट ऑप्शन देखें। 

इन्वेस्टमेंट ऑप्शन रिटर्न की दर (% प्रतिवर्ष)
लिक्विड फंड 5%
कॉरपोरेट डिपॉजिट 5% -7%
बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट 3-5.5%
रेकरिंग डिपॉजिट 3.5-5%
पोस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट 5.5-6.7%

हमें उम्मीद है, कि इस लेख के माध्यम से आप यह तो जान ही चुके होंगे की भारत में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाली स्कीम कौन-कौन सी हैं। यदि आपको इस लेख से सम्बंधित कोई प्रश्न है या फिर आप किसी अन्य तरह के लेखों को पढ़ने की इच्छा रखते हैं, तो हमें कमेंट सेक्शन में बताएं और इस लेख को ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करें जिससे अन्य लोग भी इस लेख के माध्यम से लाभ ले सकें। 

भारत की विभिन्न बैंकों के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट्स 2022!



फिक्स्ड डिपॉजिट एक सुरक्षित निवेश विकल्प है जो आयकर कटौती के साथ निरंतर ब्याज दरों, वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष ब्याज दरों, विभिन्न ब्याज भुगतान विकल्पों और बाजार से संबंधित जोखिमों के बिना पेश किया जाता है। नई फिक्स्ड डिपॉजिट करें या मौजूदा का नवीनीकरण करने से पहले देश के अग्रणी बैंकों के बीच नवीनतम फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स की तुलना करना महत्वपूर्ण है। इसलिए आज हम इस लेख में भारत की विभिन्न बैंकों के फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स के बारे में चर्चा करेंगे।

बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट के जरिये इन्वेस्टमेंट सबसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में से एक माना जाता है। जिसमें निवेशक या फिक्स्ड डिपॉजिट करने वाला व्यक्ति निश्चित ब्याज दर पर एक विशिष्ट अवधि के लिए बैंक के पास एकमुश्त राशि जमा करता है। बैंक राशि पर ब्याज को कंपाउंड करता है। बैंक FD के मैच्योर होने के बाद निवेशक को उसकी राशि ब्याज के साथ मिलती है। भारत में अलग-अलग बैंक अलग-अलग ब्याज दरों (इंटरेस्ट रेट्स) की देते हैं।

यहाँ पढ़ें – भारत के बेस्ट सेविंग प्लान कौन-कौन से हैं?

फिक्स्ड डिपॉजिट क्या है ?

फिक्स्ड डिपॉजिट या FD बैंकों और नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कम्पनीज (NBFC) द्वारा पेश किया जाने वाला एक इन्वेस्टमेंट प्लान है। फिक्स्ड डिपाजिट में, आप एक निश्चित समय के लिए निवेश कर सकते हैं, जिसमें एक निश्चित ब्याज़ दर से राशि प्राप्त होती है। यह एक ऐसा प्लान है जहाँ आप निवेश करते समय जानते हैं कि आपको मचुरिटी के समय कितनी ब्याज दर मिलेगी और आपको कितना पैसा मिलेगा। इसमें आपको ब्याज के नियमित भुगतान का चयन करने का विकल्प भी मिलता है।

फिक्स्ड डिपॉजिट के लाभ

  • सुनिश्चित रिटर्न – फिक्स्ड डिपाजिट में इस बात का कोई फर्क नहीं पड़ता कि ब्याज दरें कैसे चलती हैं या अर्थव्यवस्था कैसे चल रही है, आपको निवेश के समय निश्चित रिटर्न मिलेगा।
  • मचुरिटी की राशि और ब्याज – कार्यकाल के अंत में, आपको संचित ब्याज के साथ आपके द्वारा लगाई गई राशि वापस मिल जाती है।
  • चक्रवृद्धि ब्याज के साथ तेज वृद्धि – आप ब्याज राशि पर भी ब्याज कमाते हैं। इससे आपको बड़ी राशि आसानी से जमा करने में मदद मिलती है।
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए हाई इंटरेस्ट रेट्स – फिक्स्ड डिपॉजिट में वरिष्ठ नागरिकों के लिए हाई इंटरेस्ट रेट्स प्रदान किया जाता है।

फिक्स्ड डिपाजिट (FD) कैसे काम करती है?

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) बैंक में एक निश्चित अवधि के लिए इन्वेस्टर्स द्वारा जमा की गई एक विशिष्ट राशि को लॉक कर देता है। सामान्य तौर पर, बैंक जमाकर्ताओं को कम से कम 7 दिनों से लेकर 10 साल तक की अवधि के लिए अपने फंड को निवेश करने के ऑफर प्रदान करते हैं। कार्यकाल का चुनाव उस इन्वेस्टर्स पर निर्भर करता है जो एफडी खाता खोल रहा है। जमा पर ब्याज दर उस अवधि पर निर्भर करती है जिसके लिए बैंक के पास एकमुश्त राशि रखी जाती है।

आमतौर पर बैंक जमाकर्ताओं को नियत तारीख से पहले पैसे निकालने की अनुमति नहीं देते हैं। परन्तु कुछ बैंक समय से पहले निकासी की सुविधा प्रदान करते हैं, हालांकि इसमें बैंक कम ब्याज दर देते हैं।

एक बार जब फिक्स्ड डिपाजिट (FD) की अवधि पूरी हो जाती है, तो बैंक जमाकर्ता के बैंक खाते में मूलधन और ब्याज जमा कर देता है। चूंकि ब्याज दर और जमा अवधि निश्चित होती हैं। बैंक जमा प्रकार को फिक्स्ड डिपाजिट (FD) के रूप में संदर्भित करते हैं।

जानें यूलिप क्या है और यूलिप में कैसे इन्वेस्ट करें

विभिन्न प्रकार के फिक्स्ड डिपाजिट इन्वेस्टमेंट

फिक्स्ड डिपाजिट (FD) के विभिन्न प्रकार हैं:

    • सामान्य फिक्स्ड डिपाजिट (FD): यह FD एक विशिष्ट, निश्चित अवधि के लिए 7 दिनों से लेकर 10 वर्षों तक के लिए धन जमा करता है। इस प्रकार के FD लिए ब्याज दर सामान्य बचत खाते से अधिक होती है।
    • टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट: यह FD केवल एकमुश्त जमा की अनुमति देता है और 1.5 लाख रुपये तक की मूल जमा राशि पर इनकम टैक्स की छूट देता है। इसमें 5 साल का लॉक-इन पीरियड होता है।
    • सीनियर सिटीजन फिक्स्ड डिपॉजिट: इस प्रकार की FD 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए लागू होती है जो विशेष ब्याज दरों और लचीली अवधि का आनंद ले सकते हैं।
    • संचयी फिक्स्ड डिपॉजिट: इस प्रकार की FD में प्रत्येक तिमाही या वर्ष में चक्रवृद्धि ब्याज देता है और फिक्स्ड डिपॉजिट की अंतिम तिथि के समय भुगतान करता है।
    • गैर-संचयी फिक्स्ड डिपॉजिट: इस प्रकार की FD के तहत, जमाकर्ता की पसंद के अनुसार, मासिक, त्रैमासिक, अर्ध-वार्षिक या वार्षिक रूप से ब्याज का भुगतान किया जाता है।
    • फ्लेक्सी फिक्स्ड डिपॉजिट: इस प्रकार की FD में, फिक्स्ड डिपॉजिट निवेशक के बैंक खाते से जुडी होती है।
    • NRI फिक्स्ड डिपॉजिट: इस FD टाइप में विदेश में रहने वाले भारतीय फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश कर सकते हैं। नॉन-रेजिडेंट आर्डिनरी (एनआरओ) खातों के माध्यम से इंडिया में फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश किया जा सकता है।



भारत की टॉप 10 बैंकों की फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स

7 दिनों से लेकर 10 साल तक के कार्यकाल के लिए भारत की टॉप बैंकों द्वारा दी जाने वाली नवीनतम ब्याज दरें नीचे दी गई हैं।

बैंक का नाम  सामान्य नागरिकों के लिए (प्रति वर्ष)  वरिष्ठ नागरिकों के लिए (प्रति वर्ष)
भारतीय स्टेट बैंक फिक्स्ड डिपाजिट 2.90% to 5.50% 3.40% to 6.30%
एचडीएफसी बैंक फिक्स्ड डिपाजिट 2.50% to 5.60% 3.00% to 6.35%
आईडीबीआई बैंक फिक्स्ड डिपाजिट 2.70% to 5.60% 3.20% to 6.35%
पंजाब नेशनल बैंक फिक्स्ड डिपाजिट 3.00% to 5.25% 3.50% to 5.75%
केनरा बैंक फिक्स्ड डिपाजिट 2.90% to 5.75% 2.90% to 6.25%
एक्सिस बैंक फिक्स्ड डिपाजिट 2.50% to 5.75% 2.50% to 6.50%
बैंक ऑफ बड़ौदा फिक्स्ड डिपाजिट 2.80% to 5.35% 3.30% to 6.35%
आईडीएफसी बैंक फिक्स्ड डिपाजिट 2.50% to 6.25% 3.00% to 6.75%
बैंक ऑफ इंडिया फिक्स्ड डिपाजिट 2.85% to 5.20% 3.35% to 5.95%
पंजाब एंड सिंध बैंक फिक्स्ड डिपाजिट 3.00% to 5.40% 3.50% to 5.90%

टॉप 10 टैक्स सेवर फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स

टैक्स-सेवर FD, इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये की अधिकतम कटौती की पेशकश करते हैं, जिसमें अधिकतम जमा राशि 1.5 लाख रुपये है। लॉक-इन अवधि 5 वर्ष है। वरिष्ठ नागरिकों को 0.50% अतिरिक्त ब्याज दर की पेशकश की जाती है।

टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपाजिट का नाम सामान्य नागरिकों के लिए (प्रति वर्ष) वरिष्ठ नागरिकों के लिए (प्रति वर्ष)
एसबीआई बैंक टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपाजिट 5.30% 5.80%
इंडसइंड बैंक टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपाजिट 6.50% 7.00%
एचडीएफसी बैंक टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपाजिट 5.45% 5.95%
केनरा बैंक टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपाजिट 5.75% 6.25%
एक्सिस बैंक टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपाजिट 5.75% 6.50%
बैंक ऑफ बड़ौदा टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपाजिट 5.35% 6.00%
आईडीएफसी बैंक टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपाजिट 6.25% 6.75%
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपाजिट 5.40% 5.90%
पीएनबी टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपाजिट 5.25% 5.75%
पंजाब एंड सिंध बैंक टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपाजिट 5.40% 6.40%
आईडीबीआई बैंक टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपाजिट 5.60% 6.35%

टॉप नॉन-बैंकिंग फाइनेंसियल कम्पनीज फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स 

नॉन-बैंकिंग फाइनेंसियल कम्पनीज भी अपने फिक्स्ड डिपाजिट एकाउंट्स पर अच्छे ब्याज दरों की पेशकश करती हैं। जून 2022 से प्रभावी 2 करोड़ रुपये से कम जमा के लिए 1 वर्ष से 5 वर्ष तक के कार्यकाल के लिए उच्चतम ब्याज दरें यहाँ दी गई हैं।

बैंक का नाम कार्यकाल सामान्य नागरिकों के लिए वरिष्ठ नागरिकों के लिए 
एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस एफडी 12 महीने से 60 महीने 5.15% से 6.00% 5.40% से 6.25%
पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस एफडी 12 महीने से 120 महीने 5.75% से 6.85% 6.00% से 7.10%
श्रीराम सिटी यूनियन फाइनेंस एफडी 12 महीने से 60 महीने 7.75% 8.05% तक



1 साल के लिए हाईएस्ट फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स 

यहाँ भारत की टॉप बैंकों द्वारा 1 साल की फिक्स्ड डिपाजिट के लिए दी जाने वाली हाईएस्ट फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स दिए गए हैं:

बैंक का नाम सामान्य नागरिकों के लिए वरिष्ठ नागरिकों के लिए
IDFC फ़र्स्ट बैंक 5.75% 6.25%
बैंक ऑफ़ इंडिया 5.00% 5.25%
आईडीबीआई बैंक 5.15% 5.65%
पंजाब नेशनल बैंक 5.10% 5.60%
केनरा बैंक 5.30% 5.80%
भारतीय स्टेट बैंक 5.10% 5.60%
पंजाब एंड सिंध बैंक 5.15% 5.65%

2 साल के लिए हाईएस्ट फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स 

यहाँ भारत की टॉप बैंकों द्वारा 2 साल की फिक्स्ड डिपाजिट के लिए दी जाने वाली हाईएस्ट फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स दिए गए हैं:

बैंक का नाम सामान्य नागरिकों के लिए वरिष्ठ नागरिकों के लिए
IDFC फ़र्स्ट बैंक 5.75% 6.25%
आईडीबीआई बैंक 5.25% 6.00%
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 5.10% 5.60%
केनरा बैंक 5.45% 5.95%

3 साल के लिए हाईएस्ट फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स 

यहाँ भारत की टॉप बैंकों द्वारा 3 साल की फिक्स्ड डिपाजिट के लिए दी जाने वाली हाईएस्ट फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स दिए गए हैं:

बैंक का नाम  सामान्य नागरिकों के लिए वरिष्ठ नागरिकों के लिए 
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक 6.00% 6.50%
एक्सिस बैंक 5.40% 5.90%
आईडीबीआई बैंक 5.50% 6.25%
भारतीय स्टेट बैंक 5.45% 5.95%
पंजाब और सिंध बैंक 5.40% 5.90%

5 साल के लिए हाईएस्ट फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स 

यहाँ भारत की टॉप बैंकों द्वारा 5 साल की फिक्स्ड डिपाजिट के लिए दी जाने वाली हाईएस्ट फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स दिए गए हैं:

बैंक का नाम सामान्य नागरिकों के लिए वरिष्ठ नागरिकों के लिए
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक 6.25% 6.75%
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 5.40% 5.90%
आईडीबीआई बैंक 5.60% 5.35%
केनरा बैंक 5.75% 6.25%
एक्सिस बैंक 5.75% 6.50%
भारतीय स्टेट बैंक 5.50% 6.30%

फ्लेक्सी फिक्स्ड डिपाजिट/ऑटो-स्वीप फैसिलिटी

यहाँ भारत की टॉप बैंकों द्वारा फ्लेक्सी फिक्स्ड डिपाजिट/ऑटो-स्वीप फैसिलिटी के लिए दी जाने वाली हाईएस्ट फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स दिए गए हैं:

बैंक कार्यकाल सामान्य नागरिकों के लिए वरिष्ठ नागरिकों के लिए
भारतीय स्टेट बैंक 5 साल से 7 साल 5.50% 6.30%
एक्सिस बैंक 6 महीने से 5 साल 4.40% से 5.40% 4.60% से 6.50%

हमें उम्मीद है, कि इस लेख के माध्यम से आप यह तो जान ही चुके होंगे की फिक्स्ड डिपाजिट क्या है और इसके किस बैंक में फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स सबसे अधिक हैं। यदि आपको इस लेख से सम्बंधित कोई प्रश्न है या फिर आप किसी अन्य तरह के लेखों को पढ़ने की इच्छा रखते हैं, तो हमें कमेंट सेक्शन में बताएं और इस लेख को ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करें जिससे अन्य लोग भी इस लेख के माध्यम से लाभ ले सकें।

बच्चों के लिए भारत के टॉप इन्वेस्टमेंट प्लान्स 2022 – Top Child investment plans in India in Hindi



माता-पिता के रूप में, हम सभी अपने बच्चों के भविष्य और शिक्षा के खर्चों की चिंता करते हैं और यहाँ तक ​​कि उनकी शादी के लिए पैसे बचाने की भी कोशिश करते हैं। हालांकि, माता-पिता को एक कदम आगे बढ़कर अपने बच्चों को एक सुरक्षित भविष्य प्रदान करने पर विचार करना चाहिए। वे दिन गए जब बच्चे के भविष्य के लिए बचत करने का मतलब मनी-बैक योजनाओं या ULIP आदि में इन्वेस्टमेंट करना था। अगर आप सावधानी से इन्वेस्टमेंट प्लान बनाते हैं और अपने बच्चों के लिए भारत के टॉप इन्वेस्टमेंट प्लान्स (Top Child investment plans in India in Hindi) में इन्वेस्ट करते हैं, तो आप उनकी शादी या कॉलेज की पढाई तक एक बड़ी राशि जमा कर सकते हैं, जिसका उपयोग आप अपने बच्चों की शादी या कॉलेज की पढाई के लिए कर सकते हैं।

बच्चे माता-पिता के लिए दुनिया होते हैं और जिसके कारण हर माता-पिता अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। जब उनकी शिक्षा और आर्थिक रूप से उनके भविष्य को सुरक्षित करने की बात आती है, तो समय पर इन्वेस्टमेंट को सबसे पहले प्राथमिकता देने की आवश्यकता होती है। जिस प्रकार से एजुकेशन महंगा होता जा रहा है, यही सही समय है जब हमें अपने बच्चों के भविष्य के लिए इंवेटस्मेन्ट प्लान खोज लेना चाहिए और इन्वेस्टमेंट स्टार्ट कर देना चाहिए।  यदि आप बच्चो के भविष्य के लिए इन्वेस्टमेंट के बेस्ट प्लान्स की तलाश में हैं, तो आप सही जगह हैं। आप इस आर्टिकल में बच्चों के लिए भारत के टॉप इन्वेस्टमेंट प्लान्स (Top Child investment plans in India in Hindi) के बारे में सभी विवरण जान सकेंगे।

यहाँ पढ़ें – भारत के बेस्ट सेविंग प्लान कौन-कौन से हैं?

बच्चों के लिए भारत के टॉप इन्वेस्टमेंट प्लान्स 2022 – पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)

यदि आप एक लंबी अवधि की निवेश योजना की तलाश कर रहे हैं, तो पीपीएफ चुनें जहां फंड को 15 साल की अवधि के लिए लॉक किया जा सकता है। न्यूनतम 1 लाख प्रति वर्ष निवेश किया जा सकता है और ब्याज दर 8.75 प्रतिशत प्रति वर्ष है। पीपीएफ खाते डाकघरों या बैंकों के माध्यम से खोले जा सकते हैं। आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी और बॉन्ड यील्ड बढ़ने की संभावना के साथ, उम्मीद है कि सरकार आने वाली तिमाहियों से ब्याज दरों में संशोधन करेगी। इस योजना में इन्वेस्टमेंट के बाद प्राप्त ब्याज इनकम टैक्स के दायरे से बाहर रहता है। इसके अलावा आपको इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट भी मिलती है।

पीपीएफ को पांच साल के ब्लॉक में 15 साल से आगे बढ़ाया जा सकता है और उन ब्लॉकों की संख्या की कोई सीमा नहीं है जिन्हें बढ़ाया जा सकता है। इस योजना की एक और विशिष्ट विशेषता यह है कि पीपीएफ खाते को कोई और योगदान किए बिना या बिना किसी और योगदान के बनाए रखा जा सकता है और खाता बंद होने तक कॉर्पस ब्याज अर्जित करना जारी रखेगा।

यदि पीपीएफ अकाउंट होल्डर मचुरिटी की अवधि के बाद भी अकाउंट को आगे जारी रखने का निर्णय लेते हैं, तो उन्हें मचुरिटी अवधि की तारीख से एक वर्ष की अवधि के भीतर फॉर्म एच जमा करना होगा। यदि पीपीएफ अकाउंट होल्डर समय पर ऐसा नहीं करता है, तो पीपीएफ खाते में किए गए नए जमा पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा, खाते में नई जमा राशि भी आयकर की धारा 80C के तहत कटौती के लिए पात्र नहीं होगी। 


बच्चों के लिए भारत के टॉप इन्वेस्टमेंट प्लान्स 2022 – सुकन्या समृद्धि योजना 

यह भारत सरकार द्वारा सपोर्टेड एक सबसे ज्यादा लाभ प्रदान करने वाली बचत योजना है, जो बच्चे के भविष्य और एजुकेशन में इन्वेस्ट करने के लिए कुछ बेहतरीन बचत योजनाओं में से एक है, क्योंकि यह 7.6% की ब्याज दर देती है। इसके अलावा, यह एक कर-मुक्त योजना है जो एक बालिका के लिए एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करती है, जिसे वर्तमान में आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत कवर किया गया है। सुकन्या योजना बच्चों के लिए एक अच्छी योजना है; हालांकि यह प्लान सिर्फ लड़कियों के लिए ही मान्य है। तो, अगली बार जब कोई लड़की के लिए चाइल्ड प्लान में निवेश करने की योजना बना रहा हो, तो यह आपके लिए सबसे अच्छा निवेश प्लान हो सकता है।

बच्चों के लिए भारत के टॉप इन्वेस्टमेंट प्लान्स 2022 – सोने में इन्वेस्टमेंट

बच्चे के भविष्य को सुरक्षित करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक सोने में निवेश करना है, जिसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसकी दर आमतौर पर केवल बढ़ती है। पिछले कुछ वर्षों में, सोना हमेशा निवेश का एक विश्वसनीय रूप रहा है। हालांकि, जब कोई सोने में निवेश करने की योजना बनाता है, तो बेहतर है कि भौतिक सोने में निवेश न किया जाए। इसके बजाय, कोई भी गोल्ड ईटीएफ या डिजिटल गोल्ड में निवेश कर सकता है क्योंकि इससे चोरी का जोखिम कम हो सकता है। यह एक उपयुक्त विकल्प है जो अन्य परिसंपत्ति बचत विकल्पों (asset saving options) की तुलना में बेहतर लाभ सुनिश्चित कर सकता है। जब कोई मासिक रूप से थोड़ी मात्रा में भी सोना खरीदना चुनता है, तो वे केवल 10 से 15 वर्षों में संभावित रूप से भारी मुनाफा कमा सकते हैं।

बच्चों के लिए भारत के टॉप इन्वेस्टमेंट प्लान्स 2022 – रेकरिंग डिपॉजिट्स के माध्यम से निवेश

यदि आप अपने बच्चों के भविष्य के लिए कम जोखिम वाली निवेश योजना की तलाश में हैं, तो माता-पिता रेकरिंग डिपॉजिट्स पर भी विचार कर सकते हैं क्योंकि इनके लिए ब्याज दरें सही होती हैं। कोई भी आरडी को लॉक कर सकता है और अपने बच्चे के भविष्य की योजना बना सकता है। भारत में बैंकों और डाकघरों दोनों द्वारा रेकरिंग डिपॉजिट्स की पेशकश की जाती है।

इन्वेस्ट करने से पहले ध्यान रखने योग्य बातें

निवेश लक्ष्य – निवेश शुरू करने से पहले, आपको पहले निवेश लक्ष्य तय करना होगा। एक बार जब आप लक्ष्य जान लेते हैं, तो आप समझ जाएंगे कि लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कितनी धनराशि की आवश्यकता है। इसलिए, आपको पता चल जाएगा कि कौन से निवेश विकल्प आपको फंड जमा करने में मदद कर सकते हैं।

रिटर्न – बच्चे के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए शानदार रिटर्न देने वाले निवेश महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, आपके लिए अपने रिटर्न को बढ़ाने के लिए लंबी अवधि तक इन्वेस्टमेंट महत्वपूर्ण है। इसलिए, आपको लंबी अवधि के निवेश विकल्पों की तलाश करनी चाहिए जो अच्छे रिटर्न की पेशकश करें।

जोखिम – अधिकांश निवेश साधनों में कुछ जोखिम होता है। उदाहरण के लिए, इक्विटी म्यूचुअल फंड इक्विटी बाजारों में निवेश करते हैं, जिसमें बहुत उतार-चढ़ाव होता है। इसलिए ऐसे निवेश विकल्पों में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए आपको अपनी जोखिम उठाने की क्षमता के आधार पर निवेश करना चाहिए।

कार्यकाल – निवेश योजना बनाते समय विचार करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक कार्यकाल है। कार्यकाल जितना लंबा होगा, रिटर्न उतना ही अधिक हो सकता है। इसके अलावा, अपने बच्चे के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए, आपको बड़ी राशि की आवश्यकता हो सकती है, और लंबी अवधि आपको वित्तीय कोष बनाने में मदद कर सकती है। इसलिए, आपको लंबी अवधि के लिए चाइल्ड प्लान में निवेश करने पर विचार करना चाहिए।

खर्च – अधिकांश निवेश योजनाओं में निवेश करने के लिए, आपको कुछ शुल्क देने होंगे। इस प्रकार, आपको ऐसे निवेश साधनों की खोज करने की आवश्यकता है जो आपको अच्छे रिटर्न उत्पन्न करने के साथ-साथ आपके खर्चों को कम करने की अनुमति दें।

भारत में बच्चों के लिए इन्वेस्टमेंट प्लान्स की कोई कमी नहीं है, जिन पर आप अपने बच्चे के भविष्य के लिए विचार कर सकते हैं। निर्णय लेने के लिए, अपनी उम्र, जोखिम लेने की क्षमता, निवेश अवधि, उपलब्ध पूंजी और बच्चे की उम्र और महत्वाकांक्षा जैसे कारकों पर विचार करें। निर्णय लेने में आपकी सहायता के लिए आप एक पेशेवर फाइनेंसियल प्लानर से परामर्श ले सकते हैं।

हमें उम्मीद है, कि इस लेख के माध्यम से आप यह तो जान ही चुके होंगे की भारत में बच्चों के लिए बेस्ट इन्वेस्टमेंट प्लान्स कौन-कौन से हैं। यदि आपको इस लेख से सम्बंधित कोई प्रश्न है या फिर आप किसी अन्य तरह के लेखों को पढ़ने की इच्छा रखते हैं, तो हमें कमेंट सेक्शन में बताएं और इस लेख को ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करें जिससे अन्य लोग भी इस लेख के माध्यम से लाभ ले सकें। 

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: