पेंशन कैलकुलेटर क्या है ? | यहाँ जानें Pension Calculator के बारे में पूर्ण जानकारी!



पेंशन कैलकुलेटर एक ऐसा ऑनलाइन टूल्स है, जो किसी भी व्यक्ति द्वारा पेंशन स्कीम के तहत रिटायरमेंट के समय मिलने वाले एस्टिमेटेड लम्प सम अमाउंट और पेंशन अमाउंट की गणना करने करने में सहायता करता है। पेंशन स्कीम कैलकुलेटर ( Pension Scheme Calculator) वह टूल्स है जहाँ आप कुछ निर्धारित फील्ड में अपनी इन्वेस्टमेंट की राशि को फिल करके आपके रिटायरमेंट के समय में मिलने वाली राशि का पता लगाने में सक्षम हो सकते हैं।  

रिटायरमेंट या पेंशन कैलकुलेटर के साथ अपनी रिटायरमेंट की प्लानिंग बनाना आसान हो जाता है। यह एक ऐसा टूल्स है जो आपको यह अनुमान लगाने में मदद करता है कि आपके रिटायरमेंट के वर्षों में आपको कितनी इनकम या धन की आवश्यकता होगी। 

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पेंशन कैलकुलेटर रिटायरमेंट प्लानिंग में कैसे मदद करता है | How pension calculator helps in Retirement Planning in Hindi

रिटायरमेंट के बाद भले ही कोई काम करना बंद कर दे, लेकिन खर्चे नहीं रुकते हैं इसलिए रिटायरमेंट की प्लानिंग करना बहुत जरुरी है। पेंशन कैलकुलेटर रिटायरमेंट की प्लानिंग के लिए एक इफेक्टिव टूल्स (Effective Tools) है। एक पेंशन कैलकुलेटर इस बात की जानकारी प्रदान करता है कि रिटायरमेंट के बाद एक आरामदायक जीवन जीने के लिए कितनी राशि की आवश्यकता होगी। जानकारी जानने के लिए, एक पेंशन कैलकुलेटर को कुछ जानकारी की आवश्यकता होती है, जिनके बारे में हम विस्तृत विवरण नीचे जानेंगे। 

  • जन्म तिथि (डीओबी) – आपकी डेट ऑफ़ बर्थ के आधार पर, पेंशन स्कीम कैलकुलेटर (Pension Scheme Calculator) रिटायरमेंट के बाद आवश्यक डिपाजिट अमाउंट के लिए आपको योजना में योगदान करने के लिए कितने वर्षों की आवश्यकता होगी, इसकी गणना (Calculation) करेगा।
  • इन्वेस्टमेंट अमाउंट– इसके तहत उस अमाउंट की आवश्यक होगी जो आप प्रति माह (Per Months) इन्वेस्ट करना चाहते हैं।
  • इन्वेस्टमेंट के बाद मिलने वाला एक्सपेक्टेड अमाउंट – इन्वेस्टमेंट के बाद मिलने वाले एक्सपेक्टेड अमाउंट। 
  • एक्सपेक्टेड एन्युटी रेट – एक्सपेक्टेड एन्युटी रेट अर्थात एन्युटी (annuity) की वह राशि जो आप अपनी पेंशन से प्राप्त करना चाहते हैं।

एक बार जब आप सभी विवरण दर्ज कर लेते हैं, तो पेंशन कैलकुलेटर एक साथ एस्टिमेटेड लम्प सम अमाउंट (Estimated Lump Sum Amount) और मचुरिटी (Maturity) के समय आपको मिलने वाली पेंशन राशि (Pension Amount) की गणना करेगा।

पेंशन कैलकुलेटर के लाभ | Benefits of Pension Calculator in Hindi

पेंशन कैलकुलेटर एक विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया ऑनलाइन टूल्स (Online Tools) है जो एस्टिमेटेड पेंशन अमाउंट की गणना करता है जो कि आपको रिटायरमेंट के समय प्राप्त होगी। ऑनलाइन एनपीएस कैलकुलेटर के लाभ निम्नलिखित हैं।

  • यह समय बचाता है क्योंकि आपको कोई मैन्युअल गणना करने और हर बार सही परिणाम प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं होती है।
  • आपको इस बात की स्पष्ट जानकारी हो सकती है कि आवश्यक पेंशन अमाउंट प्राप्त करने के लिए आपको कितना इन्वेस्ट करने की आवश्यकता है। इसके अलावा, यह आपको फाइनेंसियल प्लानिंग को अधिक कुशलता से करने में भी मदद करता है।
  • कैलकुलेटर की मदद से आप रिटायरमेंट के बाद पेंशन के रूप में मिलने वाली अनुमानित राशि का पता लगा सकते हैं।

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रिटायरमेंट प्लानिंग के लाभ | Benefits of Retirement Planning in Hindi

किसी भी व्यक्ति के रिटायरमेंट के बाद के जीवन को उसके जीवन का स्वर्णिम काल (golden age) कहा जाता है। यह वह समय होता है जब व्यक्ति अपने शौक को व्यवसायों में परिवर्तित करता है। इन सभी इच्छाओं को पूरा करने और रिटायरमेंट के बाद एक आरामदायक जीवन पाने के लिए, वर्षों की दृढ़ता के साथ अच्छी प्लानिंग और एक व्यापक प्रक्रिया की आवश्यकता होती है, जो हमारे पेंशन कैलकुलेटर का उपयोग करके की जाती है।

पेंशन कैलकुलेटर के माध्यम से रिटायरमेंट के लिए उपयुक्त योजना क्यों महत्वपूर्ण है, इसके विभिन्न कारण निम्नलिखित हैं:

जीवन प्रत्याशा में वृद्धि (Increased life Expectancy) बेहतर मेडिकल और हेल्थ सुविधा के साथ, हमारी पीढ़ी में जीवन प्रत्याशा (life Expectancy) पिछली पीढ़ी की तुलना में अधिक है। स्वाभाविक रूप से, जब आप अधिक जीते हैं, तो आपकी स्वास्थ्य देखभाल की जरूरतें और अन्य खर्च भी बढ़ जाते हैं। इसका मतलब यह भी है कि अच्छी तरह से प्लानिंग बनाने और लंबे जीवन को अच्छा बनाए रखने के लिए पर्याप्त धन इकट्ठा करने के लिए हमारे पेंशन कैलकुलेटर का उपयोग करने की आवश्यकता है।
अपर्याप्त नियोक्ता वित्त पोषित पेंशन (Insufficient Employer Funded Pension) आमतौर पर, एम्प्लायर या गवर्नमेंट द्वारा फंडेड पेंशन, रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने और एक व्यक्ति की जीवन शैली को बनाए रखने के लिए अपर्याप्त है। 
व्यक्तिवाद (Individualism) बच्चों और परिवार के हेल्पिंग होने या न होने के बावजूद, अधिकांश लोग, जिन्होंने अपने और अपने परिवार के लिए जीवन भर कमाया है, रिटायरमेंट के बाद अपने खर्चों को पूरा करने के लिए अपने बच्चों या परिवार के सदस्यों पर निर्भर नहीं रहना चाहेंगे। और, एक स्वतंत्र जीवन शैली को बनाए रखना तभी संभव है जब आपके पास अपने सुनहरे वर्षों के लिए एक इफेक्टिव प्लानिंग और पर्याप्त राशि हो। पेंशन कैलकुलेटर का उपयोग, आपके लिए पर्याप्त राशि का आकलन करने का तरीका है।
सामाजिक सुरक्षा प्रणाली (Social Security System) हमारे देश का सोशल सिक्योरिटी सिस्टम लगभग सभी पहलुओं में पिछड़ रहा है। इसलिए, यह जरूरी है कि एक व्यक्ति एक ऐसे फंड का निर्माण करने के लिए पहले से ही योजना बना ले जो रेगुलर एक्सपेंसेस को पूरा करने या सेवानिवृत्ति (Retirement) के बाद किसी भी अनएक्सपेक्टेड सिचुएशन को संभालने के लिए पर्याप्त हो। 



पेंशन रिटायरमेंट कैलकुलेटर का उपयोग कैसे करें | How to Use the Pension Retirement Calculator in Hindi

पेंशन या रिटायरमेंट कैलकुलेटर उपयोग में आसान उपकरण है जिसे ऑनलाइन उपयोग किया जा सकता है। यह रिटायरमेंट योजना को सुविधाजनक (convenient) और परेशानी मुक्त (hassle free) बनाता है। भारत में विभिन्न प्रकार की रिटायरमेंट स्कीम्स के साथ, कुशल रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए एक इफेक्टिव पेंशन कैलकुलेटर आवश्यक है। सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त करने के लिए, आपको पेंशन कैलकुलेटर को कुछ विवरण प्रदान करने होंगे।

  1. पेंशन कैलकुलेटर पहले चरण में मासिक खर्च (Monthly Expenses) के लिए पूछता है। सटीक मासिक खर्च (Exact Monthly Expenses) प्रदान करना महत्वपूर्ण है क्योंकि रिटायरमेंट के बाद के खर्चों का अनुमान वर्तमान खर्चों के आधार पर लगाया जाता है।
  2. मासिक खर्च (Monthly Expenses) के बाद, पेंशन कैलकुलेटर आपके द्वारा काम करने की योजना के वर्षों की संख्या के लिए पूछता है। वर्षों की संख्या जितनी अधिक होगी इन्वेस्टमेंट की अवधि उतनी ही अधिक होगी और रिटायरमेंट फंड भी बड़ा होगा। कोई भी 5 से 30 साल के बीच चयन कर सकता है।
  3. पेंशन कैलकुलेटर यह पूछता है कि आप रिटायरमेंट के बाद कितने साल के लिए इसका इस्तेमाल करने की प्लानिंग बना रहे हैं। यदि आप रिटायरमेंट के बाद के लंबे चरण की योजना बना रहे हैं, तो आपको एक बड़े फंड की आवश्यकता होगी।
  4. अगले चरण में, आपको अपेक्षित मुद्रास्फीति दर (expected inflation rate) प्रदान करना होगा। रिटायरमेंट प्लानिंग में मुद्रास्फीति एक महत्वपूर्ण कारक है। मुद्रास्फीति रिटायरमेंट फंड के मूल्य को गंभीर रूप से नष्ट कर सकती है। 
  5. पेंशन कैलकुलेटर इन्फ्लेशन रेट के बाद रिटर्न के लिए एक्सपेक्टेड रेट पूछता है। रिटर्न की वार्षिक दर रिटायरमेंट फंड की अवधि और आकार का निर्धारण करेगी। 
  6. अंतिम चरण में, पेंशन कैलकुलेटर रिटायरमेंट लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आवश्यक अमाउंट दिखता है। इसके अतिरिक्त, कैलकुलेटर रिटायरमेंट पर वर्तमान खर्चों का मूल्य भी दिखाता है।

हमें उम्मीद है कि इस लेख ने आपको पेंशन कैलकुलेटर के बारे में सभी विवरण जानने में मदद की है। आप ऊपर बताये गए टिप्स और पेंशन कैलकुलेटर के उपयोग से अपने भविष्य की राह को सुरक्षित कर सकते हैं। 

मिडिल क्लास के लिए बेस्ट फिक्स्ड डिपॉजिट प्लान्स 2022 की सूची यहाँ देखें!



बैंक सावधि जमा (bank fixed deposits) और कॉर्पोरेट सावधि जमा (Corporate fixed deposits) दोनों भारत के पॉपुलर टर्म इन्वेस्टमेंट प्लान्स हैं। इसके कारण इन्हे कम जोखिम वाले और गारंटीड रिटर्न वाले माना जाता है। लेकिन बेकार पड़े फंड को फिक्स्ड डिपॉजिट करना कहानी का अंत नहीं है। आपको इन्वेस्टमेंट के बेस्ट विकल्पों के माध्यम से अपने पैसे फिक्स्ड डिपॉजिट्स में इन्वेस्ट करना चाहिए।

हम में से अधिकांश लोग कम जोखिम वाले इन्वेस्टमेंट साधन पसंद करते हैं, और उन्ही के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट्स एक ऐसी योजना है, जो कम जोखिम के साथ अच्छा रिटर्न देती है। बैंकों की जमा राशियों से लेकर नॉन-बैंकिंग फाइनेंसियल कंपनीज की जमा राशियों से लेकर डाकघरों की सावधि जमाओं (Post Office Fixed Deposit Plans) तक, निवेशकों (Investors) के पास आज चुनने के लिए FD विकल्पों की एक विस्तृत श्रृंखला (Wide Range) है। कई फैक्टर एक फिक्स्ड डिपॉजिट्स स्कीम को इन्वेस्टमेंट करने के योग्य बनाते हैं जैसे कि इसकी ब्याज दर, इसकी फ्लेक्सिबिलिटी, और इसमें हमारी मेहनत की कमाई को इन्वेस्ट करने के लिए इसकी सुरक्षित प्रकृति। बैंकों की सावधि जमाओं के बारे में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इन जमाओं को डिपाजिट इन्शुरन्स और क्रेडिट गारंटी कारपोरेशन द्वारा सुरक्षित किया जाता है।

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हालांकि, महामारी के कारण इस साल FD की ब्याज दरों में गिरावट आई है। ऐसी स्थिति में, कुछ छोटे वित्तीय बैंक (Small Financial Banks) और कमर्शियल बैंक्स द्वारा दी जाने वाली बेस्ट फिक्स्ड डिपॉजिट प्लान्स (Best FD Plans Details in Hindi) का उल्लेख नीचे किया गया है:

मिडिल क्लास के लिए बेस्ट फिक्स्ड डिपॉजिट प्लान्स । Best FD Plans Details for Middle Class in Hindi

नीचे हम मिडिल क्लास के लिए बेस्ट फिक्स्ड डिपॉजिट प्लान्स (Best FD Plans Details for Middle Class in Hindi) का एक छोटा सा विवरण प्रदान करने जा रहे हैं।

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क्रमांक फिक्स्ड डिपॉजिट प्लान्स विशेषताएं
डीसीबी बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट प्लान्स (DCB Bank Fixed Deposits Plans Details in Hindi)
  • कार्यकाल सात दिनों से लेकर 10 वर्ष तक है।
  • ब्याज (Interest) भुगतान के विकल्प लचीले (flexible) हैं।
  • इस योजना में आप न्यूनतम 10,000 रूपये की राशि जमा कर सकते हैं । 
  • FD राशि के 80% तक FD पर लोन लेने की सुविधा।
  • यह योजना गैर-संचयी विकल्प के लिए त्रैमासिक (quarterly), अर्ध-वार्षिक (half-yearly), वार्षिक (yearly) और त्रैमासिक ब्याज भुगतान (quarterly interest payout) प्रदान करती है।
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट प्लान्स (IDFC First Bank Fixed Deposits Plans Details in Hindi)
  • इस फिक्स्ड डिपॉजिट्स की अवधि सात दिनों से लेकर 10 साल तक की होती है।
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए, यह बैंक अतिरिक्त 0.50% ब्याज दर प्रदान करता है।
  • 180 दिनों तक की अवधि के लिए साधारण ब्याज।
  • समय से पहले निकासी या बंद होने की स्थिति में वरिष्ठ नागरिकों (senior citizens) पर कोई जुर्माना नहीं लगाया जाता है।
  • 180 दिनों से अधिक की अवधि के लिए, ब्याज त्रैमासिक रूप से संयोजित होता है।
इंडसइंड बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट प्लान्स (IndusInd Bank Fixed Deposits Plans Details in Hindi)
  • इन्वेस्टमेंटकी अवधि सात दिनों से लेकर पांच साल तक होती है।
  • आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) की अनुमति है।
  • वरिष्ठ नागरिकों को 0.50% अतिरिक्त FD दरें मिलती हैं।
  • परिपक्वता (Maturity) पर मासिक, त्रैमासिक, अर्ध-वार्षिक या वार्षिक आधार पर ब्याज प्राप्त किया जा सकता है।
  • नामांकन की सुविधा और ऑटो-नवीनीकरण के विकल्प की पेशकश की जाती है।
  • लिंक किए गए चालू (Current) या बचत खाते (Savings Account) में राशि जमा करके ब्याज का भुगतान किया जाता है।
आरबीएल बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट प्लान्स (RBL Bank Fixed Deposit Plans Details in Hindi)
  • फिक्स्ड डिपॉजिट्स की अवधि सात दिनों से लेकर 20 वर्ष तक होती है।
  • नामांकन (Nomination) की सुविधा प्रदान की जाती है।
  • आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) और कुल समयपूर्व निकासी (total premature withdrawal) के विकल्प प्रदान किए जाते हैं।
  • FD अकाउंट को इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग (Mobile Banking) के जरिए आसानी से एक्सेस किया जा सकता है।
यस बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट प्लान्स (Yes Bank Fixed Deposits Plans Details in Hindi)
  • इस पॉलिसी की अवधि सात दिन से लेकर दस साल तक की होती है।
  • ऑटो-नवीनीकरण की सुविधा प्रदान की जाती है।
  • ओवरड्राफ्ट की सुविधा प्रदान की जाती है।
  • स्वीप-इन सुविधा की पेशकश की जाती है।
  • सावधि जमा (Fixed Deposit) की समयपूर्व निकासी के लिए कोई जुर्माना (Penalty) नहीं है।
फिनकेयर स्मॉल फाइनेंस बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट प्लान्स (Fincare Small Finance Bank Fixed Deposits Plans Details in Hindi)
  • फिक्स्ड डिपॉजिट्स की अवधि सात दिनों से लेकर सात वर्ष तक होती है।
  • ब्याज का भुगतान लचीला (flexible) है, जो गैर-संचयी और संचयी (तिमाही/मासिक) है।
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट्स दर 0.50% अतिरिक्त है।
  • 2 करोड़ रुपये तक की जमा राशि के लिए, FD दरें 7.50% तक जा सकती हैं।
  • प्री-क्लोजर और लचीले नवीनीकरण (flexible renewals) की पेशकश की जाती है।
जन लघु वित्त बैंक सावधि जमा प्लान्स (Jana Small Finance Bank Fixed Deposits Plans Details in Hindi)
  • सावधि जमा (Fixed Deposit) की अवधि सात दिनों से लेकर 10 वर्ष तक होती है।
  • FD शुरू करने के लिए शुरुआती जमा राशि रु. 1,000 है। 
  • जन स्मॉल फाइनेंस बैंक गैर-संचयी और संचयी विकल्प (तिमाही, वार्षिक, अर्ध-वार्षिक और मासिक आधार) चुनने का विकल्प प्रदान करता है।
  • मोबाइल बैंकिंग ऐप के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।
नार्थ ईस्ट स्माल फाइनेंस बैंक सावधि जमा प्लान्स (North East Small Finance Bank Fixed Deposits Plans Details in Hindi)
  • इन FD की अवधि सात दिनों से लेकर दस साल तक की होती है।
  • आंशिक निकासी की सुविधा दी जा रही है।
  • न्यूनतम जमा राशि रु. 1,000 है।
  • पुनर्निवेश (reinvestment) का विकल्प प्रदान किया गया है।
  • ऑटो-नवीनीकरण (auto-renewal) की सुविधा प्रदान की जाती है।
सूर्योदय लघु वित्त बैंक सावधि जमा प्लान्स (Suryodaya Small Finance Bank Fixed Deposits Plans Details in Hindi)
  • इस बैंक की FD की अवधि सात दिनों से लेकर 10 साल तक की होती है।
  • संचयी (Cumulative) और गैर-संचयी (non-cumulative) विकल्प प्रदान किए जाते हैं।
  • सस्ती FD राशि जो 1,000 रूपये से शुरू हो सकती  है।
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए सावधि जमा के लिए अतिरिक्त 0.25% ब्याज दर की पेशकश की जाती है।
  • छह महीने से कम समय में मैच्योर होने वाली FD के लिए साधारण ब्याज़ दर का भुगतान किया जाता है।
  • अगर FD खुलने की तारीख से सात दिनों से कम समय में निकाली जाती है, तो कोई ब्याज नहीं दिया जाता है।
  • छह महीने या उससे अधिक समय में परिपक्व होने वाली जमाराशियों के लिए ब्याज त्रैमासिक रूप से संयोजित होता है।
उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक सावधि जमा प्लान्स (Utkarsh Small Finance Bank Fixed Deposits Plans Details in Hindi)
  • उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक की FD की अवधि सात दिनों से लेकर 10 साल तक की होती है.
  • न्यूनतम निवेश रु. 1,000. है। 
  • जमाकर्ता अपने नामांकित व्यक्ति को ऑनलाइन नियुक्त कर सकता है।
  • हिंदू अविभाजित परिवार, निवासी भारतीय, साझेदारी फर्म, एकल स्वामित्व, ट्रस्ट खाते और लिमिटेड कंपनियां इस बैंक के साथ फिक्स्ड डिपॉजिट्स अकॉउंट खोलने के लिए पात्र हैं।



ये वर्ष 2022 के लिए कुछ बेस्ट फिक्स्ड डिपाजिट प्लान्स हैं। आप अपनी सुविधा और आवश्यकता के अनुसार कोई भी प्लान चुन सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q. फिक्स्ड डिपाजिट प्लान्स में इन्वेस्ट करने से इनकम टैक्स में क्या लाभ होते हैं?

उत्तर-  5 साल की FD में इन्वेस्ट करने पर आप 1.5 लाख रूपये आईटी अधिनियम, 1961 की धारा 80 के तहत फायदा ले सकते हैं। 

Q. क्या FD में ब्याज पर टैक्स लगता है?

उत्तर- हां, FD पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह से टैक्सेबल है। अर्जित आय को आपकी कुल आय में जोड़ा जाता है और आपके टैक्स ब्रैकेट के अनुसार टैक्स लगाया जाता है। यह आपके आईटीआर में ‘अन्य स्रोतों से आय’ के तहत दिखाई देता है। इसके अलावा, बैंक और एनबीएफसी आपकी ब्याज आय पर टीडीएस भी काटते हैं।

Q. फिक्स्ड डिपाजिट ब्याज पर टैक्स कैसे बचाएं?

उत्तर- अपने FD प्रोवाइडर को फॉर्म 15G या फॉर्म 15H (वरिष्ठ नागरिकों के लिए) जमा करें। टीडीएस से बचने के लिए इस फॉर्म को हर साल जमा करना होता है। कृपया ध्यान दें कि यदि आपकी ब्याज आय कर योग्य है लेकिन आप अपने FD प्रोवाइडर को TDS के विरुद्ध निर्देश देते हैं, तो आपको ITR दाखिल करते समय उसका भुगतान करना होगा।

Q. क्या FD एक सुरक्षित इन्वेस्टमेंट ऑप्शन है?

उत्तर- हां, एफडी जोखिम से बचने वाले इंवेटसोर्स के लिए एक सुरक्षित इन्वेस्टमेंट ऑप्शन है जो अपनी बचत बढ़ाने के लिए एक फिक्स्ड इन्वेस्टमेंट एवेन्यू की तलाश कर रहे हैं। 

Q. FD के लिए समय से पहले निकासी पर जुर्माना शुल्क क्या हैं?

उत्तर- बैंक और NBFC FD खातों से समय से पहले निकासी पर 0.5% – 1% का जुर्माना लगाते हैं।


भारत के बेस्ट इन्वेस्टमेंट प्लान्स 2022 की सूची यहाँ देखें!



अधिकांश इन्वेस्टर्स हमेशा इस तरह से इन्वेस्ट करना चाहते हैं जहाँ अपने मूल धन खोने के जोखिम के बिना जितनी जल्दी हो सके आसानी से रिटर्न मिले। यही कारण है कि कई लोग हमेशा बेस्ट इन्वेस्टमेंट प्लान्स की तलाश में रहते हैं, जहाँ वे कुछ महीनों या वर्षों में बहुत कम या बिना जोखिम के अपने पैसे को दोगुना कर सकते हैं।

हालांकि, हर तरह के इन्वेस्टमेंट में इन दोनों का मिला जुला संयोजन होता है, यानी जोखिम और रिटर्न सीधे एक दूसरे से मिले हुए हैं, वे साथ-साथ चलते हैं, यानी जितना अधिक रिटर्न, उतना अधिक जोखिम और जितना काम रिटर्न उतना कम जोखिम।

इन्वेस्टमेंट के विभिन्न ऑप्शन का चयन करते समय, आपको निवेश करने से पहले उससे संबंधित जोखिमों के साथ अपने स्वयं के जोखिम के बारे में जान लेना चाहिए। कुछ इन्वेस्टमेंट ऐसे हैं जो उच्च जोखिम रखते हैं लेकिन कुछ ही समय में हाई रिटर्न प्रदान करने की क्षमता रखते हैं।

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इन्वेस्टमेंट प्लान्स क्या है ?

इन्वेस्टमेंट प्लान्स एक तरह के वित्तीय साधन हैं जो किसी भी व्यक्ति को अपने भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के लिए धन इकट्ठा करने की योजना प्रदान करते हैं। इन्वेस्टमेंट प्लान्स में विभिन्न फंड विकल्पों या स्कीम्स में समय-समय पर निवेश शामिल होता है जो किसी भी व्यक्ति को अपने भविष्य के लिए धन इकट्ठा करने में मदद करने वाले निवेश पर रिटर्न प्रदान करता है। इन्वेस्टमेंट प्लान्स मुख्यतः किसी भी व्यक्ति को अपने भविष्य के लिए धन इकट्ठा करने की आदत डालने में प्रोत्साहित करते हैं। कोई भी अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार इन्वेस्टमेंट प्लान्स चुन सकता है। कई प्रकार की निवेश योजनाएं हैं जिनमें से कोई भी चुन सकता है। एक अच्छी निवेश योजना किसी भी व्यक्ति को अपने परिवार के सदस्यों की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद कर सकती है। इन्वेस्टमेंट प्लान्स आपकी कमाई को दोगुना करने का एक शानदार तरीका हैं।

इन्वेस्टमेंट प्लान्स के उद्देश्य

इन्वेस्टमेंट प्लान्स एक सुखी और शांतिपूर्ण वित्तीय भविष्य की कुंजी हैं। निवेश की दुनिया में अपना रास्ता बनाने के इच्छुक निवेशकों को इन्वेस्टमेंट प्लान्स को अंतिम समाधान के रूप में मानना ​​​​चाहिए। साथ में एक अच्छी और विश्वसनीय इन्वेस्टमेंट प्लान्स होने से व्यक्ति को यह सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है कि भविष्य में जब भी आवश्यकता हो या आपातकालीन स्थिति हो, तो उनके पास भविष्य में एकत्रित धन प्राप्त हो सकता है।

विभिन्न इन्वेस्टमेंट प्लान्स के मुख्य उद्देश्य निम्न है:

  • वित्तीय सुरक्षा: इन्वेस्टमेंट प्लान्स वित्तीय सुरक्षा प्रदान करते हैं। इन्वेस्टमेंट प्लान्स एक ऐसा तरीका है जिससे यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि वे या उनके प्रियजन कभी भी वित्तीय संकट की स्थिति में आये तो उन्हें इन इन्वेस्टमेंट प्लान्स का फायदा मिल सके। अन्य जोखिम भरे विकल्पों की तुलना में एक अच्छी निवेश योजना हमेशा आपकी वित्तीय स्थिति को सुरक्षा प्रदान करेगी।
  • अतिरिक्त आय: इन्वेस्टमेंट प्लान्स अतिरिक्त आय या लाभ के रूप में कार्य करके निवेशक की नियमित आय में वृद्धि करती हैं। एक निवेशक सही निवेश योजना में निवेश करके आसानी से एक महत्वपूर्ण अंतर से अपनी आय को अधिकतम कर सकता है।
  • ग्रोथ: भविष्य में वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण उपकरणों में से एक, इन्वेस्टमेंट प्लान्स ग्रोथ की एक ऐसी मोटर है जो समय बीतने के साथ वांछित परिणाम देती हैं और निवेशकों को लंबे समय में एक महत्वपूर्ण विकास का आनंद लेने में मदद करती हैं।

बेस्ट इन्वेस्टमेंट प्लान्स कैसे चुनें?

बेस्ट इन्वेस्टमेंट प्लान्स चुनते समय आपको निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  1. लक्ष्य विश्लेषण: अपने वित्तीय लक्ष्यों और आवश्यकताओं का विश्लेषण करें। 
  2. एक रणनीति बनाएं: अपनी आवश्यकताओं के अनुसार बेस्ट इन्वेस्टमेंट प्लान चुनने की रणनीति बनाएं। 
  3. पॉलिसी अवधि का मूल्यांकन करें: आश्रितों की संख्या आदि जैसे कई कारकों को ध्यान में रखते हुए, उस अवधि का मूल्यांकन करें जिसके लिए आप निवेश करना चाहते हैं।
  4. सुविधाओं की तुलना करें: किसी योजना में निवेश करने से पहले कई सुविधाओं जैसे कवर, राइडर्स, प्रीमियम, पेआउट प्रकार, रिटर्न आदि की तुलना करें। 
  5. डायवर्सिफाई इन्वेस्टमेंट: डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो में जाने की सलाह दी जाती है। इसका मतलब है, एक निवेश योजना में निवेश करने के बजाय, आपको कई इन्वेस्टमेंट प्लान का चयन करना चाहिए। 
  6. समय-समय पर निवेश की निगरानी करें: समय-समय पर अपनी इन्वेस्टमेंट प्लान्स की समीक्षा करें। 



इन्वेस्टमेंट प्लान्स के प्रकार

इन्वेस्टमेंट प्लान्स को तीन प्रमुख श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है। इन्वेस्टमेंट प्लान्स का वर्गीकरण मुख्यतः जोखिम के आधार पर किया जाता है। इन्वेस्टर्स को हमेशा से यही सलाह दी जाती है कि निवेशकों को अंतिम निवेश निर्णय लेने से पहले इन्वेस्टमेंट प्लान्स से जुड़े जोखिम कारक पर विचार करना चाहिए। जोखिम के पहलू पर आधारित तीन प्रकार के इन्वेस्टमेंट प्लान्स हैं:

कम जोखिम वाले इन्वेस्टमेंट प्लान्स: जैसा कि नाम से पता चलता है, कम जोखिम वाले इन्वेस्टमेंट प्लान्स वे इन्वेस्टमेंट प्लान्स हैं जो कम जोखिम या नुकसान के साथ एक स्थिर और विश्वसनीय पूंजी वृद्धि प्रदान करते हैं। इस प्रकार के इन्वेस्टमेंट प्लान्स उन इन्वेस्टर्स के लिए सही है जो निवेश पोर्टफोलियो में कम जोखिम और गारंटीड रिटर्न वाले निवेश विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। कम जोखिम वाले कुछ निवेश विकल्पों में पीपीएफ, सोना, बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट और राष्ट्रीय पेंशन योजना आदि शामिल हैं।

मध्यम-जोखिम वाले इन्वेस्टमेंट प्लान्स: मध्यम-जोखिम वाले इन्वेस्टमेंट प्लान्स ऐसे प्लान्स हैं जो एक विविध और संतुलित निवेश प्रदान करते हैं। इस प्रकार के इन्वेस्टमेंट प्लान्स दो प्रमुख उद्देश्यों को पूरा करता है, एक निवेशक को विकास का अवसर प्रदान करता है और दूसरा एक निर्दिष्ट स्तर तक बाजार की अस्थिरता को संभालता है। मध्यम जोखिम वाली निवेश योजनाएं निवेशकों को ऋण और इक्विटी प्रतिभूतियों के संयोजन के साथ निवेश पोर्टफोलियो में विविधता लाकर मध्यम जोखिम के साथ स्थिर रिटर्न का आनंद लेने का अवसर प्रदान करती हैं। कुछ मध्यम जोखिम वाली निवेश योजनाओं में मासिक आय योजना, आर्बिट्राज फंड और हाइब्रिड-ऋण उन्मुख फंड प्लान्स शामिल हैं।

उच्च-जोखिम वाले इन्वेस्टमेंट प्लान्स: उच्च-जोखिम वाले इन्वेस्टमेंट प्लान्स वे प्लान्स हैं जिसमें महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव शामिल होते हैं। हालांकि, लंबी अवधि में इन निवेश योजनाओं से भारी रिटर्न संभव होने की संभावना भी काफी अधिक है। इस प्रकार के इन्वेस्टमेंट प्लान्स उन निवेशकों के लिए अत्यधिक उपयुक्त है जो उच्च जोखिम लेने की क्षमता रखते हैं और लम्बे समय तक अच्छी आय पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।

बेस्ट रिटर्न देने वाले इन्वेस्टमेंट प्लान्स 

नीचे सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाली स्कीम की सूची देखें। 

इन्वेस्टमेंट ऑप्शन किस अवधि के लिए सही है  रिटर्न दर
बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट शॉर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए बेस्ट है  3.5% – 5% प्रति वर्ष
राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) 5 साल इन्वेस्टमेंट के लिए बेस्ट है  6.80% प्रति वर्ष
लघु अवधि के म्यूचुअल फंड 3 साल इन्वेस्टमेंट के लिए बेस्ट है  6 % – 8% प्रति वर्ष
अल्ट्रा-शॉर्ट टर्म फंड 1 साल इन्वेस्टमेंट के लिए बेस्ट है  3% – 5% प्रति वर्ष
पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना मंथली इनकम के लिए बेस्ट है  6.60% प्रति वर्ष
चाइल्ड म्यूचुअल फंड बच्चों के भविष्य के लिए बेस्ट है  10% – 15% प्रति वर्ष (मार्केट लिंक्ड)
म्यूचुअल फंड एसआईपी योजनाएं जॉब करने वाले व्यक्ति के लिए बेस्ट है  10% – 15% प्रति वर्ष  (मार्केट लिंक्ड)
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस) सीनियर सिटीजन के लिए बेस्ट है  7.4% प्रति वर्ष 
सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई)  लड़कियों के लिए बेस्ट है  7.6% प्रति वर्ष
राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) रिटायरमेंट के बाद के लिए बेस्ट है  8% – 10% प्रति वर्ष (मार्केट लिंक्ड)
डेट म्यूचुअल फंड बिगिनर्स के लिए बेस्ट है  7-9% प्रति वर्ष (मार्केट लिंक्ड)
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए बेस्ट है  7.1% प्रति वर्ष 

बेस्ट शॉर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट ऑप्शन

नीचे भारत के बेस्ट शॉर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट ऑप्शन देखें। 

इन्वेस्टमेंट ऑप्शन रिटर्न की दर (% प्रतिवर्ष)
लिक्विड फंड 5%
कॉरपोरेट डिपॉजिट 5% -7%
बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट 3-5.5%
रेकरिंग डिपॉजिट 3.5-5%
पोस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट 5.5-6.7%

हमें उम्मीद है, कि इस लेख के माध्यम से आप यह तो जान ही चुके होंगे की भारत में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाली स्कीम कौन-कौन सी हैं। यदि आपको इस लेख से सम्बंधित कोई प्रश्न है या फिर आप किसी अन्य तरह के लेखों को पढ़ने की इच्छा रखते हैं, तो हमें कमेंट सेक्शन में बताएं और इस लेख को ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करें जिससे अन्य लोग भी इस लेख के माध्यम से लाभ ले सकें। 

भारत की विभिन्न बैंकों के फिक्स्ड डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट्स 2022!



फिक्स्ड डिपॉजिट एक सुरक्षित निवेश विकल्प है जो आयकर कटौती के साथ निरंतर ब्याज दरों, वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष ब्याज दरों, विभिन्न ब्याज भुगतान विकल्पों और बाजार से संबंधित जोखिमों के बिना पेश किया जाता है। नई फिक्स्ड डिपॉजिट करें या मौजूदा का नवीनीकरण करने से पहले देश के अग्रणी बैंकों के बीच नवीनतम फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स की तुलना करना महत्वपूर्ण है। इसलिए आज हम इस लेख में भारत की विभिन्न बैंकों के फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स के बारे में चर्चा करेंगे।

बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट के जरिये इन्वेस्टमेंट सबसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में से एक माना जाता है। जिसमें निवेशक या फिक्स्ड डिपॉजिट करने वाला व्यक्ति निश्चित ब्याज दर पर एक विशिष्ट अवधि के लिए बैंक के पास एकमुश्त राशि जमा करता है। बैंक राशि पर ब्याज को कंपाउंड करता है। बैंक FD के मैच्योर होने के बाद निवेशक को उसकी राशि ब्याज के साथ मिलती है। भारत में अलग-अलग बैंक अलग-अलग ब्याज दरों (इंटरेस्ट रेट्स) की देते हैं।

यहाँ पढ़ें – भारत के बेस्ट सेविंग प्लान कौन-कौन से हैं?

फिक्स्ड डिपॉजिट क्या है ?

फिक्स्ड डिपॉजिट या FD बैंकों और नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कम्पनीज (NBFC) द्वारा पेश किया जाने वाला एक इन्वेस्टमेंट प्लान है। फिक्स्ड डिपाजिट में, आप एक निश्चित समय के लिए निवेश कर सकते हैं, जिसमें एक निश्चित ब्याज़ दर से राशि प्राप्त होती है। यह एक ऐसा प्लान है जहाँ आप निवेश करते समय जानते हैं कि आपको मचुरिटी के समय कितनी ब्याज दर मिलेगी और आपको कितना पैसा मिलेगा। इसमें आपको ब्याज के नियमित भुगतान का चयन करने का विकल्प भी मिलता है।

फिक्स्ड डिपॉजिट के लाभ

  • सुनिश्चित रिटर्न – फिक्स्ड डिपाजिट में इस बात का कोई फर्क नहीं पड़ता कि ब्याज दरें कैसे चलती हैं या अर्थव्यवस्था कैसे चल रही है, आपको निवेश के समय निश्चित रिटर्न मिलेगा।
  • मचुरिटी की राशि और ब्याज – कार्यकाल के अंत में, आपको संचित ब्याज के साथ आपके द्वारा लगाई गई राशि वापस मिल जाती है।
  • चक्रवृद्धि ब्याज के साथ तेज वृद्धि – आप ब्याज राशि पर भी ब्याज कमाते हैं। इससे आपको बड़ी राशि आसानी से जमा करने में मदद मिलती है।
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए हाई इंटरेस्ट रेट्स – फिक्स्ड डिपॉजिट में वरिष्ठ नागरिकों के लिए हाई इंटरेस्ट रेट्स प्रदान किया जाता है।

फिक्स्ड डिपाजिट (FD) कैसे काम करती है?

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) बैंक में एक निश्चित अवधि के लिए इन्वेस्टर्स द्वारा जमा की गई एक विशिष्ट राशि को लॉक कर देता है। सामान्य तौर पर, बैंक जमाकर्ताओं को कम से कम 7 दिनों से लेकर 10 साल तक की अवधि के लिए अपने फंड को निवेश करने के ऑफर प्रदान करते हैं। कार्यकाल का चुनाव उस इन्वेस्टर्स पर निर्भर करता है जो एफडी खाता खोल रहा है। जमा पर ब्याज दर उस अवधि पर निर्भर करती है जिसके लिए बैंक के पास एकमुश्त राशि रखी जाती है।

आमतौर पर बैंक जमाकर्ताओं को नियत तारीख से पहले पैसे निकालने की अनुमति नहीं देते हैं। परन्तु कुछ बैंक समय से पहले निकासी की सुविधा प्रदान करते हैं, हालांकि इसमें बैंक कम ब्याज दर देते हैं।

एक बार जब फिक्स्ड डिपाजिट (FD) की अवधि पूरी हो जाती है, तो बैंक जमाकर्ता के बैंक खाते में मूलधन और ब्याज जमा कर देता है। चूंकि ब्याज दर और जमा अवधि निश्चित होती हैं। बैंक जमा प्रकार को फिक्स्ड डिपाजिट (FD) के रूप में संदर्भित करते हैं।

जानें यूलिप क्या है और यूलिप में कैसे इन्वेस्ट करें

विभिन्न प्रकार के फिक्स्ड डिपाजिट इन्वेस्टमेंट

फिक्स्ड डिपाजिट (FD) के विभिन्न प्रकार हैं:

    • सामान्य फिक्स्ड डिपाजिट (FD): यह FD एक विशिष्ट, निश्चित अवधि के लिए 7 दिनों से लेकर 10 वर्षों तक के लिए धन जमा करता है। इस प्रकार के FD लिए ब्याज दर सामान्य बचत खाते से अधिक होती है।
    • टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट: यह FD केवल एकमुश्त जमा की अनुमति देता है और 1.5 लाख रुपये तक की मूल जमा राशि पर इनकम टैक्स की छूट देता है। इसमें 5 साल का लॉक-इन पीरियड होता है।
    • सीनियर सिटीजन फिक्स्ड डिपॉजिट: इस प्रकार की FD 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए लागू होती है जो विशेष ब्याज दरों और लचीली अवधि का आनंद ले सकते हैं।
    • संचयी फिक्स्ड डिपॉजिट: इस प्रकार की FD में प्रत्येक तिमाही या वर्ष में चक्रवृद्धि ब्याज देता है और फिक्स्ड डिपॉजिट की अंतिम तिथि के समय भुगतान करता है।
    • गैर-संचयी फिक्स्ड डिपॉजिट: इस प्रकार की FD के तहत, जमाकर्ता की पसंद के अनुसार, मासिक, त्रैमासिक, अर्ध-वार्षिक या वार्षिक रूप से ब्याज का भुगतान किया जाता है।
    • फ्लेक्सी फिक्स्ड डिपॉजिट: इस प्रकार की FD में, फिक्स्ड डिपॉजिट निवेशक के बैंक खाते से जुडी होती है।
    • NRI फिक्स्ड डिपॉजिट: इस FD टाइप में विदेश में रहने वाले भारतीय फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश कर सकते हैं। नॉन-रेजिडेंट आर्डिनरी (एनआरओ) खातों के माध्यम से इंडिया में फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश किया जा सकता है।



भारत की टॉप 10 बैंकों की फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स

7 दिनों से लेकर 10 साल तक के कार्यकाल के लिए भारत की टॉप बैंकों द्वारा दी जाने वाली नवीनतम ब्याज दरें नीचे दी गई हैं।

बैंक का नाम  सामान्य नागरिकों के लिए (प्रति वर्ष)  वरिष्ठ नागरिकों के लिए (प्रति वर्ष)
भारतीय स्टेट बैंक फिक्स्ड डिपाजिट 2.90% to 5.50% 3.40% to 6.30%
एचडीएफसी बैंक फिक्स्ड डिपाजिट 2.50% to 5.60% 3.00% to 6.35%
आईडीबीआई बैंक फिक्स्ड डिपाजिट 2.70% to 5.60% 3.20% to 6.35%
पंजाब नेशनल बैंक फिक्स्ड डिपाजिट 3.00% to 5.25% 3.50% to 5.75%
केनरा बैंक फिक्स्ड डिपाजिट 2.90% to 5.75% 2.90% to 6.25%
एक्सिस बैंक फिक्स्ड डिपाजिट 2.50% to 5.75% 2.50% to 6.50%
बैंक ऑफ बड़ौदा फिक्स्ड डिपाजिट 2.80% to 5.35% 3.30% to 6.35%
आईडीएफसी बैंक फिक्स्ड डिपाजिट 2.50% to 6.25% 3.00% to 6.75%
बैंक ऑफ इंडिया फिक्स्ड डिपाजिट 2.85% to 5.20% 3.35% to 5.95%
पंजाब एंड सिंध बैंक फिक्स्ड डिपाजिट 3.00% to 5.40% 3.50% to 5.90%

टॉप 10 टैक्स सेवर फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स

टैक्स-सेवर FD, इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये की अधिकतम कटौती की पेशकश करते हैं, जिसमें अधिकतम जमा राशि 1.5 लाख रुपये है। लॉक-इन अवधि 5 वर्ष है। वरिष्ठ नागरिकों को 0.50% अतिरिक्त ब्याज दर की पेशकश की जाती है।

टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपाजिट का नाम सामान्य नागरिकों के लिए (प्रति वर्ष) वरिष्ठ नागरिकों के लिए (प्रति वर्ष)
एसबीआई बैंक टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपाजिट 5.30% 5.80%
इंडसइंड बैंक टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपाजिट 6.50% 7.00%
एचडीएफसी बैंक टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपाजिट 5.45% 5.95%
केनरा बैंक टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपाजिट 5.75% 6.25%
एक्सिस बैंक टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपाजिट 5.75% 6.50%
बैंक ऑफ बड़ौदा टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपाजिट 5.35% 6.00%
आईडीएफसी बैंक टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपाजिट 6.25% 6.75%
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपाजिट 5.40% 5.90%
पीएनबी टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपाजिट 5.25% 5.75%
पंजाब एंड सिंध बैंक टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपाजिट 5.40% 6.40%
आईडीबीआई बैंक टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपाजिट 5.60% 6.35%

टॉप नॉन-बैंकिंग फाइनेंसियल कम्पनीज फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स 

नॉन-बैंकिंग फाइनेंसियल कम्पनीज भी अपने फिक्स्ड डिपाजिट एकाउंट्स पर अच्छे ब्याज दरों की पेशकश करती हैं। जून 2022 से प्रभावी 2 करोड़ रुपये से कम जमा के लिए 1 वर्ष से 5 वर्ष तक के कार्यकाल के लिए उच्चतम ब्याज दरें यहाँ दी गई हैं।

बैंक का नाम कार्यकाल सामान्य नागरिकों के लिए वरिष्ठ नागरिकों के लिए 
एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस एफडी 12 महीने से 60 महीने 5.15% से 6.00% 5.40% से 6.25%
पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस एफडी 12 महीने से 120 महीने 5.75% से 6.85% 6.00% से 7.10%
श्रीराम सिटी यूनियन फाइनेंस एफडी 12 महीने से 60 महीने 7.75% 8.05% तक



1 साल के लिए हाईएस्ट फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स 

यहाँ भारत की टॉप बैंकों द्वारा 1 साल की फिक्स्ड डिपाजिट के लिए दी जाने वाली हाईएस्ट फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स दिए गए हैं:

बैंक का नाम सामान्य नागरिकों के लिए वरिष्ठ नागरिकों के लिए
IDFC फ़र्स्ट बैंक 5.75% 6.25%
बैंक ऑफ़ इंडिया 5.00% 5.25%
आईडीबीआई बैंक 5.15% 5.65%
पंजाब नेशनल बैंक 5.10% 5.60%
केनरा बैंक 5.30% 5.80%
भारतीय स्टेट बैंक 5.10% 5.60%
पंजाब एंड सिंध बैंक 5.15% 5.65%

2 साल के लिए हाईएस्ट फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स 

यहाँ भारत की टॉप बैंकों द्वारा 2 साल की फिक्स्ड डिपाजिट के लिए दी जाने वाली हाईएस्ट फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स दिए गए हैं:

बैंक का नाम सामान्य नागरिकों के लिए वरिष्ठ नागरिकों के लिए
IDFC फ़र्स्ट बैंक 5.75% 6.25%
आईडीबीआई बैंक 5.25% 6.00%
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 5.10% 5.60%
केनरा बैंक 5.45% 5.95%

3 साल के लिए हाईएस्ट फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स 

यहाँ भारत की टॉप बैंकों द्वारा 3 साल की फिक्स्ड डिपाजिट के लिए दी जाने वाली हाईएस्ट फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स दिए गए हैं:

बैंक का नाम  सामान्य नागरिकों के लिए वरिष्ठ नागरिकों के लिए 
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक 6.00% 6.50%
एक्सिस बैंक 5.40% 5.90%
आईडीबीआई बैंक 5.50% 6.25%
भारतीय स्टेट बैंक 5.45% 5.95%
पंजाब और सिंध बैंक 5.40% 5.90%

5 साल के लिए हाईएस्ट फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स 

यहाँ भारत की टॉप बैंकों द्वारा 5 साल की फिक्स्ड डिपाजिट के लिए दी जाने वाली हाईएस्ट फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स दिए गए हैं:

बैंक का नाम सामान्य नागरिकों के लिए वरिष्ठ नागरिकों के लिए
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक 6.25% 6.75%
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 5.40% 5.90%
आईडीबीआई बैंक 5.60% 5.35%
केनरा बैंक 5.75% 6.25%
एक्सिस बैंक 5.75% 6.50%
भारतीय स्टेट बैंक 5.50% 6.30%

फ्लेक्सी फिक्स्ड डिपाजिट/ऑटो-स्वीप फैसिलिटी

यहाँ भारत की टॉप बैंकों द्वारा फ्लेक्सी फिक्स्ड डिपाजिट/ऑटो-स्वीप फैसिलिटी के लिए दी जाने वाली हाईएस्ट फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स दिए गए हैं:

बैंक कार्यकाल सामान्य नागरिकों के लिए वरिष्ठ नागरिकों के लिए
भारतीय स्टेट बैंक 5 साल से 7 साल 5.50% 6.30%
एक्सिस बैंक 6 महीने से 5 साल 4.40% से 5.40% 4.60% से 6.50%

हमें उम्मीद है, कि इस लेख के माध्यम से आप यह तो जान ही चुके होंगे की फिक्स्ड डिपाजिट क्या है और इसके किस बैंक में फिक्स्ड डिपाजिट इंटरेस्ट रेट्स सबसे अधिक हैं। यदि आपको इस लेख से सम्बंधित कोई प्रश्न है या फिर आप किसी अन्य तरह के लेखों को पढ़ने की इच्छा रखते हैं, तो हमें कमेंट सेक्शन में बताएं और इस लेख को ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करें जिससे अन्य लोग भी इस लेख के माध्यम से लाभ ले सकें।

बच्चों के लिए भारत के टॉप इन्वेस्टमेंट प्लान्स 2022 – Top Child investment plans in India in Hindi



माता-पिता के रूप में, हम सभी अपने बच्चों के भविष्य और शिक्षा के खर्चों की चिंता करते हैं और यहाँ तक ​​कि उनकी शादी के लिए पैसे बचाने की भी कोशिश करते हैं। हालांकि, माता-पिता को एक कदम आगे बढ़कर अपने बच्चों को एक सुरक्षित भविष्य प्रदान करने पर विचार करना चाहिए। वे दिन गए जब बच्चे के भविष्य के लिए बचत करने का मतलब मनी-बैक योजनाओं या ULIP आदि में इन्वेस्टमेंट करना था। अगर आप सावधानी से इन्वेस्टमेंट प्लान बनाते हैं और अपने बच्चों के लिए भारत के टॉप इन्वेस्टमेंट प्लान्स (Top Child investment plans in India in Hindi) में इन्वेस्ट करते हैं, तो आप उनकी शादी या कॉलेज की पढाई तक एक बड़ी राशि जमा कर सकते हैं, जिसका उपयोग आप अपने बच्चों की शादी या कॉलेज की पढाई के लिए कर सकते हैं।

बच्चे माता-पिता के लिए दुनिया होते हैं और जिसके कारण हर माता-पिता अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। जब उनकी शिक्षा और आर्थिक रूप से उनके भविष्य को सुरक्षित करने की बात आती है, तो समय पर इन्वेस्टमेंट को सबसे पहले प्राथमिकता देने की आवश्यकता होती है। जिस प्रकार से एजुकेशन महंगा होता जा रहा है, यही सही समय है जब हमें अपने बच्चों के भविष्य के लिए इंवेटस्मेन्ट प्लान खोज लेना चाहिए और इन्वेस्टमेंट स्टार्ट कर देना चाहिए।  यदि आप बच्चो के भविष्य के लिए इन्वेस्टमेंट के बेस्ट प्लान्स की तलाश में हैं, तो आप सही जगह हैं। आप इस आर्टिकल में बच्चों के लिए भारत के टॉप इन्वेस्टमेंट प्लान्स (Top Child investment plans in India in Hindi) के बारे में सभी विवरण जान सकेंगे।

यहाँ पढ़ें – भारत के बेस्ट सेविंग प्लान कौन-कौन से हैं?

बच्चों के लिए भारत के टॉप इन्वेस्टमेंट प्लान्स 2022 – पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)

यदि आप एक लंबी अवधि की निवेश योजना की तलाश कर रहे हैं, तो पीपीएफ चुनें जहां फंड को 15 साल की अवधि के लिए लॉक किया जा सकता है। न्यूनतम 1 लाख प्रति वर्ष निवेश किया जा सकता है और ब्याज दर 8.75 प्रतिशत प्रति वर्ष है। पीपीएफ खाते डाकघरों या बैंकों के माध्यम से खोले जा सकते हैं। आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी और बॉन्ड यील्ड बढ़ने की संभावना के साथ, उम्मीद है कि सरकार आने वाली तिमाहियों से ब्याज दरों में संशोधन करेगी। इस योजना में इन्वेस्टमेंट के बाद प्राप्त ब्याज इनकम टैक्स के दायरे से बाहर रहता है। इसके अलावा आपको इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट भी मिलती है।

पीपीएफ को पांच साल के ब्लॉक में 15 साल से आगे बढ़ाया जा सकता है और उन ब्लॉकों की संख्या की कोई सीमा नहीं है जिन्हें बढ़ाया जा सकता है। इस योजना की एक और विशिष्ट विशेषता यह है कि पीपीएफ खाते को कोई और योगदान किए बिना या बिना किसी और योगदान के बनाए रखा जा सकता है और खाता बंद होने तक कॉर्पस ब्याज अर्जित करना जारी रखेगा।

यदि पीपीएफ अकाउंट होल्डर मचुरिटी की अवधि के बाद भी अकाउंट को आगे जारी रखने का निर्णय लेते हैं, तो उन्हें मचुरिटी अवधि की तारीख से एक वर्ष की अवधि के भीतर फॉर्म एच जमा करना होगा। यदि पीपीएफ अकाउंट होल्डर समय पर ऐसा नहीं करता है, तो पीपीएफ खाते में किए गए नए जमा पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा, खाते में नई जमा राशि भी आयकर की धारा 80C के तहत कटौती के लिए पात्र नहीं होगी। 


बच्चों के लिए भारत के टॉप इन्वेस्टमेंट प्लान्स 2022 – सुकन्या समृद्धि योजना 

यह भारत सरकार द्वारा सपोर्टेड एक सबसे ज्यादा लाभ प्रदान करने वाली बचत योजना है, जो बच्चे के भविष्य और एजुकेशन में इन्वेस्ट करने के लिए कुछ बेहतरीन बचत योजनाओं में से एक है, क्योंकि यह 7.6% की ब्याज दर देती है। इसके अलावा, यह एक कर-मुक्त योजना है जो एक बालिका के लिए एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करती है, जिसे वर्तमान में आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत कवर किया गया है। सुकन्या योजना बच्चों के लिए एक अच्छी योजना है; हालांकि यह प्लान सिर्फ लड़कियों के लिए ही मान्य है। तो, अगली बार जब कोई लड़की के लिए चाइल्ड प्लान में निवेश करने की योजना बना रहा हो, तो यह आपके लिए सबसे अच्छा निवेश प्लान हो सकता है।

बच्चों के लिए भारत के टॉप इन्वेस्टमेंट प्लान्स 2022 – सोने में इन्वेस्टमेंट

बच्चे के भविष्य को सुरक्षित करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक सोने में निवेश करना है, जिसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसकी दर आमतौर पर केवल बढ़ती है। पिछले कुछ वर्षों में, सोना हमेशा निवेश का एक विश्वसनीय रूप रहा है। हालांकि, जब कोई सोने में निवेश करने की योजना बनाता है, तो बेहतर है कि भौतिक सोने में निवेश न किया जाए। इसके बजाय, कोई भी गोल्ड ईटीएफ या डिजिटल गोल्ड में निवेश कर सकता है क्योंकि इससे चोरी का जोखिम कम हो सकता है। यह एक उपयुक्त विकल्प है जो अन्य परिसंपत्ति बचत विकल्पों (asset saving options) की तुलना में बेहतर लाभ सुनिश्चित कर सकता है। जब कोई मासिक रूप से थोड़ी मात्रा में भी सोना खरीदना चुनता है, तो वे केवल 10 से 15 वर्षों में संभावित रूप से भारी मुनाफा कमा सकते हैं।

बच्चों के लिए भारत के टॉप इन्वेस्टमेंट प्लान्स 2022 – रेकरिंग डिपॉजिट्स के माध्यम से निवेश

यदि आप अपने बच्चों के भविष्य के लिए कम जोखिम वाली निवेश योजना की तलाश में हैं, तो माता-पिता रेकरिंग डिपॉजिट्स पर भी विचार कर सकते हैं क्योंकि इनके लिए ब्याज दरें सही होती हैं। कोई भी आरडी को लॉक कर सकता है और अपने बच्चे के भविष्य की योजना बना सकता है। भारत में बैंकों और डाकघरों दोनों द्वारा रेकरिंग डिपॉजिट्स की पेशकश की जाती है।

इन्वेस्ट करने से पहले ध्यान रखने योग्य बातें

निवेश लक्ष्य – निवेश शुरू करने से पहले, आपको पहले निवेश लक्ष्य तय करना होगा। एक बार जब आप लक्ष्य जान लेते हैं, तो आप समझ जाएंगे कि लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कितनी धनराशि की आवश्यकता है। इसलिए, आपको पता चल जाएगा कि कौन से निवेश विकल्प आपको फंड जमा करने में मदद कर सकते हैं।

रिटर्न – बच्चे के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए शानदार रिटर्न देने वाले निवेश महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, आपके लिए अपने रिटर्न को बढ़ाने के लिए लंबी अवधि तक इन्वेस्टमेंट महत्वपूर्ण है। इसलिए, आपको लंबी अवधि के निवेश विकल्पों की तलाश करनी चाहिए जो अच्छे रिटर्न की पेशकश करें।

जोखिम – अधिकांश निवेश साधनों में कुछ जोखिम होता है। उदाहरण के लिए, इक्विटी म्यूचुअल फंड इक्विटी बाजारों में निवेश करते हैं, जिसमें बहुत उतार-चढ़ाव होता है। इसलिए ऐसे निवेश विकल्पों में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए आपको अपनी जोखिम उठाने की क्षमता के आधार पर निवेश करना चाहिए।

कार्यकाल – निवेश योजना बनाते समय विचार करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक कार्यकाल है। कार्यकाल जितना लंबा होगा, रिटर्न उतना ही अधिक हो सकता है। इसके अलावा, अपने बच्चे के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए, आपको बड़ी राशि की आवश्यकता हो सकती है, और लंबी अवधि आपको वित्तीय कोष बनाने में मदद कर सकती है। इसलिए, आपको लंबी अवधि के लिए चाइल्ड प्लान में निवेश करने पर विचार करना चाहिए।

खर्च – अधिकांश निवेश योजनाओं में निवेश करने के लिए, आपको कुछ शुल्क देने होंगे। इस प्रकार, आपको ऐसे निवेश साधनों की खोज करने की आवश्यकता है जो आपको अच्छे रिटर्न उत्पन्न करने के साथ-साथ आपके खर्चों को कम करने की अनुमति दें।

भारत में बच्चों के लिए इन्वेस्टमेंट प्लान्स की कोई कमी नहीं है, जिन पर आप अपने बच्चे के भविष्य के लिए विचार कर सकते हैं। निर्णय लेने के लिए, अपनी उम्र, जोखिम लेने की क्षमता, निवेश अवधि, उपलब्ध पूंजी और बच्चे की उम्र और महत्वाकांक्षा जैसे कारकों पर विचार करें। निर्णय लेने में आपकी सहायता के लिए आप एक पेशेवर फाइनेंसियल प्लानर से परामर्श ले सकते हैं।

हमें उम्मीद है, कि इस लेख के माध्यम से आप यह तो जान ही चुके होंगे की भारत में बच्चों के लिए बेस्ट इन्वेस्टमेंट प्लान्स कौन-कौन से हैं। यदि आपको इस लेख से सम्बंधित कोई प्रश्न है या फिर आप किसी अन्य तरह के लेखों को पढ़ने की इच्छा रखते हैं, तो हमें कमेंट सेक्शन में बताएं और इस लेख को ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करें जिससे अन्य लोग भी इस लेख के माध्यम से लाभ ले सकें। 

नेशनल पेंशन स्कीम क्या है ? – यहाँ पढ़ें, उद्देश्य | पात्रता मापदंड | लाभ | इन्वेस्ट कैसे करें!



हर व्यक्ति रिटायरमेंट के बाद अपना भविष्य सुरक्षित करना चाहता है। इसके लिए कई तरह के इन्वेस्टमेंट प्लान उपलब्ध हैं जिनका आप लाभ उठा सकते हैं और अपने रिटायरमेंट के बाद की लाइफ को सुरक्षित रख सकते हैं। इनमें सबसे पहले नाम आता है,  नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) का, जिससे आपको 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 50,000 रुपये तक की पेंशन मिल सकती है। आइए इस लेख के माध्यम से जानते हैं आखिर कैसे आप नेशनल पेंशन स्कीम के माध्यम से सेवानिवृत्ति के बाद 50000 रुपये मासिक पेंशन प्राप्त कर सकते हैं।

नेशनल पेंशन सिस्टम (National Pension System) एक ऐसी योजना है, जिसके जरिए आप बुढ़ापे में भी पैसों के मामले में आत्मनिर्भर रह सकते हैं। यह सरकार की एक ऐसी योजना है, जो 10 फीसदी से ज्यादा रिटर्न देती है। यह उन योजनाओं में से एक है जो कम जोखिम के साथ बड़ा रिटर्न देती है।

पहले नेशनल पेंशन स्कीम (National Pension Scheme) केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए ही उपलब्ध थी। हालांकि, सरकार ने अब इसे सभी लोगों के लिए खोल दिया है। कोई भी भारतीय नागरिक कुछ महत्वपूर्ण शर्तों का पालन करके इस नई पेंशन स्कीम का लाभ उठा सकता है। अगर आप इनकम टैक्स कटौती के दायरे में आ रहे हैं तो भी आप इस स्कीम को लेकर टैक्स से बच सकते हैं।

एनपीएस में आपको हर महीने निवेश (Investment) करना होता है। आप तय कर सकते हैं कि यह राशि कितनी होनी चाहिए और उसके बाद हर महीने आपके बैंक खाते से राशि अपने आप कट जाती है।

यहाँ पढ़ें – भारत के बेस्ट सेविंग प्लान कौन-कौन से हैं?

नेशनल पेंशन स्कीम क्या है? | What is National Pension Scheme in Hindi

एनपीएस या नेशनल पेंशन स्कीम गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया द्वारा शुरू किया गया इन्वेस्टमेंट कम पेंशन प्लान है। यह योजना पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (Pension Fund Regulatory and Development Authority) द्वारा विनियमित (regulated) और प्रशासित (administered) है। भारत सरकार द्वारा इस स्कीम को स्टार्ट करने का मुख्य उद्देश्य भारत के सीनियर सिटीजन्स को फ्यूचर के लिए फाइनेंसियल सिक्योरिटी प्रदान करना है। नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) प्रभावशाली लॉन्ग-टर्म सेविंग्स ऑप्शन प्रदान करती है ताकि कोई भी व्यक्ति इस मार्केट बेस्ड प्लानिंग में इन्वेस्ट करके अपने रिटायरमेंट के समय की कुशलता से प्लानिंग कर सके।

नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) एक वोलंटरी रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है, जिसे ग्राहकों को उनके कामकाजी जीवन के दौरान व्यवस्थित सेविंग्स के माध्यम से अपने भविष्य के बारे में सही निर्णय लेने में सक्षम बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। एनपीएस (NPS) नागरिकों में रिटायरमेंट के लिए बचत करने की आदत डालने का प्रयास करता है। यह भारत के प्रत्येक नागरिक को पर्याप्त रिटायरमेंट आय प्रदान करने की समस्या का स्थायी समाधान खोजने की दिशा में एक सफल प्रयास है।

एनपीएस (NPS) के तहत, पर्सनल सेविंग्स को एक पेंशन फंड में जमा किया जाता है, जिसे पीएफआरडीए (PFRDA) के रेगुलेटेड प्रोफेशनल फंड मैनेजर्स द्वारा एप्रूव्ड इन्वेस्टमेंट दिशानिर्देशों के अनुसार विविध पोर्टफोलियो में इन्वेस्ट किया जाता है जिसमें सरकारी बांड, बिल, कॉर्पोरेट डिबेंचर और शेयर (Share) शामिल होते हैं।

जानें यूलिप क्या है और यूलिप में कैसे इन्वेस्ट करें

नेशनल पेंशन स्कीम में इन्वेस्टमेंट करने के लिए कौन-सी बैंक सबसे अच्छी है?

वर्तमान में, एनपीएस के 8 फंड मैनेजर हैं जो नीचे सूचीबद्ध हैं:

  • एलआईसी पेंशन फंड
  • एसबीआई पेंशन फंड्स प्राइवेट लिमिटेड
  • एचडीएफसी पेंशन मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड
  • आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल पेंशन फंड मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड
  • आदित्य बिड़ला सन लाइफ पेंशन मैनेजमेंट लिमिटेड
  • यूटीआई सेवानिवृत्ति समाधान लिमिटेड
  • रिलायंस पेंशन फंड
  • कोटक महिंद्रा पेंशन फंड लिमिटेड

ये फंड बैंकिंग वित्त क्षेत्र, सरकारी प्रतिभूतियों, वित्तीय संस्थानों और अन्य में निवेश करते हैं। रिटर्न फंड में अंतर्निहित परिसंपत्तियों (underlying assets) के प्रदर्शन पर निर्भर करता है।


नेशनल पेंशन स्कीम कैलकुलेटर

पेंशन कैलकुलेटर एक ऐसा ऑनलाइन टूल्स है, जो किसी भी व्यक्ति द्वारा पेंशन स्कीम के तहत रिटायरमेंट के समय मिलने वाले एस्टिमेटेड लम्प सम अमाउंट और पेंशन अमाउंट की गणना करने करने में सहायता करता है। पेंशन स्कीम कैलकुलेटर ( Pension Scheme Calculator) वह टूल्स है जहाँ आप कुछ निर्धारित फील्ड में अपनी इन्वेस्टमेंट की राशि को फिल करके आपके रिटायरमेंट के समय में मिलने वाली राशि का पता लगाने में सक्षम हो सकते हैं।

रिटायरमेंट या पेंशन कैलकुलेटर के साथ अपनी रिटायरमेंट की प्लानिंग बनाना आसान हो जाता है। यह एक ऐसा टूल्स है जो आपको यह अनुमान लगाने में मदद करता है कि आपके रिटायरमेंट के वर्षों में आपको कितनी इनकम या धन की आवश्यकता होगी।

पेंशन कैलकुलेटर रिटायरमेंट प्लानिंग में कैसे मदद करता है?

रिटायरमेंट के बाद भले ही कोई काम करना बंद कर दे, लेकिन खर्चे नहीं रुकते हैं इसलिए रिटायरमेंट की प्लानिंग करना बहुत जरुरी है। पेंशन कैलकुलेटर रिटायरमेंट की प्लानिंग के लिए एक इफेक्टिव टूल्स (Effective Tools) है। एक पेंशन कैलकुलेटर इस बात की जानकारी प्रदान करता है कि रिटायरमेंट के बाद एक आरामदायक जीवन जीने के लिए कितनी राशि की आवश्यकता होगी। जानकारी जानने के लिए, एक पेंशन कैलकुलेटर को कुछ जानकारी की आवश्यकता होती है, जिनके बारे में हम विस्तृत विवरण नीचे जानेंगे।

  • जन्म तिथि (डीओबी) – आपकी डेट ऑफ़ बर्थ के आधार पर, पेंशन स्कीम कैलकुलेटर (Pension Scheme Calculator) रिटायरमेंट के बाद आवश्यक डिपाजिट अमाउंट के लिए आपको योजना में योगदान करने के लिए कितने वर्षों की आवश्यकता होगी, इसकी गणना (Calculation) करेगा।
  • इन्वेस्टमेंट अमाउंट- इसके तहत उस अमाउंट की आवश्यक होगी जो आप प्रति माह (Per Months) इन्वेस्ट करना चाहते हैं।
  • इन्वेस्टमेंट के बाद मिलने वाला एक्सपेक्टेड अमाउंट – इन्वेस्टमेंट के बाद मिलने वाले एक्सपेक्टेड अमाउंट।
  • एक्सपेक्टेड एन्युटी रेट – एक्सपेक्टेड एन्युटी रेट अर्थात एन्युटी (annuity) की वह राशि जो आप अपनी पेंशन से प्राप्त करना चाहते हैं।

एक बार जब आप सभी विवरण दर्ज कर लेते हैं, तो पेंशन कैलकुलेटर एक साथ एस्टिमेटेड लम्प सम अमाउंट (Estimated Lump Sum Amount) और मचुरिटी (Maturity) के समय आपको मिलने वाली पेंशन राशि (Pension Amount) की गणना करेगा।

मान लीजिए आप या आपके जीवनसाथी की उम्र 35 वर्ष है और आप चाहते हैं कि 60 वर्ष की आयु के बाद आपको या आपके जीवनसाथी को 50,000 रुपये मासिक पेंशन मिले। ऐसे में आपको इस योजना में हर महीने 15,000 रुपये का निवेश करना होगा। यह रकम आपको 60 साल की उम्र तक जमा करनी होगी। इस तरह आपको 25 साल में इस योजना में 45 लाख रुपये जमा करने होंगे। 60 साल की उम्र पूरी करने के बाद आपकी मैच्योरिटी राशि करीब 2 करोड़ रुपये होगी। इसमें से आपको 50 फीसदी यानी लगभग 1 करोड़ रुपये एकमुश्त और शेष 1 करोड़ रुपये हर महीने पेंशन के रूप में मिलेगा।

अगर उस समय एन्युटी की दर 6 फीसदी है तो आपको हर महीने करीब 50,000 रुपये की पेंशन मिलेगी। योजना धारक (Policy Holder) की मृत्यु होने की स्थिति में उसके नामांकित व्यक्ति (Nominee) को शेष राशि एकमुश्त दी जाएगी। कोविड-19 महामारी और अनिश्चित माहौल को देखते हुए लोग ऐसी योजना में काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

हमें उम्मीद है, कि इस लेख के माध्यम से आप यह तो जान ही चुके होंगे की आखिर कैसे आप नेशनल पेंशन स्कीम के माध्यम से सेवानिवृत्ति (Retirement) के बाद 50000 रुपये मासिक पेंशन (Monthly Pension) प्राप्त कर सकते हैं। यदि आपको इस लेख से सम्बंधित कोई प्रश्न है या फिर आप किसी अन्य तरह के लेखों को पढ़ने की इच्छा रखते हैं, तो हमें कमेंट सेक्शन में बताएं और इस लेख को ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करें जिससे अन्य लोग भी इस लेख के माध्यम से रिटायरमेंट के बाद 50000 रुपये मंथली पेंशन प्राप्त करने के लिए टिप्स जान सकें।

अटल पेंशन योजना क्या है? – यहाँ पढ़ें, उद्देश्य | पात्रता मापदंड | लाभ | इन्वेस्ट कैसे करें!



अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana) सभी भारतीयों, विशेष रूप से गरीबों, अंडर-प्रिविलेजड और असंगठित क्षेत्र के वर्कर्स के लिए एक सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा प्रणाली (universal social security system) बनाने के लिए 09.05.2015 को शुरू की गई थी। अटल पेंशन योजना को पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) की देखरेख में शुरू किया गया है।

APY (अटल पेंशन योजना) सभी भारतीयों के लिए सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा प्रणाली बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना (social security pension scheme) है।

अटल पेंशन योजना (APY) इंडियन गवर्नमेंट के पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) द्वारा संचालित एक ऐसी पेंशन योजना है जो भारत के सभी नागरिकों के लिए मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र (unorganised sector) पर केंद्रित करके तैयार की गई है। APY को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) द्वारा संचालित किया जाता है।

आइये लेख को आगे पढ़ें और अटल पेंशन योजना (APY) के बारे में विस्तृत विवरण जानें।

यहाँ पढ़ें – भारत के बेस्ट सेविंग प्लान कौन-कौन से हैं?

अटल पेंशन योजना क्या है ? 

अटल पेंशन योजना भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक सामाजिक सुरक्षा योजना है और इसका उद्देश्य भारत के सभी नागरिकों को 60 वर्ष की आयु के बाद एक निश्चित आय प्रदान करना है। दूसरे शब्दों में, यह मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लोगों जैसे नौकरानियों, डिलीवरी बॉय, माली आदि पर केंद्रित एक पेंशन योजना है। इस योजना का प्राथमिक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी भारतीय नागरिक को अचानक बीमारी, दुर्घटनाएं या पुरानी बीमारियां के बारे में चिंता न करनी पड़े। अटल पेंशन योजना केवल असंगठित क्षेत्र तक ही सीमित नहीं, निजी क्षेत्र के कर्मचारी या ऐसे संगठन के साथ काम करने वाले जो उन्हें पेंशन लाभ प्रदान नहीं करते हैं, वे भी योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।

इस योजना के तहत, लाभार्थियों के लिए न्यूनतम मासिक पेंशन 1000 रुपये से 5000 रुपये के बीच दी जाती है। ग्राहक 1000, 2000, 3000, 4000 या 5000 रुपये में से किसी भी एक मासिक पेंशन का विकल्प चुन सकते हैं। यह पेंशन मुख्यतः 60 साल की उम्र के बाद शुरू होती है।

अटल पेंशन योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

यह पेंशन योजना कम उम्र से बचत को प्रोत्साहित करके व्यक्तियों की बुनियादी फाइनेंसियल समस्याओं को कम करने के लिए शुरू की गई है। एक व्यक्ति को मिलने वाली पेंशन की राशि सीधे तौर पर उनके द्वारा तय किए गए मासिक योगदान और उनकी उम्र पर निर्भर करती है। अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के लाभार्थी मासिक भुगतान के रूप में अपनी संचित राशि प्राप्त करेंगे। लाभार्थी की मृत्यु की स्थिति में, उसके पति/पत्नी को पेंशन लाभ मिलते रहेंगे; और यदि ऐसे दोनों व्यक्तियों की मृत्यु हो जाती है, तो लाभार्थी के नामांकित व्यक्ति को एकमुश्त राशि प्राप्त होगी।


अटल पेंशन योजना में शामिल होने के लिए पात्रता मापदंड

18 से 40 वर्ष की आयु के सभी भारतीय नागरिक अटल पेंशन योजना के तहत 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन के लिए नामांकन कर सकते हैं।

    • अटल पेंशन योजना के लाभ के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को कम से कम 20 वर्षों के लिए योगदान करना होगा।
    • स्वावलंबन योजना के तहत एनरोल करने वाले व्यक्ति को ऑटोमेटिकली अटल पेंशन योजना के तहत स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
    • आवेदक को केवाईसी मानदंडों का पालन करना आवश्यक है।
    • आवेदक के पास पहले से मौजूद अटल पेंशन योजना खाता नहीं होना चाहिए।
    • आधार कार्ड की केवाईसी प्राथमिक होगी।
  • यदि खाता खोलने के समय आधार कार्ड उपलब्ध नहीं है तो आधार विवरण बाद में जमा किया जा सकता है।
  • सभी बैंक खाताधारक अटल पेंशन योजना में शामिल हो सकते हैं।

अटल पेंशन योजना में कौन पात्र नहीं है?

निम्नलिखित व्यक्ति निम्नलिखित मानदंडों पर अटल पेंशन योजना के लिए पात्र नहीं हैं।

  • जो 01.04.2016 को या उसके बाद योजना में शामिल हुए।
  • अगर वह आयकर दाता है।
  • यदि वह किसी सामाजिक सुरक्षा योजना या कर्मचारी भविष्य निधि योजना के अंतर्गत आता है।
  • अनिवासी भारतीय (एनआरआई) खाता खोलने के पात्र नहीं हैं। यदि कोई भारतीय नागरिक एपीएस योजना के कार्यकाल के दौरान एनआरआई बन जाता है, तो खाता बंद कर दिया जाएगा और संपूर्ण योगदान और उन पर अर्जित रिटर्न का भुगतान खाताधारक को किया जाएगा।

अटल पेंशन योजना के लाभ

अटल पेंशन योजना का लाभ यह है कि निजी क्षेत्र के कर्मचारी भी इस योजना में भाग ले सकते हैं। सब्सक्राइबर्स, कंट्रीब्यूशन की राशि का चयन खुद कर सकते हैं क्योंकि यही राशि आपको 60 वर्ष के बाद मिलने वाली रिटर्न्स राशि को भी प्रभावित करता है। एक व्यक्ति के रूप में, आप 60 वर्ष की आयु के बाद ₹1000, ₹2000, ₹3000, ₹4000, ₹5000 की गारंटीड पेंशन राशि के हकदार होंगे। सब्सक्राइबर्स की मृत्यु होने पर पेंशन की राशि उसके नॉमिनी को दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, आप आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80CCD के तहत इनकम टैक्स के लाभ के भी पात्र होंगे।

संपूर्ण एकत्रित राशि का प्रबंधन और वितरण पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) द्वारा किया जाता है। इस अटल पेंशन योजना को बढ़ावा देने के लिए एक ऐड-ऑन के रूप में, सरकार ने 1 जून 2015 से 31 दिसंबर 2015 के बीच 5 साल की अवधि के लिए शामिल होने वाले ग्राहकों को 50% या ₹ 1000 प्रति वर्ष का सह-योगदान करने की घोषणा की। सरकारी सह-अंशदान उन लोगों के लिए उपलब्ध है जो किसी भी वैधानिक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत नहीं आते हैं और आयकर दाता नहीं हैं।

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अटल पेंशन योजना के लिए मंथली कितना योगदान करना होगा?

अटल पेंशन योजना एक नियमित योगदान आधारित पेंशन योजना है जो INR 1,000/2,000/3,000/4,000 या 5,000 की गारंटीड पेंशन प्रदान करती है। मासिक अंशदान आपकी पसंद की पेंशन और पेंशन योजना में नामांकन के समय उम्र पर निर्भर करेगा। पेंशन केवल 60 वर्ष की आयु में शुरू होगी। इसलिए भले ही आप 40 साल की उम्र में अपना योगदान शुरू करते हैं, आपको अपनी पेंशन शुरू करने के लिए कम से कम 20 साल की अवधि के लिए योगदान देना होगा।

पेंशन रिटर्न की राशि आपके मासिक योगदान से निर्धारित होती है। आयु और पेंशन योजना के संबंध में अपने योगदान का मूल्यांकन करने के लिए आप नीचे दी गई तालिका देख सकते हैं।

नामांकन की आयु योगदान के वर्ष 1000 रुपये की मासिक पेंशन 2000 रुपये की मासिक पेंशन 3000 रुपये की मासिक पेंशन 4000 रुपये की मासिक पेंशन 5000 रुपये की मासिक पेंशन
18 42 42 84 126 168 210
19 41 46 92 138 183 228
20 40 50 100 150 198 248
21 39 54 108 162 215 269
22 38 59 117 177 234 292
23 37 64 127 192 254 318
24 36 70 139 208 277 346
25 35 76 151 226 301 376
26 34 82 164 246 327 409
27 33 90 178 268 356 446
28 32 97 194 292 388 485
29 31 106 212 318 423 529
30 30 116 231 347 462 577
31 29 126 252 379 504 630
32 28 138 276 453 551 689
33 27 151 302 414 602 752
34 26 165 330 453 659 824
35 25 181 362 495 722 902
36 24 198 396 543 792 990
37 23 218 436 594 870 1087
38 22 240 480 654 957 1196
39 21 264 528 792 1054 1318
40 20 291 582 873 1164 1454

अटल पेंशन योजना में नामांकन कैसे करें?

अटल पेंशन योजना में नामांकन करने के लिए, आपको एक आवेदन पत्र डाउनलोड करना होगा या किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में जाकर आवेदन फॉर्म लेकर उसे जमा करना होगा। इसके बाद, मासिक, त्रैमासिक और अर्धवार्षिक जैसे भुगतान के ऑप्शन का चयन कर सकते हैं। एक बार जब आप केवाईसी विवरण के साथ आवेदन पत्र जमा कर देते हैं, तो समझ लीजिये आपने सफलतापूर्वक अटल पेंशन योजना की सदस्यता ले ली है।

  • अपने बैंक या डाकघर से संपर्क करें जहां आपका बचत खाता है। यदि आपके पास बैंक खाता नहीं है तो आपको इस योजना के लिए पात्र होने के लिए एक बैंक खाता खोलना होगा।
  • आपको अटल पेंशन योजना पंजीकरण फॉर्म भरना होगा और बैंक को आपके भुगतान आवृत्ति मोड के अनुसार योजना में आपके योगदान को ऑटो डेबिट करने की अनुमति देनी होगी जो की मासिक, त्रैमासिक या अर्धवार्षिक किस्त के रूप में होगी।

जिसके बाद आटोमेटिक आपके खाते से अटल पेंशन योजना के लिए राशि डिडक्ट कर ली जाएगी।

हमें उम्मीद है, कि इस लेख के माध्यम से आप यह तो जान ही चुके होंगे की अटल पेंशन योजना क्या है और इसके आवश्यक विवरण कौन-कौन से हैं। यदि आपको इस लेख से सम्बंधित कोई प्रश्न है या फिर आप किसी अन्य तरह के लेखों को पढ़ने की इच्छा रखते हैं, तो हमें कमेंट सेक्शन में बताएं और इस लेख को ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करें जिससे अन्य लोग भी इस लेख के माध्यम से लाभ ले सकें।

भारत के बेस्ट सेविंग प्लान कौन-कौन से हैं | Best Savings Plan 2022 List in Hindi



हम में से ज्यादातर लोग यह तो जानते हैं कि भविष्य के लिए पैसा बचाना अपने आने वाले लक्ष्यों को प्राप्त करने, संपत्ति खरीदने और आराम से रिटायर होने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन चीजें तब अनिश्चित होना शुरू हो जाती हैं जब आप यह सोचना शुरू करते हैं कि कितना पैसा बचाना है और अपने पैसे को कहाँ बचाना है कितना बचाना है? हालांकि इसका कोई निश्चित उत्तर नहीं है, अधिकांश फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स आपको अपनी आय का 10% बचाने की सलाह देते हैं। कहाँ बचाना है? बाजार में कई बचत योजनाएं उपलब्ध हैं जहाँ आप अपना पैसा निवेश कर सकते हैं। हालांकि, इतने सारे विकल्पों के साथ आप अपने लिए सबसे अच्छी बचत योजना चुनने के बारे में आसानी से भ्रमित हो सकते हैं और इसी समस्या के समाधान के लिए आज हम आपको इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि भारत के बेस्ट सेविंग प्लान कौन-कौन (Best Savings Plan in Hindi) से है और हमें कहाँ-कहाँ अपना इन्वेस्ट करना चाहिए।  

सेविंग प्लान ऐसे साधन हैं जो हर व्यक्ति को एक विशेष अवधि में अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करते हैं। ये प्लान्स भारत सरकार, सार्वजनिक/निजी क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा तैयार किये जाते हैं। सरकार या बैंक इन योजनाओं के लिए ब्याज दर तय करते हैं और समय-समय पर अपडेट करते हैं। आप इन योजनाओं के माध्यम से होने वाली बचत का उपयोग आपात स्थिति, सेवानिवृत्ति, उच्च शिक्षा, बच्चों की शिक्षा, शादी, नौकरी छूटने के समय और कर्ज चुकाने आदि के लिए कर सकते हैं।

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बेस्ट इन्वेस्टमेंट प्लान कैसे चुनें? | How to Choose Best Savings Plan in Hindi 

बेस्ट इन्वेस्टमेंट प्लान चुनते समय आपको निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • लक्ष्य विश्लेषण: अपने वित्तीय लक्ष्यों और आवश्यकताओं का विश्लेषण करें। 
  • एक रणनीति बनाएं: अपनी आवश्यकताओं के अनुसार बेस्ट इन्वेस्टमेंट प्लान चुनने की रणनीति बनाएं। 
  • पॉलिसी अवधि का मूल्यांकन करें: आश्रितों की संख्या आदि जैसे कई कारकों को ध्यान में रखते हुए, उस अवधि का मूल्यांकन करें जिसके लिए आप निवेश करना चाहते हैं।
  • सुविधाओं की तुलना करें: किसी योजना में निवेश करने से पहले कई सुविधाओं जैसे कवर, राइडर्स, प्रीमियम, पेआउट प्रकार, रिटर्न आदि की तुलना करें। 
  • डायवर्सिफाई इन्वेस्टमेंट: डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो में जाने की सलाह दी जाती है। इसका मतलब है, एक निवेश योजना में निवेश करने के बजाय, आपको कई इन्वेस्टमेंट प्लान का चयन करना चाहिए। 
  • समय-समय पर निवेश की निगरानी करें: समय-समय पर अपनी इन्वेस्टमेंट प्लान्स (Best Savings Plan in Hindi ) की समीक्षा करें। 

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इन्वेस्टमेंट करने से पहले क्या करें ?

किसी भी योजना में इन्वेस्ट करने से से पहले आपको निम्नलिखित कारकों को ध्यान में रखना चाहिए:

    • वित्तीय लक्ष्य: आने वाले में लगने वाले पैसे के बारे में स्पष्टता आपको यह तय करने में मदद करेगी कि आपको किस प्रकार की निवेश योजना खरीदनी चाहिए। लक्ष्यों में घर खरीदना, कार, शादी, बच्चे की शिक्षा/विवाह, या पैसों को इकट्ठा करना शामिल हो सकता है। निवेश विकल्पों में से यूलिप, आपके अल्पकालिक लक्ष्यों को पूरा करने में भी आपकी मदद कर सकता है। यदि आपका परिवार छोटा है, या आपने अभी अपना करियर शुरू किया है, तो आप अपने अल्पकालिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए यूलिप इन्वेस्ट कर सकते हैं। जबकि यदि आप अपने 40 या 50 के दशक में हैं, तो आपके लिए एंडोमेंट प्लान सबसे बेहतर होगा। इसलिए, निवेश योजना चुनने से पहले, अपने वित्तीय लक्ष्यों के बारे में स्पष्टता होना आवश्यक है।
    • वर्तमान खर्चे और सेविंग्स: किसी भी इन्वेस्टमेंट प्लान में एक निवेशक द्वारा खर्च की जाने वाली राशि वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में एक प्रमुख भूमिका निभाती है। अगर किसी के पास बचत से ज्यादा खर्च है, तो यह संकेत दे सकता है कि वह कवरेज योजनाओं के साथ बड़े अल्पकालिक लक्ष्यों को पूरा करने में सक्षम नहीं हो सकता है। लेकिन अगर निवेशक के पास पूरा करने के लिए बड़े खर्चे नहीं हैं, मान लीजिए कि वह बिना किराए का भुगतान किए अपने घर में रहता है, तो बचत खर्च से अधिक होने की संभावना है। इस मामले में, रिटर्न लाभ के साथ पर्याप्त जीवन बीमा खरीदना एक अच्छा फैसल हो सकता है।
    • भविष्य के खर्च और सेविंग्स: यदि किसी निवेशक का मौजूदा खर्च कम है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि भविष्य के खर्च भी कम होंगे। कभी-कभी, भविष्य के खर्चों की तुलना में वर्तमान खर्च कम होते हैं। उदाहरण के लिए, किसी के कम खर्च हो सकते है क्योंकि उसके बच्चे अभी छोटे हैं। हालाँकि, आने वाले वर्षों में बड़े खर्च अभी भी उनके लिए हो सकते हैं जो बच्चे की शिक्षा या शादी के कारण हो सकते हैं। इस मामले में, निवेशक एक ऐसे इन्वेस्टमेंट प्लान में इन्वेस्ट कर सकता है जहाँ इन्वेस्टर को कुछ ही समय में एक साथ राशि भी मिल जाये और फ्यूचर के लिए भी धन इकट्ठा होता रहे। इसके अलावा, अधिक राशि का निवेश करने से आप भविष्य के लिए अपनी संपत्ति को कई गुना बढ़ा सकते हैं। इसलिए, भविष्य के खर्चों के साथ-साथ बचत की योजना बनाने से आपको निवेश करने के लिए योजना को शॉर्टलिस्ट करने में मदद मिलती है।
    • इमरजेंसी फंड: निवेश योजनाएं न केवल आपकी जरूरतों को पूरा करती हैं बल्कि आपको निर्धारित अवधि के भीतर अपना धन बढ़ाने में मदद करती हैं। आप इस धन का उपयोग घर खरीदने, आने वाले वर्षों में बच्चे की शिक्षा, शादी, या रिटायरमेंट के बाद दैनिक खर्चों को पूरा करने के  लिए कर सकते हैं। यह यूलिप के जरिये संभव है जिसमें चाइल्ड यूलिप प्लान और एंडोमेंट प्लान शामिल हैं। ये योजनाएं आपको भविष्य में खर्चों को पूरा करने में मदद करती हैं। साथ ही चाइल्ड यूलिप एक विशेष सुविधा के साथ आता है जिसे वेवर ऑफ प्रीमियम विकल्प कहा जाता है जो अधिक फायदेमंद साबित होता है।
    • वांछित रिटर्न: निवेश योजनाओं द्वारा दिया जाने वाला रिटर्न निवेशक की देखभाल के लिए पर्याप्त होना चाहिए। निवेशक की आवश्यकता को समझने के लिए, किसी भी व्यक्ति को पॉलिसी खरीदने से पहले अपने खर्चों का विश्लेषण करना चाहिए। यदि आपका कवर आवश्यकता से कम है, तो आपके लिए यूलिप और एंडोमेंट प्लान लेना चाहिए, क्योंकि वे एक ही समय में बहुत आवश्यक सुरक्षा प्रदान करके धन में वृद्धि सुनिश्चित करते हैं।
    • आश्रितों की संख्या: निवेश योजना चुनने से पहले विचार करने वाली अगली बात आश्रितों की संख्या है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह भी निर्धारित करता है कि एक निवेशक को कितनी बीमा राशि की आवश्यकता हो सकती है। आश्रित पति या पत्नी, बच्चे, भाई-बहन, माता-पिता, सास-ससुर, भतीजी, भतीजे आदि हो सकते हैं। यदि निवेशक के पास आश्रित के रूप में केवल जीवनसाथी और बच्चे हैं, तो उसे कम बीमा राशि की आवश्यकता होगी जबकि ज्यादा होंगे तो ज्यादा बीमा राशि की जरूरत होगी। यदि बच्चे छोटे हैं, तो उन्हें भविष्य में शिक्षा या शादी के लिए धन की आवश्यकता होगी। इसलिए, जब आश्रितों की संख्या का ध्यान रखा जाए तो योजना चुनना आसान हो जाएगा।



इंडिया के बेस्ट सेविंग प्लान 2022 | Best Savings Plan in Hindi 2022

नीचे इंडिया के बेस्ट सेविंग प्लान के बारे में आवश्यक विवरण दिया गया है। 

  1. एफडी
  2. आरडी
  3. इनकम टैक्स सेविंग एफडी
  4. डायरेक्ट इक्विटी/स्टॉक
  5. म्यूचुअल फंड
  6. यूलिप
  7. इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम 
सेविंग्स प्लान रिटर्न  कर लाभ इनकम टैक्स देय लॉक-इन अवधि
एफडी 5.5% से 7.5% ₹1.5 लाख तक की कर कटौती रिटर्न कर योग्य 5 वर्ष
आरडी 5% से 8% एक वित्तीय वर्ष में इनकम टैक्स कटौती के रूप में अधिकतम ₹ 1.5 लाख का दावा किया जा सकता है यदि अर्जित ब्याज ₹ 10,000 से अधिक है, तो 10% टीडीएस काटा जाता है  6 महीने – 10 साल
इनकम टैक्स सेविंग एफडी 6.5% से 7.25% एक वित्तीय वर्ष में इनकम टैक्स कटौती के रूप में अधिकतम ₹ 1.5 लाख का दावा किया जा सकता है अर्जित ब्याज कर योग्य है 5 वर्ष
डायरेक्ट  इक्विटी / स्टॉक 12% – 15%  कोई कर नहीं रिटर्न कर योग्य NA
म्यूचुअल फंड 6.5% -7.5%  धारा 80C के तहत रिटर्न कर योग्य NA
इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम  मार्केट लिंक्ड (12-15%) धारा 80C के तहत ₹ 1.5 लाख तक कटौती के लिए पात्र  ₹ 1 लाख से अधिक लाभ पर 10% इनकम टैक्स 3 वर्ष
यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान  यूलिप फंड प्रदर्शन के आधार पर उतार-चढ़ाव पर आधारित होता है  धारा 80C के तहत ₹ 1.5 लाख तक कटौती के लिए पात्र  रिटर्न पर कोई कर नहीं 3 से 5 वर्ष

 

हमें उम्मीद है, कि इस लेख के माध्यम से आप यह तो जान ही चुके होंगे की भारत के बेस्ट इन्वेस्टमेंट प्लान कौन-कौन (Best Savings Plan in Hindi 2022) से हैं। यदि आपको इस लेख से सम्बंधित कोई प्रश्न है या फिर आप किसी अन्य तरह के लेखों को पढ़ने की इच्छा रखते हैं, तो हमें कमेंट सेक्शन में बताएं और इस लेख को ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करें जिससे अन्य लोग भी इस लेख के माध्यम से लाभ ले सकें।

जानें यूलिप क्या है और यूलिप में कैसे इन्वेस्ट करें | What is ULIP Plan in Hindi



यूलिप का फुल फॉर्म यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान है, जो एक बहुआयामी जीवन बीमा (multi-faceted life insurance) है। यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान जीवन बीमा और निवेश का एक संयोजन है। यूलिप के लिए आपको पॉलिसीधारक के रूप में नियमित प्रीमियम भुगतान करने की आवश्यकता होती है, जिसका एक हिस्सा जीवन बीमा कवरेज प्रदान करने के लिए उपयोग किया जाता है तथा शेष को अन्य  पॉलिसीधारकों से प्राप्त संपत्तियों के साथ जमा किया जाता है, और फिर म्यूचुअल फंड के समान वित्तीय साधनों यानी इक्विटी और ऋण में निवेश किया जाता है। यूलिप में निवेश का मतलब है कि आप आपात स्थिति में आर्थिक रूप से सुरक्षित रह सकते हैं और अपना पैसा भी बढ़ा सकते हैं। आगे पढ़ें और जानें यूलिप क्या है ? और यूलिप में कैसे इन्वेस्ट (How to Invest in ULIP in Hindi) करें। 

इन्हे भी पढ़ें – मास कम्युनिकेशन में करियर ऑप्शन

यूलिप क्या है ? | What is ULIP in Hindi

यूलिप का फुल फॉर्म यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान है। यूलिप एक बीमा योजना है जो आपके दीर्घकालिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए निवेश का दोहरा लाभ प्रदान करती है, और आकस्मिक घटना के मामले में आपके परिवार की वित्तीय सुरक्षा के लिए एक जीवन बीमा प्रदान करती है। यूलिप यानि यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस के लिए भुगतान किया गया प्रीमियम दो भागों में बांटा जाता है। इसका एक हिस्सा आपके जीवन बीमा में दिया जाता है, और शेष आपकी पसंद के फंड में निवेश किया जाता है। आप अपनी जोखिम लेने की क्षमता और लक्ष्यों के अनुसार इक्विटी, डेट या दोनों फंडों के संयोजन में निवेश करना चुन सकते हैं। यह यूलिप को आपके और आपके परिवार के दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए एक आदर्श निवेश विकल्प बनाता है।

दूसरे शब्दों में कहें तो यूलिप यानी यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान, बीमा + निवेश का एक संयोजन है। निवेश किए गए पैसे का एक छोटा हिस्सा आपके जीवन को सुरक्षित करने में चला जाता है जबकि बाकी पैसा बाजार में निवेश किया जाता है, यानी यूलिप में निवेश करके, आप जीवन बीमा पॉलिसी की वित्तीय सुरक्षा का आनंद ले सकते हैं और साथ ही साथ अपनी बचत भी बढ़ा सकते हैं। पॉलिसीधारक मासिक/वार्षिक प्रीमियम का भुगतान कर सकते हैं। 

यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूलिप) में, किया गया इन्वेस्टमेंट कैपिटल मार्केट्स से जुड़े सभी जोखिमों के अधीन होता है। निवेश पोर्टफोलियो में यह निवेश जोखिम, पॉलिसी धारक द्वारा वहन किया जाता है। इस प्रकार, आपको अपनी जोखिम उठाने की क्षमता और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए निवेश का चुनाव करना चाहिए। एक अन्य कारक जिस पर आपको विचार करने की आवश्यकता है वह है आपकी भविष्य में धन की आवश्यकता जिसका चयन आप यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान लेते समय कर सकते हैं।

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यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान के प्रकार | Types of ULIP in Hindi

यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूलिप) को निम्नलिखित व्यापक मापदंडों के आधार पर वर्गीकृत किया गया है:

यूलिप फंड जिनमें निवेश किया जाता है

  • इक्विटी फंड: जहां भुगतान किया गया प्रीमियम इक्विटी बाजार में निवेश किया जाता है और इस तरह उच्च जोखिम के अधीन होता है।
  • बैलेंस्ड फंड: जहां निवेशकों के लिए जोखिम को कम करने के लिए भुगतान किया गया प्रीमियम ऋण और इक्विटी बाजार के बीच संतुलित होता है।
  • डेट फंड: जहां प्रीमियम का निवेश डेट इंस्ट्रूमेंट्स में इन्वेस्ट किया जाता है, जिसमें कम जोखिम होता है लेकिन बदले में कम रिटर्न भी मिलता है। 

फंड का उपयोग

  • रिटायरमेंट प्लानिंग: आप में से उन लोगों के लिए जो रिटायरमेंट के दिनों के लिए निवेश करने की योजना बना रहे हैं, जबकि आप अभी भी कार्यरत हैं।
  • बच्चों की शिक्षा: आप अपने बच्चे की शिक्षा के लिए या कुछ अप्रत्याशित परिस्थितियों के लिए बचत करने के लिए बचत के दीर्घकालिक लक्ष्य के साथ निवेश कर सकते हैं।

पॉलिसी धारकों को मृत्यु लाभ

    • टाइप I यूलिप: यह पॉलिसीधारक की मृत्यु के मामले में नॉमिनी को सुनिश्चित राशि या फंड वैल्यू से अधिक का भुगतान करता है।
    • टाइप II यूलिप: यह पॉलिसीधारक की मृत्यु के मामले में नॉमिनी को सुनिश्चित राशि के साथ-साथ फंड वैल्यू का भुगतान करता है।



बेस्ट यूलिप प्लान कैसे चुनें? | How to Choose Best ULIP Plan in Hindi

एक बार जब आप समझ जाते हैं कि यूलिप प्लान क्या है, तो अगला कदम आपके लिए सबसे उपयुक्त पॉलिसी चुनना है क्योंकि कई तरह के विकल्प उपलब्ध हैं। इसलिए, यूलिप प्लान में निवेश करने से पहले, आपको भारत में उपलब्ध सर्वोत्तम यूलिप प्लान को चुनने के लिए तुलना और मूल्यांकन पर विचार करना चाहिए। सबसे अच्छा यूलिप प्लान चुनते समय ध्यान रखने योग्य कुछ प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • अपने लक्ष्यों का मूल्यांकन करें
  • सही जीवन बीमा कवर राशि चुनें
  • विस्तारित निवेश अवधि के लिए निवेश करें
  • यूलिप शुल्क जानें
  • धारा 80सी और 10 (10डी) के तहत अधिकतम इनकम टैक्स का लाभ प्राप्त करें

यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूलिप) के लाभ

इनकम टैक्स का लाभ – यूलिप निवेश पर भुगतान किया गया प्रीमियम आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80C के तहत इनकम टैक्स की कटौती के लिए पात्र है। वार्षिक प्रीमियम के रूप में भुगतान की गई ₹1.5 लाख तक की राशि इनकम टैक्स से मुक्त रहती है।

इसके अलावा, मैच्योरिटी बेनिफिट को भी सेक्शन 10 (10D) के तहत टैक्स से छूट दी गई है। 

फ्लेक्सिबिलिटी – यूलिप प्लान आपको अपने वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करते हैं। आप इक्विटी फंड, डेट फंड या दोनों के संयोजन में निवेश कर सकते हैं। साथ ही, यूलिप प्लान आपको इक्विटी से डेट और इसके विपरीत स्विच करने की सुविधा भी देते हैं। इसलिए, अगर आपको लगता है कि आपका निवेश पोर्टफोलियो सही रिटर्न नहीं दे रहा है, तो आप इसमें बदलाव कर सकते हैं और उच्च रिटर्न के लिए इन्वेस्ट कर सकते हैं।

इसके अलावा, आप अपने मौजूदा प्रीमियम के अलावा अतिरिक्त पूंजी निवेश कर सकते हैं। यह आपकी वित्तीय स्थितियों के आधार पर इन्वेस्ट किया जा सकता है।

पारदर्शिता – यूलिप प्लान खरीदने से पहले बीमा कंपनी द्वारा चार्ज स्ट्रक्चर, निवेश का मूल्य और रिटर्न की अपेक्षित दर जैसे महत्वपूर्ण पॉइंट्स साझा किए जाते हैं।

लिक्विडिटी – यूलिप प्लान के साथ, आपको पॉलिसी में आंशिक निकासी का विकल्प मिलता है। इस विकल्प के साथ, आप आपातकालीन खर्चों, बच्चे की शिक्षा, या किसी अन्य कार्य के लिए निकासी कर सकते हैं। आम तौर पर, आंशिक निकासी का विकल्प मुफ़्त होता है और लॉक-इन अवधि समाप्त होने के बाद इसका लाभ उठाया जा सकता है।

बाजार से जुड़े रिटर्न – आप बाजार से जुड़े यूलिप रिटर्न से भी उच्च लाभ का आनंद ले सकते हैं। यह संभव है क्योंकि आपके प्रीमियम का एक हिस्सा आपकी पसंद के फंड में निवेश किया जाता है। ये फंड या तो इक्विटी ओरिएंटेड, डेट फंड या दोनों का संयोजन हो सकते हैं।

यूलिप कैसे काम करता है?

यूलिप लाइफ इन्शुरन्स प्लान्स की एक केटेगरी है जो आपको जीवन बीमा के साथ-साथ आपके धन की वृद्धि का लाभ प्रदान करती है। वे आपके प्रीमियम का एक हिस्सा आपके लिए जीवन बीमा के लिए निवेश करते हैं, और बाकी आपकी पसंद के फंड में निवेश करते हैं। अधिकांश यूलिप आपको कई इक्विटी और डेट फंडों में से चुनने का विकल्प देते हैं। आप अपनी जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार दोनों तरह के फंडों में भी निवेश कर सकते हैं। आपकी योजना से मिलने वाला रिटर्न आपके द्वारा चुने गए फंड के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।

हमें उम्मीद है, कि इस लेख के माध्यम से आप यह तो जान ही चुके होंगे की यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूलिप) क्या है और इसके आवश्यक विवरण कौन-कौन से हैं। यदि आपको इस लेख से सम्बंधित कोई प्रश्न है या फिर आप किसी अन्य तरह के लेखों को पढ़ने की इच्छा रखते हैं, तो हमें कमेंट सेक्शन में बताएं और इस लेख को ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करें जिससे अन्य लोग भी इस लेख के माध्यम से लाभ ले सकें। 

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