Blog kya hai – यहाँ जानें कैसे करें हिन्दी ब्लॉग की शुरुआत!



ब्लॉग क्या है? ब्लॉग्गिंग क्या है? ब्लॉगर क्या है? ये तीनों प्रश्न उन सभी यूजर्स या कहें की उन लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जिन्होने पहली बार इन शब्दों को सुना हो या ब्लॉग क्या है और इसके बारे मे जानने की उत्सुकता रखते हो। वैसे तो आज के डिजिटल युग मे सभी इसके बारे मे जानते हैं पर यदि फिर भी आप ब्लॉग क्या है और ब्लॉग्गिंग कैसे करते हैं के बारे मे जानना चाहते हैं, तो आप बिलकुल सही जगह है आज हम आपको इस लेख के जरिये बतायंगे की Blog Kya hai और आप Blogging Kaise Start kar Skte Hain। तो चलिये आगे बढ़ते हैं और इस लेख के जरिये Hindi Me Blog kya hai ke bare मे जानते हैं और इससे जुड़े सभी प्रश्नों के समाधान प्राप्त करते हैं।

1. Blog Kya Hai? ब्लॉग क्या हैं?

Blog इंटरनेट पर मौजूद एक ऐसी वैबसाइट या वेब पेज है जिस पर कोई भी व्यक्ति अपने विचार साझा करता है और अपने नए-नए आइडियास से रीडर्स को किसी भी विषय पर सही और समझने योग्य जानकारी दे कर उनकी मदद करता है।

2. Blogger Kya Hai? ब्लॉगर क्या हैं?

जैसे की ऊपर दी गई परिभाषा से आप समझ गए होंगे की Blog kya hai अब आते हैं ब्लॉगर क्या है पर तो जो व्यक्ति अपने ब्लॉग पर किसी पोस्ट या जानकारी को साझा करता है उसे ब्लॉगर कहा जाता है। साथ ही ब्लॉगर ही अपने ब्लॉग को manage करता है और उसमे नए-नए आइडियास share करता है। उदाहरण के लिए यदि आप किसी ब्लॉगिंग प्लैटफ़ार्म पर अपना कोई भी ब्लॉग शुरू करते हैं, तो आपको ब्लॉगर कहा जाएगा।

3. Blogging Kya Hai? ब्लॉग्गिंग क्या हैं?

वैसे तो हम हिन्दी मे ब्लॉग क्या है और ब्लॉगर क्या होता है के बारे मे जान चुके हैं, तो चलिये अब जानते हैं की ब्लॉगिंग क्या होती है। ब्लॉगिंग को हम साधारण शब्दों मे कह सकते हैं, की जो भी ब्लॉगर अपने ब्लॉग पर कोई पोस्ट लिखता है या ब्लॉग को Manage करता है या अपने ब्लॉग से संबंधित कोई भी काम करता है, तो उसे Blogging कहा जाता है।
वैसे तो आज के समय मे प्रतिदिन हजारों लोग ब्लॉगिंग की शुरुआत करते हैं पर कुछ ही लोग हैं जो ब्लॉगिंग मे सफल हो पाते हैं आखिर ऐसा क्यों है की हर कोई ब्लॉगिंग मे सफल नही हो पाता है। तो आज हम इस लेख के जरिये इस विषय पर भी बात करेंगे की आखिर सफल ब्लॉगर कैसे बनें और किस तरह से हम ब्लॉगिंग की शुरुआत कर सकते हैं

सफल ब्लॉगिंग की शुरुआत कैसे करें

मान लीजिये की आप अभी नए ब्लॉगर हो और आपको ब्लॉगिंग के बारे मे कुछ भी जानकारी नही है और आप भी ब्लॉगिंग की शुरुआत करना चाहते हैं पर आपके पास ब्लॉग बनाने और ब्लॉगिंग की शुरुआत करने का कोई आइडिया या प्लान नही है, तो घबराइए नही आज हम इस लेख के जरिये बताएँगे की आप कैसे Blogging Start Kar Skte Hain और कुछ ही दिनों मे एक सफल ब्लॉगर बन सकते हैं। तो नीचे दी गई स्टेप वाइज़ प्रक्रिया को पढ़ें और एक सक्सेसफुल ब्लॉगर बनें।

1. सही Blogging प्लेटफार्म का चयन करें:
इस समय ब्लॉगिंग की शुरुआत करने के लिए WordPress और Blogspot दो सबसे महत्वपूर्ण ब्लॉगिंग प्लैटफ़ार्म है। पर यूजर्स को इनमे भी काफी कन्फ़्युशन होती है की आखिर उसे किस प्लैटफ़ार्म पर ब्लॉग बनाना चाहिए। तो इसका सीधा सा जवाब है WordPress क्योकि WordPress पर ब्लॉग बनाने से आप वो सब कर सकते हैं जो कुछ आप करना चाहते हैं, जबकि Blogspot पर आपका पूरा कंट्रोल नही होता है।
हम आपको suggest करते हैं कि अगर आप होस्टिंग करीद सकते हैं और नॉर्मल चार्ज दे सकते हैं, तो आपको WordPress पर ब्लॉग की शुरुआत करना चाहिए। क्योकि Blogspot पर आप जो काम एक साल मे कर सकोगे वही काम आप WordPress पर शायद 3-4 महीने मे कर सकते हो।

2. सही Domain और Hosting का चुनाव :
अगर आपको अपनी पहचान बनानी है और बहुत जल्द प्रसिद्ध होना चाहते हैं तो आपको एक बेहतर डोमैन का चुनाव करना चाहिए साथ एक ऐसी होस्टिंग सर्विस का चुनाव करें जो बिना रुके आपको सर्विस मुहैया करा सके।

3. सही Theme और Templates का उपयोग करें:
ब्लॉग की सफलता मे उसकी डिज़ाइन काफी असरदार होती है। अगर आपने अपने ब्लॉग को अच्छी तरह से डिज़ाइन किया है तो हर कोई आपके ब्लॉग को पसंद करेगा और एक बार आपके ब्लॉग को विजिट करने के बाद दुबारा आपके ब्लॉग पर आएगा। वैसे तो इंटरनेट पर आपको बहुत सारी Colorful Theme मिल जाएगी पर हम आपको सलाह देंगे की आप एक सिम्पल और Fast Load होने वाली Theme को उपयोग करें और यदि आपको HTML, CSS, PHP के बारे मे Knowledge है तो आप खुद ही अपनी theme डिज़ाइन कर सकते हैं और यदि आपको इसकी जानकारी नही है तो आप किसी भी फ्री या पैड Theme का उपयोग अपने ब्लॉग के लिए कर सकते हैं।

4. ब्लॉग को सही से Modify करें:
एक बार जब आप होस्टिंग, डोमैन, थीम ले कर अपना ब्लॉग तैयार कर लें तो आपको अपने ब्लॉग को मॉडिफाई करने की जरूरत होती है जिसमे आप अपने न्लोग का Look और Reality पर ध्यान दे सकते हैं। अपने ब्लॉग के header, layout, sidebar और footer मे सभी जरूरी links और widget add करें जो ब्लॉग के लिए जरूरी होते हैं।
ब्लॉग के लिए email subscribe like Feedburner service enable करें और उसमे ब्लॉग की अच्छे से setting करें। साथ ही अपने ब्लॉग को Google analytics से कनैक्ट करें।


5. सही Plugins का उपयोग करें:
यदि आपने अपने ब्लॉग को WordPress पर बनाया है, तो इसके लिए आपको कुछ जरूरी plugins install करने की जरूरत होती है, जिनसे आपके ब्लॉग मे चार चंद लग जाते हैं, पर यह ध्यान रखें की जरूरत से ज्यादा Plugins का उपयोग न करें और सिर्फ जरूरी Plugins का ही उपयोग करें।

6. Compelling content लिखें
सबसे पहले आपको अपने ब्लॉग पर about us, contact use, disclaimer, privacy policy और अन्य जरूरी pages create करने हैं। उसके बाद ब्लॉग पर पोस्ट लिखना स्टार्ट करें और साथ ही कंटैंट मे ऐसी images का उपयोग करें जो यूजर Friendly हो मतलब यह की इमेज ऐसी हो की यूजर उन्हे देखते ही आपकी पोस्ट पढ़ने का मन करने लगे।
याद रहे Images ब्लॉग के लिए बहुत ही इंपोर्टेंट होती है। तो जितना हो सके उनते इफेक्टिव Images क्रिएट करें और अपनी पोस्ट मे Add करें, Copyright Images और कंटैंट से बचें और जितना हो सके Quality और आरिजिनल कंटैंट लिखें। साथ ही Short Content को Avoid करें और लॉन्ग और Usefull कंटैंट लिखें।

7. अपने ब्लॉग को Promote करना न भूलें:
जब आप ब्लॉग पर 10-15 या उससे ज्यादा पोस्ट लिख लेते हैं, तो उसके बाद आपका सबसे जरूरी काम होगा अपने ब्लॉग पर लिखे हुये कंटैंट को Promote करना। इसके लिए Social Media सबसे पर्फेक्ट Way हैं जहां आप अपने कंटैंट को share करें और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपने कंटैंट को पहुचाने का प्रयास करें।

Blogging शुरू करने के लिए महत्त्वपूर्ण टिप्स

हर एक ब्लॉगर का अपना अलग एक्सपीरियंस होता है वो उसी के हिसाब से अपने रीडर्स को गाइड करता है। कुछ Thinks होती है जो हमे सक्सेस बनाती हैं, जिनके बारे मे आपको कोई नही बताता। पर आज हम आपको अपनी पोस्ट मे ब्लोगिंग मे सक्सेस होने के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स बताएँगे जो की आपको Blog Start Karte समय कारगर साबित हो सकती हैं।

अपने टॉपिक को खोजें – ब्लॉगिंग मे सबसे महत्वपूर्ण होता है अपने लिए एक बढ़िया साइट Niche या कहें की टॉपिक को चुनना। यदि आपके पास कोई भी टोपिक्स नही हैं तो आप अभी से सोचना शुरू कर दीजिये और पता कीजिये की आपको किस टॉपिक की जानकारी है ओर आपको किस टॉपिक पर वर्क करना अच्छा लगता है। एक बात हमेशा ध्यान रखें की आपको पैसे के लिए नही बल्कि अपने Passion के लिए ब्लॉगिंग करनी है।
अपने रीडर्स को जानें – अपने रीडर्स को अपने बारे मे बताएं ताकि वो आपके बारे मे जान सकें, अपने काम के साथ-साथ अपने बारे मे भी आर्टिक्ल लिखें ओर लोगो के साथ अच्छे Relation बनाने की कोशिस करें।
अपनी साइट की वैल्यू बढ़ाएँ – जितना हो सके क्वालिटी कंटैंट लिखे और अपने रीडर्स की नजर मे अपनी साइट की वैल्यू बढ़ाएँ क्योंकि आप जितना अच्छा कंटैंट लिखेंगे लोग आपको उतना ही ज्यादा पसंद करेंगे।
आरिजिनल कंटैंट लिखें – सोचने वाली बात है कि रीडर्स आपके ब्लॉग को क्यों पसंद करते हैं इसलिए पसंद करते हैं क्योकि आपका कंटैंट सही और जानकारी भरा रहता है इसलिए अपने ब्लॉग पर हमेशा आरिजिनल और सही कंटैंट लिखें और रीडर्स को समझने की कोशिस करें।
Interesting कंटैंट लिखें – अच्छा और शानदार कंटैंट लिखें जिसे पढ़ते ही लोग आपके आर्टिक्ल को share करने को मजबूर हो जाए और जब रीडर्स आपके कंटैंट को Share करेंगे तो आपके ब्लॉग को और अधिक पहचाना जाने लगेगा।
ईमानदारी से कंटैंट लिखें – आपका ब्लॉग हमेशा रियल होना चाहिए और साथ ही उसमे लिखा हुआ सभी कंटैंट रियल और सही होना चाहिए जिससे रीडर्स आपके ब्लॉग पर और अधिक भरोसा करेंगे और कंटैंट को पढ़ने के लिए आएंगे।
Social Media पर हमेशा एक्टिव रहें – यदि आप भी एक सफल ब्लॉगर बनने की चाह रखते हैं, तो आपको हमेशा Social Media पर एक्टिव रहना चाहिए और अपने रीडर्स की पहुँच मे रहना चाहिए।
Negativity को इग्नोर करें – यदि आप एक सफल ब्लॉगर बनना चाहते हैं, तो यह सबसे महत्वपूर्ण टिप्स मे से एक है हमेशा पॉजिटिव रहें और जितना हो सके उतना Negativity को इग्नोर करें।

हमे उम्मीद है इस लेख के जरिये आप Blog kya hai और Kaise Blogging Start Karen के बारे मे जान चुके होंगे। यदि आप ऐसे ही अन्य लेखों को भी पढ़ना चाहते हैं, तो हमारे साथ बने रहें।


यदि आप भी अपने खुद के ब्लॉग की शुरुआत करना चाहते हैं, और डिजिटल मार्केटिंग सम्बंधित किसी भी तरह की मदद चाहते हैं, तो हमसे संपर्क करें। साथ ही आप यहाँ हमारी विभिन्न सेवाओं के बारे में जानकारी पा सकते हैं। हमारी सेवायें

ई-कॉमर्स वेबसाइट एसईओ टिप्स और ट्रिक्स 2020 – यहाँ हिन्दी मे 11 E-Commerce Website SEO Tips पढ़ें!



आज के समय मे जो भी डिजिटल का थोड़ा बहुत ज्ञान रखता है वह चाहता है की उसकी Website गूगल पर हमेशा फ़र्स्ट रैंक करे। ऐसे ही जो ई-कॉमर्स वेबसाइट चला रहे हैं या न्यू Website स्टार्ट की योजना बना रहे हैं सबका लक्ष्य होता है अपनी Website को गूगल पर फ़र्स्ट रैंक पर लाना। यदि आप एक ई-कॉमर्स वेबसाइट के मालिक हैं या कोई नई ई-कॉमर्स वेबसाइट स्टार्ट करने वाले हैं, तो हम यहाँ आपकी सहायता के लिए हिन्दी मे ई-कॉमर्स वेबसाइट एसईओ टिप्स लेकर आए हैं जो की आपको अपनी ई-कॉमर्स वेबसाइट के लिए मददगार साबित होगी। साथ ही ये ई-कॉमर्स एसईओ टिप्स हम हिन्दी मे प्रोवाइड करा रहें जो आपको इसे समझने मे और अधिक मददगार साबित होगी।

आज के समय मे अमेज़ॅन, वॉलमार्ट और फ्लिपकार्ट जैसे कई बड़ी ई-कॉमर्स वेबसाइट हैं जिनके कारण छोटे ई-कॉमर्स वेबसाइट मालिक अपनी Website को गूगल पर फ़र्स्ट पेज मे रैंक करने मे असमर्थ होते हैं, इसलिए इस लेख को अंत तक पढ़ें और ई-कॉमर्स वेबसाइट को गूगल पर कैसे रैंक करें और ई-कॉमर्स एसईओ क्या है इसके बारे मे पूर्ण विवरण जानें। इन्हे भी पढ़ें – चार्टर्ड अकाउंटेंट कैसे बनें करियर के ऑप्शन यहाँ पढ़ें!

ईकामर्स एसईओ (E-commerce SEO Hindi me)

ईकॉमर्स एसईओ वेबसाइटों के लिए एक मजबूत डिजिटल मार्केटिंग रणनीति बनाने का आधार प्रदान करता है। यदि आप सिर्फ एक नई वेबसाइट के साथ शुरुआत कर रहे हैं या अपनी पुरानी ई-कॉमर्स वेबसाइट को नई दिशा देना चाहते हैं, तो ये ई-कॉमर्स एसईओ टिप्स और ट्रिक्स आपको आपकी Website के विकास को गति देने में मदद करेंगी और गूगल मे फ़र्स्ट पेज तक पहुंचने की आपकी क्षमता में सुधार करेंगी।

ईकामर्स एसईओ क्या है? (What is E-commerce SEO in Hindi)

ईकॉमर्स सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ेशन (एसईओ) Google, याहू और बिंग जैसे सर्च इंजनों से आपकी वेबसाइट पर Organic Traffic लाने की प्रक्रिया है।

कई SEO campaigns का प्राथमिक लक्ष्य search engine results page (SERPs) में अपनी website को रैंक कराना होता है।

ई-कॉमर्स वेबसाइट एसईओ टिप्स और ट्रिक 2020 (E-commerce Website SEO Tips in Hindi)

हम सभी यह चाहते हैं की हमारी Website पर Organic Traffic आए क्योकि जितना ज्यादा हमारी Website पर Traffic आयेगा हमारे बिजनेस भी उतना ही बढ़ता चला जाएगा। लेकिन, वास्तव में हमेशा ऐसा नही होता है इसलिए ये ईकॉमर्स एसईओ टिप्स (E-commerce SEO Tips Hindi me) आपको एसईओ के लिए एक सिद्ध दृष्टिकोण को उजागर करने में मदद करेंगी और आपकी सफलता का मार्गदर्शन करेंगी। हमे अपनी E-commerce Website के लिए जिन महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर काम करना है वह हैं।

  • Analytics
  • Competitor Analysis
  • Keyword Research
  • Site Structure
  • On-page SEO
  • Website Performance
  • Mobile Experience
  • User Experience (UX)
  • Video

1. ई-कॉमर्स वेबसाइट एसईओ टिप्स – एनालिटिक्स (Analytics)

यह समझने के लिए कि ट्रैफ़िक आपकी ऑनलाइन बिक्री को कैसे प्रभावित कर रहा है, आपको Google Analytics के भीतर एन्हांस्ड ईकॉमर्स एनालिटिक्स ट्रैकिंग (Enhanced Ecommerce analytics tracking ) सक्षम (Enable)  करना होगा।

Advanced ईकॉमर्स एनालिटिक्स Advanced माप को सक्षम करता है कि उपयोगकर्ता आपकी साइट पर उपस्थित Products के बारे मे क्या बातचीत करते हैं। ये जानकारी आपके ग्राहकों के खरीदारी व्यवहार के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं, जबकि अतिरिक्त रिपोर्टिंग सुविधाएँ प्रदान करती हैं:

  • चेकआउट व्यवहार (Checkout behaviour)
  • खरीदारी का व्यवहार (Shopping behaviour)
  • उत्पाद का प्रदर्शन (Product performance)
  • बिक्री प्रदर्शन (Sales performance)
  • उत्पाद सूची प्रदर्शन (Product list performance)

यह अपनी ईकामर्स वेबसाइट को ऑप्टिमाइज़ करने में मदद के लिए ईकॉमर्स डेटा की दुनिया को बढ़ाता है। उपलब्ध जानकारी का उपयोग करते हुए, आप गहरी अंतर्दृष्टि को उजागर कर सकते हैं:

  • राजस्व (Revenue)
  • परिवर्तन दरें (Conversion rates)
  • लेनदेन का विवरण (Transaction details)
  • प्रचार और अभियान की सफलता (Promotion and campaign success)

जैसा कि आप अपनी ईकामर्स एसईओ यात्रा शुरू करते हैं, एनालिटिक्स डेटा आपको अपने स्टोर को अनुकूलित करने के तरीके के बारे में सूचित, डेटा-संचालित निर्णय लेने में मदद करेगा।

2. ई-कॉमर्स एसईओ रणनीति – प्रतिद्वन्द्वी का विश्लेषण (Competitor Analysis)

अपने ईकामर्स स्टोर के साथ प्रतिस्पर्धा करने वाले पांच डोमेन के Sample के सेट की पहचान करके शुरू करें। यदि आप सुनिश्चित नहीं हैं कि आपके प्राथमिक प्रतियोगी कौन हैं, तो आप SEMRush जैसे टूल का उपयोग कर सकते हैं या बस Google पर खोज कर सकते हैं।

  1. एक हेयुरिस्टिक मूल्यांकन का संचालन करें (Conduct a heuristic evaluation)
  2. मूल्य निर्धारण ऑडिट (Pricing audit)
  3. विपणन की स्थिति (Marketing position)
  4. समीक्षाएं (Reviews)
  5. कीवर्ड गैप विश्लेषण (Keyword gap analysis)
  6. एसईओ ऑडिट (SEO Audit) – अपने प्रतियोगी ईकामर्स वेबसाइट के पारंपरिक एसईओ तत्वों का विश्लेषण करें, निम्न पर ध्यान केंद्रित करें:
  • Page titles
  • H1-H6 tags
  • Meta Description
  • Internal Links
  • Quality of content
  • Structured Data
  • Sitemap
  • Robots.txt
  • Average Load Tim

इस त्वरित प्रतियोगी विश्लेषण का लक्ष्य अपने प्रतिस्पर्धियों की कमजोरियों को समझना होगा। यहां से, आप अपने एसईओ प्रयासों को सही दिशा में केंद्रित करते हुए अपने प्रतिस्पर्धी लाभ की पहचान करने के लिए बेहतर स्थिति में होंगे।

3. E-commerce SEO टिप्स – केवर्ड रिसर्च (Keyword Research)

अब तक, हम एक उचित एसईओ रणनीति के लिए चरण निर्धारित करने में मदद करने के लिए डेटा संग्रह और विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

अब, हम ‘सक्रिय’ एसईओ प्रक्रिया शुरू करेंगे जो गहन Keyword Research के साथ शुरू होती है।

अपने एसईओ अभियानों को उचित Keyword Research के साथ सही दिशा में सेट करें। शब्दों, वाक्यांशों, कीवर्ड और आपके विचार से आपके ग्राहक द्वारा खोजे जाने के बारे में अनुमान लगाने की गलती न करें। आपके कीवर्ड की सूची आपके स्टोर पर आपके द्वारा लागू किए गए हर एसईओ संबंधित अनुकूलन प्रयास को प्रभावित करेगी। साइट वास्तुकला से लेकर पृष्ठ संरचना तक। यह अधिकार प्राप्त करने में समय लगाने के लिए महत्वपूर्ण है।

ईकॉमर्स कीवर्ड मानदंड:

  • निर्णय की मात्रा
  • रूपांतरित होने की संभावना
  • छोटी प्रतियोगिता
  • उत्पाद केंद्रित है
  • ‘खरीदना ‘वाक्यांश
  • रैंक करने की उच्च क्षमता

हम उन keywords को जीतने की तलाश कर रहे हैं जो उपरोक्त मानदंडों में से कई को यथासंभव जांचते हैं।

हम ऐसे कीवर्ड चाहते हैं जिनकी प्रति माह खोजों की अधिक मात्रा हो और ग्राहकों में बदल जाने की संभावना हो। आदर्श रूप से, आपके प्रतिस्पर्धी समान कीवर्ड का अनुसरण नहीं करेंगे, और ये उत्पाद केंद्रित ‘वाक्यांशों को खरीदने वाले’ होंगे, जो ऐसे शब्द हैं जो उपयोगकर्ता खोजते हैं जब वे खरीद चक्र में साथ होते हैं।

अंत में, हमें उन खोजशब्दों की आवश्यकता है जिनके लिए आपको रैंक करने का मौका है। यदि कीवर्ड पर अमेजन जैसी बड़ी नामी कंपनियों का वर्चस्व है, तो आप अपने समय के हिसाब से आगे बढ़ने पर विचार कर सकते हैं।


4. ई-कॉमर्स SEO Tips – साइट संरचना (Site Structure)

आपके ई-कॉमर्स स्टोर की सफलता के लिए उपयोगकर्ता आपकी वेबसाइट के साथ कैसे इंटरैक्ट करते हैं, यह सर्वोपरि है। clunky navigation structure या Page डिज़ाइन आपके द्वारा उपयोग किए जाने वाले किसी भी सकारात्मक search engine optimization को बर्बाद कर देगा। एक सहज ज्ञान युक्त डिजाइन बनाना जरूरी है जो आपके उपयोगकर्ताओं को समझने में आसान हो

अपनी नेविगेशन संरचना का ऑडिट करके प्रारंभ करें। अपने दर्शकों के लक्ष्य प्रवाह को समझने और अपनी वेबसाइट को स्कैन करने के लिए Screaming Frog जैसे उपकरणों का उपयोग करने के लिए Google Analytics को देखें। आप अपने एनालिटिक्स खाते के भीतर एक नेविगेशन सारांश की भी review कर सकते हैं, जो आपको एक शुरुआती पृष्ठ का चयन करने की अनुमति देता है और फिर review करता है कि उपयोगकर्ताओं ने उस पृष्ठ को कैसे ढूंढा और उपयोगकर्ता को अगले स्थान पर कैसे पहुंचा।

5. E-Commerce SEO Tips in Hindi – ऑन-पेज एसईओ (On-Page SEO)

हमने initial keyword research को कवर किया है और अपने ईकामर्स स्टोर की संरचना को परिभाषित करने के लिए डेटा का उपयोग करना शुरू कर दिया है। अगला, हम दो सामान्य eCommerce page types, category और product pages को optimize करने के तरीकों पर गौर करेंगे।

  • Category Page Optimization

Good category pages संबंधित products के समूह के लिए एक संगठित केंद्र के रूप में कार्य करते हैं। इन pages को उच्च स्तरीय, व्यापक मिलान वाले कीवर्ड के लिए optimized किया जाना चाहिए।

  • Product Page Optimization

एक strong product page एसईओ को और भी पर्फेक्ट बनाता है। इसे उपयोगकर्ता अनुभव को ध्यान में रखते हुए और रूपांतरणों के लिए optimized किया गया है। इस प्रक्रिया में सहायता के लिए एसईओ search engines को आपके product pages को क्रॉल करने में मदद करता है और संभावित ग्राहकों को आपके products की खोज करने के लिए उन्हें deliver करता है।

6. ई-कॉमर्स वैबसाइट को कैसे रैंक कराएं – वेबसाइट का प्रदर्शन (Website Performance)

performance issues के लिए अपनी वेबसाइट का ऑडिट करना आपके ऑनलाइन प्रदर्शन को बढ़ावा देने के लिए एक त्वरित जीत के रूप में काम कर सकता है। इन performance issues पर ध्यान केंद्रित करके शुरू करें:

7. ई-कॉमर्स वैबसाइट को कैसे फ़र्स्ट पेज पर लायें – साइट की गति (Site Speed)

अपनी वेबसाइट की गति का निर्धारण Pingdom  या Google PageSpeed Insights का उपयोग करके करें। प्रदान किए गए गति सुझावों पर ध्यान दें और जहां आवश्यक हो, समायोजित करें। कुछ सामान्य speed issues हैं:

  • इमेज का आकार (Image size)
  • सर्वर प्रतिक्रिया (Server response)
  • अक्षम कोड (Inefficient code)
  • बहुत सारे प्लगइन्स (Too many plugins)
  • ब्राउज़र कैशिंग (Browser caching)

8. ई-कॉमर्स एसईओ टिप्स इन हिन्दी – वेबसाइट सुरक्षा (Website Security)

उपयोगकर्ताओं के लिए एक सुरक्षित ब्राउज़िंग अनुभव सक्षम करना आज एक आवश्यकता है। Google ने HTTPS को एक रैंकिंग संकेत के रूप में पुष्टि की है और एक सुरक्षित वेब के लिए पुश करना जारी रखा है।

यदि आपकी वेबसाइट सुरक्षित नहीं है, तो HTTPS पर माइग्रेट करने के बारे में जानें।

9. ई-कॉमर्स एसईओ ट्रिक्स और टिप्स – मोबाइल का अनुभव (Mobile Experience)

मोबाइल डिवाइस पर निर्भर रहने वाले ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों की संख्या लगातार बढ़ती गई है। 2017 में, मोबाइल दुकानदारों ने 58.9% ऑनलाइन दुकानदारों को बनाया, जो $ 1.4 ट्रिलियन के लगभग थे।

अपने उपयोगकर्ताओं के लिए एक सकारात्मक मोबाइल अनुभव प्रदान करना आवश्यक है। पुष्टि करें कि आपकी वेबसाइट quick लोड करने और नेविगेट करने में आसान है।

mobile first indexing  के आगमन के साथ, Google आपकी वेबसाइट के मोबाइल संस्करण का उपयोग उनके अनुक्रमणिका में शामिल किए गए शुरुआती बिंदु के रूप में कर रहा है। इसका मतलब है कि आपकी मोबाइल साइट इस बात की नींव है कि Google रैंकिंग का निर्धारण कैसे करेगा।

10. ई-कॉमर्स एसईओ युक्तियाँ – उपयोगकर्ता अनुभव (User Experience – UX)

एक increasingly से महत्वपूर्ण कारक आपके ऑनलाइन स्टोर की सफलता का निर्धारण करता है। Google के सकारात्मक UX के मापन के माध्यम से एसईओ और UX का Measurement जरूरी है।

Google, Friendliness, Page speed, Page structure और लिंक जैसे पारंपरिक एसईओ तत्वों के माध्यम से UX का मूल्यांकन करता है। इसके अलावा, Google उपयोगकर्ता संकेतों का उपयोग करके मूल्यांकन करता है कि विज़िटर आपकी साइट के बारे मे क्या कहते हैं।

व्यवहार पैटर्न जैसे, साइट पर बिताया गया समय, bounce rate और उपयोगकर्ता जिस दर पर आपकी साइट पर वापस आते हैं, Google को यह समझने में मदद मिलती है कि क्या विज़िटर आपके स्टोर पर दे रहे अनुभव से खुश हैं।

11. ई-कॉमर्स एसईओ कैसे टॉप पर लायें – वीडियो (Video)

हम जानते हैं कि विज़ुअल ऐड यूज़र एक्सपीरियंस को बढ़ाते हैं और बढ़े हुए एक्सपोज़र के लिए वीडियो का लाभ उठाना आपके स्टोर को बढ़ावा देने का एक शानदार तरीका है।

वीडियो देखने के बाद लोग 64-85% खरीदारी करने की संभावना रखते हैं।

वीडियो आपके ग्राहकों के साथ भावनात्मक संबंध बनाने के लिए प्राथमिक प्रारूप हैं और निकटतम वे खरीद से पहले आपके उत्पाद के साथ बातचीत कर सकते हैं।

यदि आपके आगंतुक आपके वीडियो के साथ बातचीत करने में समय व्यतीत करते हैं, तो लोग आपकी वेबसाइट पर लंबे समय तक रहेंगे, जो कि समय बढ़ाएगा, जो Google को संकेत भेजता है कि आपके Page का Valuable है। high value वाला एक वेबपेज उच्च रैंक करने के लिए जाना जाता है जिसका अर्थ है आपके products और brand  के लिए अधिक exposure।

Google इसे समझता है, और अक्सर SERPs में अधिक visibility वाले वीडियो को पुरस्कृत करता है।

अंतिम शब्द – 

ईकॉमर्स एक ऐसा जाल है जिसमे बेतहाशा प्रतिस्पर्धी है। बाहर खड़े रहना और भीड़ भरे माहौल में visibility हासिल करना पहले से कहीं ज्यादा कठिन है। एक ठोस एसईओ रणनीति बनाना आपके सभी डिजिटल मार्केटिंग प्रयासों के लिए आधार प्रदान करता है।

इन ईकामर्स एसईओ युक्तियों के execution पर ध्यान केंद्रित करने से आपके स्टोर को आपकी प्रतिस्पर्धा से अलग करने में मदद मिलेगी। यदि आपको ईकामर्स वेबसाइट डिजाइन या सस्ती एसईओ सेवाओं के साथ मदद की आवश्यकता है, तो हमारी टीम से संपर्क करें। हमे उम्मीद है कि ई-कॉमर्स वेबसाइट एसईओ टिप्स और ट्रिक आपको अपनी Website के लिए जरूर मददगार साबित होगी।


क्रेडिट कार्ड बिलिंग साइकिल क्या है – हिंदी में Credit Card Billing Cycle के बारे में पूर्ण विवरण जानें!



पिछले कुछ वर्षों में क्रेडिट कार्ड के उपयोग में भारी वृद्धि हुई है। ऑफर्स, सुरक्षा और सुविधा के आधार पर दुनिया भर में लोगों ने क्रेडिट कार्ड का विकल्प चुना है। रिपोर्ट से पता चलता है कि 2019 तक, भारत में क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ताओं की संख्या लगभग 52 मिलियन तक पहुंच गई है और वर्ष पर संख्या लगातार बढ़ रही है। इसलिए यदि आप प्लास्टिक मनी (क्रेडिट कार्ड) का उपयोग कर रहे हैं, तो आपको क्रेडिट कार्ड बिलिंग साइकिल (What is Credit Card Billing Cycle in Hindi) से जुड़ी कई शर्तों से अवगत होना चाहिए। ऐसा ही एक शब्द क्रेडिट कार्ड बिलिंग चक्र है। क्रेडिट कार्ड से जुड़ी शर्तों के बारे में बेहतर समझ रखने से लोगों को बेहतर तरीके से अपने वित्त-संबंधी मामलों की योजना बनाने में मदद मिलती है। इसे भी पढ़ेआईपीओ क्या है

बिलिंग साइकिल क्या है? (What is Billing Cycle in Hindi)

एक बिलिंग चक्र एक इनवॉइस या बिलिंग स्टेटमेंट तिथि के अंत से अगले एक समय तक के अंतराल को संदर्भित करता है। यह बिलिंग चक्र उन वस्तुओं या सेवाओं से जुड़ा है जो एक फर्म अपने उपयोगकर्ताओं को नियमित रूप से प्रदान करती है। आमतौर पर, बिलिंग चक्र हर महीने तैयार किया जाता है लेकिन उत्पाद या सेवाओं के आधार पर अवधि बदल सकती है। इन्हे भी पढ़ें – चार्टर्ड अकाउंटेंट कैसे बनें करियर के ऑप्शन यहाँ पढ़ें!

क्रेडिट कार्ड बिलिंग साइकिल क्या है? (Credit Card Billing Cycle Kya hai)

क्रेडिट कार्ड बिलिंग चक्र (Credit Card Billing Cycle Hindi me) को स्टेटमेंट साइकिल के रूप में भी जाना जाता है। यह उस अवधि को संदर्भित करता है जिसके लिए क्रेडिट कार्ड बिल उत्पन्न होता है। बिलिंग चक्र के कार्यकाल के दौरान आयोजित किए जाने वाले सभी लेनदेन महीने के क्रेडिट कार्ड विवरण में परिलक्षित होंगे। बिलिंग चक्र के कार्यकाल के दौरान, एक सेवा शुल्क लिया जाएगा जो कार्डधारक को वहन करना होगा। बिलिंग शुल्क में खाता शुल्क का प्रतिनिधित्व किया जाएगा और बिलिंग चक्र पूरा होने के बाद आपको इसे भेज दिया जाएगा। इन्हे भी पढ़ें – भारत के कैबिनेट मिनिस्टर्स की अपडेटेड लिस्ट!

एक बिलिंग स्टेटमेंट कार्ड धारक की पूर्व शेष राशि, बिलिंग चक्र के दौरान किए गए भुगतानों की सूची, न्यूनतम शुल्क, बकाया शेष ब्याज, देय तिथि और स्टेटमेंट अवधि के लिए नया बैलेंस दिखाएगा। सभी शुल्क / शुल्क पिछले बिलिंग चक्र से शेष राशि में जोड़े जाएंगे और वर्तमान शेष राशि पर आने के लिए सभी क्रेडिट और भुगतान काट दिए जाएंगे। कार्डधारक को शेष राशि में से किसी के लिए एक मासिक विवरण प्राप्त होगा जब तक कि वे पूरी राशि का भुगतान नहीं करते हैं, भले ही वे अपना खाता बंद कर दें। कुछ बिलिंग चक्र खाता खोलने की तारीख से शुरू और समाप्त होंगे। बिलिंग चक्र का कार्यकाल 28 दिनों से 32 दिनों के बीच कहीं भी हो सकता है और यह या तो कम या लंबी अवधि के लिए हो सकता है और मुख्य रूप से आपके क्रेडिट कार्ड और बैंक पर आधारित होगा।


उदाहरण के लिए: यदि आपके क्रेडिट कार्ड का विवरण हर महीने की 5 तारीख को उत्पन्न होता है, तो आपका क्रेडिट कार्ड बिलिंग चक्र पिछले महीने की 6 तारीख से शुरू होगा और चालू महीने के 5 वें दिन तक जारी रहेगा। आपके क्रेडिट कार्ड पर किसी भी प्रकार का लेनदेन इस अवधि तक आपके मासिक क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट में दिखाई देगा। इसमें आपके क्रेडिट कार्ड पर सभी नकद निकासी, क्रेडिट कार्ड भुगतान, मौजूदा ईएमआई (यदि कोई हो) शामिल होंगे।

क्रेडिट कार्ड बिलिंग चक्र कैसे काम करता है?

क्रेडिट कार्ड के लिए बिलिंग चक्र उस दिन से शुरू होगा, जब आप अपना क्रेडिट कार्ड सक्रिय करते हैं। आमतौर पर, आपके संबंधित क्रेडिट कार्ड पर शेष राशि शून्य होगी, हालांकि इसमें एक अग्रिम शुल्क शामिल हो सकता है जो प्रदाता द्वारा आपके क्रेडिट कार्ड पर लगाया जाएगा। यदि आप अपने बैलेंस को नए क्रेडिट कार्ड में ट्रांसफर करने की योजना बना रहे हैं, तो इसमें बैलेंस ट्रांसफर चार्ज शामिल होंगे। क्रेडिट कार्ड की सक्रियता के दिन से शुरू होकर, आपके क्रेडिट कार्ड के सभी लेनदेन आपके क्रेडिट कार्ड बिल में शामिल होंगे। यदि मामले में, आप अपने क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके नकद निकासी करते हैं, तो इससे जुड़े शुल्क जुड़ जाते हैं। यदि आपके क्रेडिट कार्ड पर ईएमआई या कोई अन्य वित्त शुल्क है तो वे इसमें जुड़ जाएंगे। यदि आपको अपने क्रेडिट कार्ड पर भुगतान किए गए भुगतान के रूप में कोई भी राशि प्राप्त होती है, जैसे किए गए किसी भी भुगतान का उलटफेर, ईंधन अधिभार छूट और इसी तरह, उन सभी भुगतानों में कटौती हो जाएगी और एक अंत बिल उत्पन्न हो जाएगा। किसी भी प्रकार के वित्तीय लेन-देन के बाद के चक्र चक्र अगले बयान में परिलक्षित होंगे।

बिलिंग चक्र की अवधारणा

आमतौर पर स्टेटमेंट की तारीख भुगतान की तारीख से कम से कम 21 दिन पहले या उस तारीख को निर्धारित की जाती है जिस दिन आपको अपने क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान करना होता है। आपको पूरी शेष राशि के लिए भुगतान करने के लिए नहीं कहा जाएगा, लेकिन यह सुनिश्चित करें कि आप आवश्यकताओं के अनुसार कम से कम न्यूनतम क्रेडिट कार्ड शुल्क का भुगतान करें। यदि आप न्यूनतम शुल्क का भुगतान करने से चूक जाते हैं, तो आपको देर से शुल्क देना होगा और वार्षिक प्रतिशत दर (APR) भी प्रभावित हो सकती है।

भुगतान देय तिथी

जैसा कि नाम से पता चलता है, भुगतान देय तिथि उस तारीख को संदर्भित करती है जिसके भीतर कार्डधारक को क्रेडिट कार्ड की बकाया राशि का मासिक भुगतान करना होता है। आमतौर पर पिछला बिल जनरेट होने के बाद भुगतान की तारीख 21 से 25 दिनों के बीच निर्धारित की जाती है। भुगतान देय तिथि से पहले आप अपने क्रेडिट कार्ड बकाया बिल का भुगतान कर सकते हैं यदि आप इसे भूल जाते हैं, तो देर से भुगतान शुल्क और अन्य संबंधित शुल्क लगाया जाएगा। उदाहरण के लिए: यदि आपकी भुगतान देय तिथि हर महीने की 20 तारीख को आती है और यदि आप अपना पूरा बकाया भुगतान करते हैं, जो आपके संबंधित क्रेडिट कार्ड पर उक्त तिथि के भीतर है, तो कार्डधारक को कोई जुर्माना या ब्याज शुल्क नहीं देना होगा।

न्यूनतम भुगतान

किसी विशेष क्रेडिट कार्ड पर न्यूनतम भुगतान उस न्यूनतम राशि को संदर्भित करता है जिसे क्रेडिट कार्ड खाते को बनाए रखने के लिए एक कार्डधारक को क्रेडिट कार्ड भुगतान की तारीख पर या उससे पहले भुगतान करना पड़ता है। आमतौर पर, यह कुल बकाया देय राशि की केवल एक छोटी राशि का गठन करेगा। न्यूनतम भुगतान करने पर, कार्डधारक लेट पेमेंट पेनल्टी से बच सकते हैं जो क्रेडिट कार्ड पर लगाया जाएगा। न्यूनतम भुगतान करने के बजाय पूरी राशि का भुगतान करना बेहतर है, क्योंकि बैंक शेष राशि पर ब्याज लगाएंगे और ब्याज दर 48% (सालाना) तक होगी और अंततः क्रेडिट कार्डधारक के लिए कई महीने लग सकते हैं


ओयो कंपनी की यात्रा – Oyo Company & Oyo Room के बारे मे पूर्ण विवरण यहाँ पढ़ें!



आज के समय में बहुत ही कम लोग होंगे जो ओयो रूम्स के बारे में नहीं जानते होंगे। आज से 6 साल पहले अपनी पढाई छोड़ कर ओयो रूम्स के फाउंडर रितेश अग्रवाल ने ओयो कंपनी की स्थापना की थी। बिना किसी बड़ी डिग्री के उन्होंने ये मुकाम हासिल किया है। आज कंपनी 230 शहरों में 10 लाख से अधिक होटल रूम्स का मैनेजमेंट कर रही है। एक वक्त ऐसा भी था जब रितेश ओडिशा में एक छोटे से कस्बे में सिम कार्ड बेचा करते थे, लेकिन वही आज अरबों का कारोबार खड़ा कर चुके हैं। आज हम इस लेख के माध्यम से ओयो रूम्स (What is OYO in Hindi) या कहें की ओयो कंपनी की यात्रा के बारे में विस्तार से बताएंगे की आखिर आज से 6 साल पहले अपनी पढाई छोड़ कर ओयो के फाउंडर रितेश अग्रवाल ने किस तरह से ओयो को स्टार्ट किया और कैसी रही ओयो कंपनी की यात्रा

ओयो कंपनी की यात्रा – ओयो कंपनी के बारे में (all about OYO in Hindi)

ओयो कंपनी, जिसे ओयो होम्स & ओयो होटल्स के नाम से भी जाना जाता है, एक भारतीय होटल चैन है। यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ने वाली हॉस्पिटैलिटी चैन है जो लोगो को होटलों और रहने के लिए होम्स की सुविधा प्रदान करते हैं। वर्ष 2013 में रितेश अग्रवाल ने ओयो रूम्स (ओयो कंपनी) की स्थापना की थी। OYO ने शुरू में मुख्य रूप से बजट होटल शामिल किए, वही इसने अगले 6 साल में, भारत, मलेशिया, यूएई, नेपाल, चीन, ब्राजील, ब्रिटेन, फिलीपींस, जापान, सऊदी अरब, श्रीलंका, इंडोनेशिया, वियतनाम, संयुक्त राज्य अमेरिका और इसके अतिरिक्त भी कई अन्य देशों के सैकड़ों शहरों के हजारों होटलों, वेकेशन होम्स और लाखों कमरों के साथ स्टार्टअप का वैश्विक स्तर पर विस्तार किया। ओयो कंपनी के निवेशकों में प्रमुख रूप से सॉफ्टबैंक ग्रुप, ग्रीनोक्स कैपिटल, सिकोइया इंडिया, लाइट्सपेड इंडिया, हीरो एंटरप्राइज, एयरबीएनबी और चीन लॉजिंग ग्रुप शामिल हैं।

ओयो कंपनी की यात्रा – ओयो कंपनी का इतिहास (History of OYO in Hindi)

वर्ष 2012 में, रितेश अग्रवाल ने बजट आवास की लिस्टिंग और बुकिंग को सक्षम करने के लिए ओरेवेल स्टे (Oravel Stays) लॉन्च किया। महीनों के रिसर्च और विभिन्न घरों, गेस्ट हाउस, और भारत भर के छोटे होटलों में रहने के बाद, उन्होंने 2013 में ओरावेल को OYO में तब्दील कर दिया।

ओयो कंपनी का मुख्य लक्ष्य विभिन्न शहरों में गेस्ट को समान गेस्ट एक्सपीरियंस देना था जिसके लिए ओयो कंपनी ने कई देशों की होटल्स के साथ पार्टनरशिप कर ली। वर्तमान में ओयो कंपनी में ग्लोवलि लेवल पर 17,000 से अधिक कर्मचारी हैं, जिनमें से लगभग 8000 भारत और दक्षिण एशिया में हैं। OYO होटल और होम्स अब एक पूर्ण होटल चैन के रूप में जानी जाती है। साथ ही OYO ने पूरे भारत में हॉस्पिटैलिटी में रूचि रखने वाले लोगों के लिए 26 प्रशिक्षण संस्थान भी स्थापित किए हैं।

ओयो कंपनी की यात्रा (Oyo’s Journey in Hindi) – ओयो की फंडिंग

  • आखिरी दौर की फंडिंग के अनुसार कंपनी को वर्तमान में $ 10 बिलियन डॉलर की फंडिंग प्राप्त हुई है।
  • सितंबर 2018 – $ 1 बिलियन फंडिंग मिली, जिसमें से Star Virtue Investment Ltd से जुटाई गई $ 100 मिलियन की राशि के लिए RoC फाइलिंग 13 फरवरी 2019 को की गई।
  • अक्टूबर 2019 – सॉफ्टबैंक ग्रुप, लाइट्सपीड वेंचर पार्टनर्स और सेक्विया इंडिया के नेतृत्व में $ 1.5 बिलियन की सीरीज़ एफ फंडिंग प्राप्त हुई।
  • RA हॉस्पिटैलिटी होल्डिंग्स (Cayman) के माध्यम से ओयो कंपनी के संस्थापक और सीईओ, रितेश अग्रवाल ने $ 2 बिलियन के प्राइमरी और सेकेंडरी मैनेजमेंट इन्वेस्टमेंट राउंड पर हस्ताक्षर किए, जो Global Institutional Banks और उनके फाइनेंसियल पार्टनर्स हैं।

ओयो कंपनी के फाइनेंसियल रिजल्ट्स (वित्तीय परिणाम)

वर्ष 2019 में, OYO कंपनी ने वित्त वर्ष 2017-18 में अपने रेवेन्यू में 3.5 गुना वृद्धि दर्ज की है, साथ ही इस वर्ष OYO ने 330.97 करोड़ का घाटा दर्ज किया जो पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर था।

ओयो कंपनी का मैनेजमेंट

वर्ष 2018 में, हॉस्पिटैलिटी चैन कंपनी ओयो ने भारत के सबसे बड़े एयरलाइंस, इंडिगो के पूर्व अध्यक्ष, आदित्य घोष को अपने दक्षिण एशिया व्यापार के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में नियुक्त करने की घोषणा की। जिसके साथ ही हॉस्पिटैलिटी चैन ओयो में आदित्य घोष भारत और नेपाल के प्रभारी होंगे।

नवंबर 2018 में, OYO ने मैक्स हेल्थकेयर के कार्यकारी निदेशक, रोहित कपूर को अपने नए रियल एस्टेट व्यवसायों के सीईओ के रूप में नियुक्त किया। जिसके बाद वर्ष 2018 में ही, ओयो ने प्रसार मेनन को ग्लोबल हेड ऑफ कम्युनिकेशंस के रूप में नियुक्त किया।

ओयो सीटीओ

2016 में, OYO ने अमेज़न इंडिया के अनिल गोयल को चीफ टेक्निकल और प्रोडक्ट ऑफिसर के रूप में नियुक्त करने की घोषणा की।

सीओओ ओयो चीन

OYO ने मुख्य परिचालन अधिकारी के रूप में अपने चीन परिचालन का नेतृत्व करने के लिए पेप्सी चाइना के पूर्व सीओओ को नियुक्त किया था।

OYO यूके

सितंबर 2018 में, OYO ने जेरेमी सैंडर्स को अपनी कंपनी के कार्य पर रखाथा, जो की इटालियन फास्ट-फूड चेन कोको डी मामा के कंट्री हेड जिन्होंने इसकी इंडिया में स्थापना की और आगे तक बढ़ाया।

सीईओ OYO टेक्नोलॉजी & हॉस्पिटैलिटी कंपनी, जापान

फरवरी 2019 में, OYO ने याहू के साथ एक संयुक्त उद्यम के साथ अपना जापान में अपने ऑपरेशन (संचालन) शुरू किया! जापान और OYO टेक्नोलॉजी एंड हॉस्पिटैलिटी कंपनी के सीईओ के रूप में हैंडी और Booking.com के लिए जापान के पूर्व मार्केट लीडर को नियुक्त किया गया।

सीईओ दक्षिण पूर्व एशिया और मध्य पूर्व

अगस्त 2019 में, ओयो ने डॉ मंदार वैद्य को अपनी कंपनी में नियुक्त किया।

ओयो में अधिग्रहण और भागीदारी (Acquisitions and Partnerships)

  • मार्च 2018 में, OYO ने चेन्नई स्थित सर्विस अपार्टमेंट ऑपरेटर नोवास्कोटिया बुटीक होम्स का अधिग्रहण (Acquisitions) किया और साथ ही सर्विस अपार्टमेंट और कॉरपोरेट एक्जीक्यूटिव रिहाइश में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए अपना पहला बड़ा बायआउट बनाया।
  • 2018 में, कंपनी ने वेडिंग वेन्यू का अधिग्रहण (Acquisitions) किया, जो विवाह स्थलों और विक्रेताओं के लिए मुंबई स्थित ऑनलाइन मार्केटप्लेस है, जिसने $ 40 बिलियन डॉलर के वेडिंग उद्योग में अपनी एंट्री दर्ज की थी।
  • अप्रैल 2019 में, OYO ने बेडबैंक होटलबेड्स के साथ रणनीतिक वैश्विक वितरण (Strategic Global Distribution) साझेदारी की घोषणा की। साथ ही ओयो कंपनी ने सॉफ्टबैंक और याहू-जापान के साथ दो संयुक्त उद्यम की भी घोषणा की।
  • 2019 में, OYO और Airbnb ने OYO में Airbnb के निवेश के साथ एक स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की घोषणा की और जिसके बाद कंपनी Airbnb प्लेटफॉर्म पर अपनी प्रॉपर्टीज की लिस्ट देगी। मार्च 2019 में OYO ने बुनियादी ढांचे को बढ़ाने, प्रौद्योगिकी और आंतरिक क्षमता को मजबूत करने के अपने प्रयासों के तहत 2019 में अपने भारत और दक्षिण एशिया व्यवसायों में 1400 करोड़ के निवेश की घोषणा की।
  • मई 2019 में, OYO ने यूरोप की सबसे बड़ी अवकाश रेंटल कंपनी एम्स्टर्डम-आधारित @Leisure ग्रुप के अधिग्रहण (Acquisitions) की घोषणा की।
  • अगस्त 2019 में, ओयो ने अमेरिका में रियल एस्टेट कंपनी हाईगेट के साथ 135 मिलियन डॉलर में पार्टनरशिप के साथ लास वेगास स्ट्रिप के पास हूटरर्स कैसीनो होटल को खरीदकर संयुक्त राज्य में अपना पहला बड़ा निवेश किया।



ओयो कंपनी की यात्रा – ओयो के उत्पाद और सेवाएं (Products and Services)

OYO रूम्स, OYO होटल्स एंड होम्स में वर्तमान में यात्री की बदलती जरूरतों के लिए क्यूरेटेड ऑफरिंग्स के साथ एक बहु-ब्रांड दृष्टिकोण है। जिसमे निम्न शामिल है,

  1. OYO Townhouse – OYO टाउनहाउस Millennial Traveller की जरूरतों पर आधारित है। होटल के हर एक तत्व – नाश्ते के मेनू से लेकर बुकिंग प्रक्रिया में आराम, दक्षता, सुविधा और सामर्थ्य के लिए कई सुविधाएँ की गई हैं। प्रत्येक टाउनहाउस को उसके Neighbourhood के Complement के लिए बनाया गया है।
  2. OYO होम – ओयो होम्स के लिए OYO का दावा है कि यह भारत का पहला होम मैनेजमेंट सिस्टम है जो विभिन्न स्थानों में निजी घर प्रदान करता है और OYO द्वारा पूरी तरह से प्रबंधित किया जाता है।
  3. OYO वेकेशन होम्स – जो खुद को दुनिया के तीसरे सबसे बड़े वैकेशन होम ब्रांड के रूप में पहचान देता है, जिसमें रेंटल मैनेजमेंट ब्रांड बेल्विला, डनलैंड और डैनकेंटर शामिल हैं, जो जर्मनी स्थित ट्रम-फेरिएनवुहेनन (Ferienwohnungen)के साथ हैं।
  4. सिल्वरकेय (SilverKey) – इसे कंपनी द्वारा अप्रैल 2018 में लॉन्च किया गया था, जो छोटी या लंबी अवधि के लिए व्यापारिक यात्राएं करने वाले कॉर्पोरेट यात्रियों की जरूरतों को पूरा करता है।
  5. कैपिटल ओ – यह प्रमुख स्थान पर स्थित प्रीमियम होटल हैं और विशेष रूप से एक सस्ती कीमत पर OYO के गुणवत्ता-सुनिश्चित अनुभव देने के लिए क्यूरेट किए गए हैं।
  6. पैलेट (Palette) – यह इस समय होने वाली प्रतिस्पर्धी कीमतों पर एक सहज अनुभव की तलाश में उन लोगों के लिए पूरी तरह से क्यूरेट किए गए प्लेस की पेशकश करता है, जो एक Upper-end leisure रिसॉर्ट्स की केटेगरी मे आते हैं।
  7. कलेक्शन ओ – यह ओयो के होटल पोर्टफोलियो के तहत सबसे नई श्रेणी है, जो Discerning व्यापारिक यात्रियों की आवश्यकताओं को पूरा करती है।
  8. OYO LIFE – लंबी अवधि के लिए किराये पर पूरी तरह से प्रबंधित घरों की खोज में millennials और युवा पेशेवरों को सस्ती कीमतों पर रहने के लिए स्थान मुहैया कराता है।

ओयो कंपनी को मिले पुरस्कार और सम्मान

  • वर्ष 2019 के लिए मार्किट एंटरनट (Market Entrant) ऑफ़ द ईयर (यूके-इंडिया अवार्ड्स)
  • वर्ष 2019 में दुनिया की सबसे नवीन और फास्ट कंपनी की श्रेणी के लिए – इंडियन अवार्ड्स
  • बेस्ट स्टार्टअप – SATTE अवार्ड्स 2019
  • भारत में लिंक्डइन के टॉप स्टार्टअप्स (2018) की प्रथम सूची में OYO सबसे ऊपर है
  • लिंक्डइन ने भारत में चार साल (2016, 2017, 2018, 2019) में ओयो के शीर्ष कर्मचारियों में से एक के रूप में पहचाना है।
  • फास्ट कंपनी: भारत में शीर्ष 10 सबसे नवीन कंपनियों में OYO (2018)
  • द इकोनॉमिक टाइम्स स्टार्टअप अवार्ड्स (2018) में
  • टीआईई का क्यूग्लू डिज़ाइन-लीड Entrepreneurship अवार्ड्स (2018)
  • बेस्ट ट्रैवल स्टार्टअप – जूरी एट ज़ी बिज़नेस ट्रैवल अवार्ड्स (2018)
  • इंडियाज मोस्ट प्रॉमिसिंग होटल नेटवर्क, हॉलिडेक्यू बेहतर हॉलीडे अवार्ड्स (2017)
  • कॉरपोरेट गवर्नेंस एंड सस्टेनेबिलिटी के लिए एशियन सेंटर द्वारा न्यू एज एंटरप्रेन्योर अवार्ड (2016)
  • सोशल मीडिया के सर्वश्रेष्ठ उपयोग के लिए OneDirect Quest CX पुरस्कार (2016)
  • BT कूलेस्ट स्टार्ट-अप सर्वेक्षण 2016 में नंबर 2 पर
  • वर्ष का स्टार्टअप- एक्सप्रेस आईटी अवार्ड (2015)

ओयो कंपनी के मुख्य विवाद (Controversies)

  1. ग्राहक के डेटा को सरकार के साथ साझा करना

2019 में, ओयो रूम्स एक डिजिटल रजिस्टर मैकेनिज्म को लागू करने की योजना बना रहा है जो इसे वास्तविक समय में सरकार के साथ ग्राहक डेटा साझा करने की अनुमति देगा। इसे पर्सनल प्राइवेसी के लिए खतरा माना जा रहा है।

  1. Predatory प्राइसिंग का उपयोग

OYO पर Predatory Pricing का उपयोग करने और अपने स्वयं के समझौतों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया गया है, जिसमें होटल को एकपक्षीय रूप से बदलने या कुछ भुगतान न करने के लिए धमकी दी गई है।

  1. अवांछित ईमेल भेजना

2018 में, कंपनी ने प्रतिद्वंद्वियों के वरिष्ठ और मध्यम स्तर के कर्मचारियों को टारगेट करते हुए बड़े पैमाने पर अवांछित नौकरी के प्रस्ताव ईमेल भेजे।


गूगल एडसेंस से ज्यादा एअर्निंग करने के लिए 20 इम्पोर्टेन्ट टॉपिक्स – इन कीवर्ड पर करोगे ब्लॉग्गिंग तो कमा सकते हो लाखों रुपए!



जैसे ही हमे गूगल एडसेंस के बारे में पता चलता है तो हमारे दिमाग में सबसे पहले एक सवाल आता है, किस टॉपिक पर वेबसाइट बनायें जिस पर एडसेंस से अच्छी एअर्निंग कर सके। अगर आपके साथ भी यही प्रॉब्लम है और आप ब्लॉग के लिए परफेक्ट टॉपिक सेलेक्ट नहीं कर पा रहे हैं, तो ये पोस्ट आपके लिए ही है। इस पोस्ट में मैं आपको गूगल एडसेंस से गुड इनकम करने के टॉप 20 बिज़नेस आइडियाज बता रहा हूँ जिन पर ब्लॉग्गिंग करके आप एडसेंस के द्वारा ज्यादा से ज्यादा पैसे कमा सकते हैं। तो चलिए आगे पढ़िए इन  गूगल एडसेंस से ज्यादा एअर्निंग करने के लिए 20 इम्पोर्टेन्ट टॉपिक्स और बिज़नेस आइडिया को अपनाइये और अपनी इनकम बढ़ाइए। वेबसाइट क्रिएट करना और उस पर गूगल एडसेंस ऐड प्रोग्राम से एअर्निंग करना बहुत ही आसान है पर अगर आप एडसेंस हाई पेइंग कीवर्ड्स वाले टॉपिक्स पर कंटेंट पब्लिश करते हो तो आप कम समय मे ही एडसेंस से ज्यादा से ज्यादा इनकम कर सकते हैं। मेरा मतलब ऐसे कुछ टॉपिक्स है जिन पर एडसेंस ऐड से अन्य टॉपिक वाली साइट से ज्यादा कमाई कर सकते है। कुछ टॉपिक्स पर एडसेंस  एडवरटाइजर ज्यादा पैसे देते हैं, तो कुछ टॉपिक इंटरनेट पर इतने फेमस और पॉपुलर है की आपको उन पर ज्यादा ट्रैफिक और ज्यादा एड्स क्लिक मिल सकते हैं।

गूगल एडसेंस से ज्यादा एअर्निंग करने के लिए 20 इम्पोर्टेन्ट टॉपिक्स लिस्ट

अगर आप ऐसे टॉपिक पर लिखना चाहते है और एडसेंस से ज्यादा पैसा कमाना चाहते है तो आप नीच बताये 20 बिजनेस आइडियाज में से किसी एक को सेलेक्ट कर सकते है.

गूगल एडसेंस के लिए टॉप बिज़नेस आइडियाज:


इंश्योरेंस इनफार्मेशन:

इन्शुरन्स रिलेटेड कीवर्ड्स पर एडसेंस सबसे ज्यादा पे करता है. इसकी हाई सीपीसी $54 है. हर क्लिक पर आपको $54 तक मिल सकते है. साथ ही साथ इस टॉपिक्स पर कम्पटीशन भी बहुत काम है.

फाइनेंस:

आप फाइनेंस टिप्स और फाइनेंस न्यूज़ टॉपिक पर काम करके एडसेंस से ज्यादा से ज्यादा कमाई कर सकते हो.

मॉर्गेज इनफार्मेशन:

आप मॉर्गेज रेट्स एंड अपडेट पर फोकस कर सकते है ताकि घर मालिक और जो घर खरीदना चाहते हैं उन्हें अच्छी जानकारी मिल सके. साथ ही आप इससे अच्छी एअर्निंग भी कर सकते हैं

लोन गाइडलाइन्स:

लोन क्या है लोन कैसे और कहाँ से प्राप्त होता है? इस टॉपिक के बारे में हर कोई जानना चाहते है. मोस्टली स्टूडेंट एजुकेशन लोन की जानकारी सर्च करते है. आप लोन के बारे में लिख कर उनकी मदद कर सकते हो.

हेल्थ इनफार्मेशन:

एडसेंस मे हेल्थ मोस्ट प्रॉफिटेबल टॉपिक है. अगर आप हेल्थ रिलेटेड नॉलेज रखते हैं, तो आप इसकी जनरल इनफार्मेशन और स्पेसिफिक हेल्थ रिलेटेड टॉपिक पर फोकस कर सकते हो.

होम ट्रीटमेंट:

बहुत सी बीमारियों का इलाज घरेलु उपचार से हो सकता है. आप ऐसे घरेलु नुस्खे शेयर करके लोगो की हेल्प कर सकते हो.

टेक्नोलॉजी:

गूगल एडसेंस से अधिक पैसा कमाने के लिए ये मेरा फेवरेट सब्जेक्ट है. आप एक वेबसाइट और ब्लॉग बना कर उस पर नई-नई अपडेट वाला कंटेंट शेयर कर सकते हो.

फैशन:

आज के टाइम में किसको फैशन का शौक नहीं है. आप फैशन डिज़ाइनर ट्रेंड्स फैशन टिप्स शेयर कर सकते हो.

डाइट टिप्स:

मोस्ट पॉपुलर हेल्थ रिलेटेड टॉपिक्स के अलावा आप डाइट टॉपिक पर लिख सकते है. आप डाइट टिप्स और वजन घटाने और बढ़ाने के बारे में लिख सकते हो.


स्पोर्ट्स:

स्पोर्ट्स का जूनून हर युथ पर सवार है. आप स्पोर्ट्स पर ब्लॉग बना कर आल स्पोर्ट्स टॉपिक्स को कवर कर सकते हो.

न्यूज़:

आप किसी भी टॉप न्यूज़ टॉपिक पर कंटेंट शेयर कर सकते हो इसमें आपको ट्रैफिक सबसे ज्यादा मिलेगा साथ ही एअर्निंग भी बढ़ेगी

ब्यूटी टिप्स:

गर्ल, बॉयज, वुमन और मेंस सभी ब्यूटी में इंटरेस्ट रखते हैं. पर लेडीज को इसका सबसे ज्यादा शौक होता है. आप मेकअप रिलेटेड टॉपिक चूज़ कर सकते हो.

रिलेशनशिप एडवाइस:

अगर आपको रिलेशनशिप काउंसलिंग की नॉलेज और एक्सपीरियंस है तो आप एक वेबसाइट स्टार्ट कर सकते हो जहाँ आप लोगो के प्रश्नों के आंसर और एडवाइस शेयर करके पैसे एअर्निंग कर सकते हो.

होम केयर:

आप एक ऐसी वेबसाइट बना सकते है जो होम ओनर्स के लिए ग्रेट सोर्स की तरह हो. आप घर की सजाबट से ले कर मरम्मत तक टॉपिक्स पर लिख सकते है.

फॅमिली टॉपिक्स:

आप फॅमिली रिलेटेड इवेंट्स एक्टिविटीज पेरेंटिंग एडवाइस पर लिख सकते हो.

क्रेडिट इनफार्मेशन:

आप लोगो की क्रेडिट रिलेटेड डिसीजन लेने में हेल्प कर सकते हो.

रियल एस्टेट इनफार्मेशन:

रियल एस्टेट टॉपिक एडसेंस वेबसाइट के लिए सबसे बेस्ट है. आप स्पेसिफिक एरिया की लिस्टिंग्स इनफार्मेशन शेयर कर सकते है.

फिटनेस टिप्स:

आप अपनी साइट पर फिटनेस की जानकारी शेयर कर सकते है जो वर्कआउट करने वालो के लिए हेल्पफुल साबित होगी.

ऑटो मोबाइल्स:

आप एक वेबसाइट बना सकते हो जिसमे ऑटोमोबिल्स रिपेयरिंग की इनफार्मेशन हो.

स्पोर्ट न्यूज़:

क्रिकेट का मैच होते टाइम हर कोई न्यूज़ चेक करता है. आप एक ऐसी साइट बना सकते हो जिस पर हर टाइप की लेटेस्ट स्पोर्ट न्यूज़ अवेलेबल हो.

यदि आप भी गूगल एडसेंस से ज्यादा कमाना चाहते हैं, तो आप भी गूगल एडसेंस से ज्यादा एअर्निंग करने वाले 20 इम्पोर्टेन्ट टॉपिक्स में ब्लॉग्गिंग करें।


वर्चुअल बैंकिंग क्या है – यहाँ Virtual Banking के लाभ और हानि जानें!



वैसे तो सभी लोग आज के समय मे अपने पैसे सुरक्षित रखने के लिए किसी न किसी बैंक का उपयोग करते हैं। पर इन बैंकों के अलावा भी आपके पास एक और विकल्प है, वो है, वर्चुअल बैंकिंग। आज हम इस लेख मे वर्चुअल बैंकिंग क्या है (What is Virtual Banking Hindi me) और इसके फायदे और नुकसान के बारे मे चर्चा करेंगे। इन्हे भी पढ़ें – चार्टर्ड अकाउंटेंट कैसे बनें करियर के ऑप्शन यहाँ पढ़ें!

वर्चुअल बैंकिंग क्या है ( What is Virtual Banking in Hindi)

वर्चुअल बैंकिंग का सीधा मतलब है कि बिना बैंक गए सभी वित्तीय सेवाएं करना। आजकल लगभग हर बैंक वर्चुअल बैंकिंग सुविधा दे रहा है और हो सकता है कि आपका मौजूदा पारंपरिक बैंक फोन पर या कुछ मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से लेनदेन करने के लिए इन सेवाओं की पेशकश करे।

वर्चुअल बैंक का इतिहास (History of virtual bank in Hindi)

पहली बार वर्चुअल बैंक की स्थापना 1990 के दशक में जापान में की गई थी जिसमें कोई भौतिक शाखा नहीं थी। वर्चुअल बैंकिंग का शाब्दिक अर्थ है बैंक जो केवल ऑनलाइन मौजूद हैं और जिनकी कोई भौतिक शाखा नहीं है। वर्चुअल बैंकिंग अब एक चीज बन गई है और लोग इस प्रकार की बैंकिंग सेवाओं को प्रौद्योगिकी में सुधार और स्मार्टफोन के उपयोग में वृद्धि के साथ ऊपर उठा रहे हैं; ग्राहकों का व्यवहार बदल रहा है और लोग वर्चुअल बैंकिंग में अधिक रुचि दिखा रहे हैं और इसलिए अधिक सफल हो रहे हैं।

पहली वर्चुअल बैंकिंग (First virtual banking in Hindi)

डीबीएस द्वारा डिजीबैंक पहली वर्चुअल बैंकिंग ब्रांच है। 50 से अधिक वर्षों के इतिहास के साथ यह एशिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन बैंक है। यह आपको आपके खाते में 0 शेष राशि की अनुमति देता है जो कि यह सुविधा अभी तक पारंपरिक भौतिक बैंकों द्वारा प्रदान नहीं की गई है। आपको बस अपने डिवाइस पर एप्लिकेशन इंस्टॉल करना होगा और एक खाता बनाना होगा
जिसके बाद अपने सभी आवश्यक विवरण जैसे बैंक खाता संख्या, पता, आईएफएससी कोड, धारकों का नाम जोड़ना और आप कुछ ही समय में अपना खाता सक्रिय कर लेंगे।

वर्चुअल बैंकिंग में किसी भी औसत उपयोगकर्ता के लिए कई तरह के ऑफर हैं और इसमें कई तरह के लाभ हैं। भौतिक चलने वाली शाखाओं की तुलना में इसकी अलग-अलग नीतियां हैं। सस्ती सेवाओं से लेकर उच्च ब्याज दर तक, वे यह सब इसलिए करते हैं क्योंकि वे पारंपरिक बैंकों के ओवरहेड्स से पीड़ित नहीं होते हैं।

वर्चुअल बैंकिंग के लाभ? (Benefits of virtual banking in Hindi)

1. बेहतर ब्याज दर:

यदि आप कुछ सर्वोत्तम ब्याज दर पाने के लिए उत्सुक हैं, तो ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं के अलावा और कुछ नहीं चुनें। वर्चुअल बैंकिंग न केवल ओवरहेड प्रतिबद्धताओं को पूरा करती है, बल्कि समान सेवाओं की पेशकश करने वाले किसी भी अन्य पारंपरिक बैंक की तुलना में तुलनात्मक रूप से उच्च ब्याज दर भी प्रदान करती है। नवीनतम अध्ययन से पता चलता है कि ऑनलाइन बैंकों में बचत और मुद्रा बाजार खातों पर औसत ब्याज दर पारंपरिक ऑफ़लाइन शाखाओं की तुलना में 5 से 6 गुना अधिक है।

2. सस्ता कर्ज:

वर्चुअल बैंक पारंपरिक भौतिक शाखाओं की तुलना में बहुत सस्ता ऋण प्रदान करते हैं। भौतिक बैंक कभी-कभी उच्च शुल्क के साथ ओवरबोर्ड जा सकते हैं और उच्च ब्याज दरों को चार्ज कर सकते हैं जो ग्राहक के लिए ऋण के लिए चयन करना अपने आप में एक कार्य बन जाता है।

3. नि: शुल्क निकासी:

कई प्रमुख शहरों में पारंपरिक बैंकों के एटीएम हैं जबकि ऑनलाइन बैंकों में अक्सर अधिभार मुक्त निकासी के लिए एटीएम नेटवर्क के साथ समझौते होते हैं। पर वर्चुअल बैंकिंग में ऐसा नहीं होता है।

4. आसानी से उपलब्ध:

आप ट्रैफ़िक के बीच में या देश से बाहर छुट्टी पर अटके हुए उच्च या निम्न बैंकिंग लेनदेन कर सकते हैं। अपने बैंक खाते तक पहुँचने के लिए आपको शारीरिक रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है जो ऑनलाइन बैंकिंग के पूरे विचार को सार्थक बनाता है। देशों और मुद्राओं के बीच भी पैसा आसानी से सेकंडों में हस्तांतरित किया जा सकता है। अब आपको लंबी कतारों में इंतजार नहीं करना पड़ेगा और आप वास्तव में अपने स्वयं के फोन और डेटा कनेक्शन की सुविधा से एक नया खाता खोल सकते हैं।

आपको बैंकिंग ऐप की आवश्यकता क्यों है? (Why do you need a Banking App Details in Hindi)

  1. बैंकिंग ऐप्स आपके द्वारा खर्च किए जा रहे अमाउंट का ट्रैक रखते हैं। यह किराने का सामान, मनोरंजन, परिवहन, बिल और अधिक जैसे दैनिक श्रेणियों पर आपके खर्च को ट्रैक करता है।
  2. बैंकिंग ऐप व्यक्ति को अपने बजट पर नियंत्रण रखने में मदद करता है। वे यह देखने के लिए स्वतंत्रता प्राप्त करते हैं कि वे कहाँ पर अधिक या कम खर्च कर रहे हैं और फिर एक बजट बना सकते हैं और उन चीजों पर कटौती कर सकते हैं जो वे देख रहे हैं।
  3. बैंकिंग एप्स हर समय नए ऑफर पर पहुंच रखने का लाभ देता है। वे फिल्म टिकट, जिम सदस्यता और बहुत अधिक पर छूट की राशि प्रदान करते हैं।
  4. बैंकिंग ऐप्स द्वारा प्रदान की गई अतिरिक्त पारदर्शिता के कारण आप बहुत सारा पैसा बचा लेते हैं।
  5. बैंकिंग एप्स की मदद से कर्ज चुकाना ज्यादा आसान और तेज हो गया है।
  6. बैंकिंग ऐप के माध्यम से पहुंचते समय कागजी कार्रवाई की कम मात्रा की आवश्यकता होती है।
  7. देश और मुद्रा के बारे में चिंतित हुए बिना विदेशों में भी लेनदेन अधिक त्वरित और आसान है।

“वर्चुअल बैंक्स काफी फुर्तीले हैं और ओरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज के ग्रुप वाइस प्रेसीडेंट श्री वेंकटेश श्रीनिवासन का कहना है कि वे सहस्राब्दी, फ्रीलांसरों, छात्रों, आप्रवासियों के एक विशेष खंड में काम करते हैं।”

बैंकिंग एप और वर्चुअल बैंकिंग के उपयोग में सबसे बड़ी तेजी टेक सेवी सहस्राब्दी की देखी गई है। वह पीढ़ी जिसके लिए आराम और सुविधा राजा है। जब भी आपके खाते में कुछ गतिविधि होती है, तो बैंकिंग ऐप्स आपको तुरंत एक सूचना देता है। तुरंत आने वाली सूचनाएं पॉप अप करने से उनके बैंक खातों तक पहुंच आसान हो जाती है और बस या काम पर भी अपने फोन से बैंकिंग का संचालन करने में खुशी होती है।


क्या वर्चुअल बैंकिंग ट्रस्टेड है? (CAN VIRTUAL BANKING BE TRUSTED in Hindi)

सत्यापन के लिए चेहरे की कमी और सबूत के लिए कागजात पर हस्ताक्षर की बिल्कुल आवश्यकता नहीं होने से धोखाधड़ी के जोखिम वाले ऑनलाइन बैंक निकल रहे हैं। अपराधी अधिक तकनीक प्रेमी बनते जा रहे हैं और स्मर्फिंग ’जैसी तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, जहां पता लगाने से बचने के लिए उनके लिए एक समय में पैसे को स्थानांतरित करना आसान हो जाता है। पारंपरिक बैंकों के पास ग्राहक सहायता सेवाएं हैं और उन्होंने अपने ग्राहक आधार को मजबूत बनाने के लिए अपना समय और पैसा लगाया है और आभासी बैंकों को किसी भी तरह की धोखाधड़ी गतिविधियों से बचने के लिए उसी का विकल्प चुनना चाहिए।

विश्व बैंक की सुरक्षा का भविष्य क्या है?

सिंगापुर के मौद्रिक प्राधिकरण के अध्यक्ष ने इसे ‘लचीला, प्रतिस्पर्धी और जीवंत’ बनाए रखने के लिए डिजिटल बैंकिंग के लिए 5 नए लाइसेंस जारी करने की घोषणा की। अनुमान से पता चलता है कि 2020 तक, आभासी बैंक अभी भी केवल 1% बैंकिंग क्षेत्रों के लिए जिम्मेदार होंगे और पारंपरिक वित्त बाजार को भी संभाल सकते हैं। पारंपरिक बैंक एक आभासी बैंक प्रदान कर रहा है लेकिन पारंपरिक वित्त बाजार में एक बड़ा नाम होने की स्थिरता के साथ सभी सुविधा प्रदान करने के लिए तैयार हो सकता है।

सरल शब्दों में, बहुत जल्द ही वर्चुअल बैंकिंग, बैंकिंग उद्योग में एक चीज होगी। हर कोई बहुत ज्यादा हलचल के बिना चीजों को प्राप्त करना पसंद करता है, लेकिन हर बड़ी और छोटी चीजों के लिए बैंकों में जाना इतना सुविधाजनक नहीं है, यही वजह है कि हम भविष्य में वर्चुअल बैंकिंग में बहुत आगे बढ़ सकते हैं। मामूली से बड़े, सभी प्रकार के लेनदेन आपके फोन पर सिर्फ एक क्लिक से किए जा सकते हैं। अब सब कुछ डिजिटल रूप से सुसज्जित हो गया है, कि अगर भविष्य में, हम किसी को बैंकों में नहीं जाते हैं और सिर्फ अपने फोन के साथ घर बैठे लेनदेन करने से हमें आश्चर्य नहीं होगा।
हमे उम्मीद है कि वर्चुअल बैंकिंग क्या है और इसके लाभ और हानि (Virtual Banking Details in Hindi) के बारे में आपने सभी विवरण प्राप्त कर लिए होंगे। यदि आपके मन मे कोई प्रश्न है, तो आप हमे कमेंट बॉक्स मे पूछ सकते हैं।


इंटरनेट से पैसे कमाने के तरीके – घर बैठे पैसे कमाना चाहते हैं तो इन तरीकों को जरूर पढ़ें!



पैसो की जरुरत आजकल सबको होती है चाहे वो स्टूडेंट हो या फॅमिली हो लेकिन हम सभी ये सोच रहे होंगे की क्या घर बैठकर पैसा कमाना आसान काम है तो मेरा अनुभव कहता है काम आसान है और नई भी क्योकि नेट से इनकम करने के लिए उस फील्ड का अनुभव होना जरुरी है आज इस लेख के जरिए हम आपको बताएँगे की आप इंटरनेट से पैसे कैसे कमाए। इसलिए इस लेख को ध्यान से पढ़े और जाने इंटरनेट से पैसे कमाने के तरीके के बारे में।

इंटरनेट से पैसे कमाने के तरीके

इंटरनेट से पैसे कमाने के तरीके बहुत से लोग ढूंढते है और जो मिलते है उनमे से ज़्यादातर फेक होते है मैंने यहाँ इंटरनेट से पैसे कमाने के टिप्स के बारे में जानकारी दी है जिससे आप घर बैठे आसान तरीके से एक महीने में कम से कम 5000 से 20000 तक और उससे ज्यादा भी कमा सकते हो।

मोबाइल फ़ोन से पैसे कैसे कमाए -इंटरनेट से पैसे कमाने के तरीके

जिसके पास कंप्यूटर नहीं है उसके लिए मोबाइल फ़ोन से पैसा कमाने का तरीका भी होगा क्योकि मोबाइल और कंप्यूटर दोनों सामान क्रिया करते है। मार्किट में स्मार्टफोन के ज्यादा होने की वजह से ई-कॉमर्स और बिज़नेस कम्पनीज अपने बिज़नेस को स्मार्टफोन तक पहुँचाना चाहती हैं, क्योंकि आज के टाइम में एक कंप्यूटर से ज्यादा स्मार्टफोन का उपयोग किया जाता है।

ऑनलाइन पेड सर्वे -घर बैठे कैसे पैसे कमाए

पहले ये जानना जरुरी होगा की पेड सर्वे क्या होता है, जैसा की हमारे पास कोई कंपनी है कंपनी में कुछ प्रोडक्ट होंगे और हमें ये भी कन्फर्म करना होगा की हमारे प्रोडक्ट को लोग कितना पसंद करते हैं।

कुछ ऐसी ही कम्पनीज होती जो अपने प्रोडक्ट्स के रिव्यु को लोगो के माध्यम से जानना चाहती है और उसके बारे में हम कुछ बताते है उसके बदले में हमें घर बैठे रूपए मिलते है। कितने रूपए मिलते है ये बात कंपनी और हमारे रिव्यु पर डिपेंड होती है इस वर्क को हम मोबाइल से भी ही कर सकते हैं और ऑनलाइन सर्वे जॉब एक पार्ट टाइम फुल टाइम वर्क है।

टॉप 6 हाईएस्ट पेइंग ऑनलाइन सर्वेस साइट्स इन इंडिया

  • https://www.valuedopinions.co.in/
  • https://saybucks.com/
  • http://in.ipanelonline.com/
  • http://thepanelstation.com/
  • http://panelplace.com/
  • https://in.toluna.com/

आपको इन वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा  फिर ईमेल के माध्यम से आपको सर्वे आएंगे और उनको कम्पलीट करना होगा कम्पलीट करने बदले में आपको पैसे मिलेंगे।

इन्हे भी पढ़ें – गूगल एडसेंस से ज्यादा एअर्निंग करने के लिए 20 इम्पोर्टेन्ट टॉपिक्स

ऑनलाइन कंटेंट राइटिंग जॉब्स इन इंडिया [टाइपिंग वर्क ]

मोबाइल से टाइपिंग करना कंप्यूटर से ज्यादा आसान है क्योंकि सोशल मीडिया इस्तेमाल करने पर हमें कीवर्ड लिखने की प्रैक्टिस हो जाती है, अगर आपकी टाइपिंग स्पीड और ग्रामर अच्छी है तो इंटरनेट ब्लॉगर के लिए आर्टिकल लिख सकते हैं और आर्टिकल लिख कर पैसा कमा सकते हैं, लेकिन आपका आर्टिकल कितना यूज फुल है उसकी क्वालिटी से पता चलता है अगर आप पहले से राइटर हैं तो आपको लिखने का अच्छा एक्सपीरियंस हो सकता हैं। इंटरनेट पर बहुत सी ऐसी वेबसाइट हैं जो अपनी साइट के लिए पेड आर्टिकल पर्चेस करती है और इसके बदले में हमें 100-300 पर क्वालिटी आर्टिकल के रूपए मिलते हैं आज में आपको उन चार वेबसाइट के बारे में बताऊंगा जिनपे आर्टिकल लिख कर आप पैसे कमा सकते हैं।

  • https://www.iwriter.com/
  • https://www.hirewriters.com/
  • http://epinions.com/
  • http://fiverr.com/

लैपटाप से घर बैठे पैसे कैसे कमाएं – फ्रीलान्स से पैसे कैसे कमाए

अगर आपके पास कोई बढ़िया स्किल हैं मतलब आपको किसी तरह का कार्य करना आता हो जैसे की डिजाइनिंग ,प्रोग्रामिंग ,मार्केटिंग तो आपके लिए घर बैठे पैसा कमाने में परेशानी नहीं होगी और आप घर पर बैठकर फ्रीलांसर वर्क कर अच्छे पैसे कमा सकते हो।

उसके लिए आपको फ़ीवरर या फ्रीलांसर की वेबसाइट पर जीमेल से रजिस्टर करना होगा इसके बाद वहां पर आप अपने बारे में जानकारी दे सकते हैं।


इन्हे भी पढ़ें – फ्रीलांसिंग क्या है फ्रीलांसिंग से कमाई कैसे होती है

मोबाइल से पैसे कैसे कमाएं –  फ्री रिचार्ज ऐप 

जरुरी नहीं है की पैसा सीधे आपके बैंक अकाउंट में आये वैसे भी हमारे मोबाइल का बहुत खर्चा आ जाता है जिसमे नेट पैक ,बात करने के लिए बैलेंस भी जरुरी होता है और उसके लिए आप मार्किट में जाते हैं। सोचिये अगर आपको मार्किट में जाने की जरूर नहीं पढ़े और आप घर पर ही अपने स्मार्टफोन का खर्चा निकाल सकते हैं कुछ घंटे वर्क करके। इंटरनेट पर ऐसे बहुत सारे फ्री रिचार्ज ऐप है जो हमें ऐप डाउनलोड करने और फ्रेंड्स को रेफेर करने पर  रिचार्ज देती हैं, जिससे हम मोबाइल रिचार्ज ,डिस टीवी ,बिल पे और भी कर कई चीजें कर सकते हैं।

इन्हे भी पढ़ें – मोबाइल के इंटरनेट डेटा को कैसे सेव करें

1. मोबाइल से पैसे कमाने के तरीके – पॉकेट मनी

ये एक अच्छा ऐप है जहा से हम ऐप डाउनलोड करके और अपने फ्रेंड्स को रेफेर करके बढ़िया मनी अर्न कर सकते हैं।

2. फ्री रिचार्ज देने वाले मोबाइल ऐप – टू बैलेंस

ये भी एक बढ़िया फ्री रिचार्ज एप्लीकेशन है जिसमे हमें फ्रेंड्स को रेफेर करने पर फ्री रिचार्ज मिलता हैं

तो दोस्तों ये वो तरीके हैं जिनसे आप घर बैठे कंप्यूटर या मोबाइल से इंटरनेट से पैसा कमा सकते हो इन तरीकों का उपयोग करके आप घर बैठे हर महीने 5000 से 50000 तक कमा सकते हैं


फ्रीलांसिंग क्या है – घर बैठे ऑनलाइन पैसे कमाने के टिप्स यहाँ पढ़ें!



अगर आप जल्द से जल्द ऑनलाइन या कहें कि इंटरनेट से कमाई करना चाहते है, तो फ्रीलांसिंग आपके लिए सबसे बेस्ट तरीका है। इंटरनेट से पैसे कमाने के बहुत सारे तरीके हैं लेकिन ये सबसे बेहतर है क्योंकि इसमें आप ऑनलाइन काम करके कम टाइम में इंटरनेट से अच्छी इनकम कर सकते है। तो चलिए इस लेख में आगे बढ़ते हैं और जानते है आखिर फ्रीलांसिंग क्या है और फ्रीलांसिंग से कमाई कैसे होती है?

इंटरनेट से पैसे कमाने के बहुत से तरीके है जिनमे यूट्यूब और ब्लॉग्गिंग टॉप अउ सबसे पॉपुलर तरीकों में से एक है लेकिन इन दोनों तरीको से एअर्निंग करने में बहुत मेहनत लगती है और काफी समय भी लग सकता है। जबकि फ्रीलांसर बनकर आप क्विकली इनकम कर सकते हैं।

इस पोस्ट में मैं फ्रीलांसिंग के बारे में पूरी जानकारी शेयर कर रहा हूँ जिससे आप फ्रीलांसिंग को डिटेल्स में समझ सकते हो तो चलिए आगे बढ़ते हैं और फ्रीलांसिंग के बारे में अच्छे से जानते हैं।

फ्रीलांसिंग क्या है और फ्रीलांसिंग से कमाई कैसे होती है?

फ्रीलांसिंग एक ऐसी ऑनलाइन सर्विस है जिसके तहत आप किसी पर्सन का काम कर बदले में कुछ पैसे लेते हो। मान लीजिये एक व्यक्ति को प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की अच्छी नॉलेज है लेकिन दूसरे व्यक्ति को नहीं है और वो अपनी वेबसाइट डिज़ाइन करना चाहता है।अब अगर पहले वाला आदमी उसकी साइट को डिज़ाइन कर दे तो दूसरे वाले का काम बन जायेगा लेकिन उसे बदले में पहले वाले पर्सन को कुछ पैसा देना होगा। इस तरह दोनों को फायदा होगा एक को अपने टैलेंट के बदले पैसे मिलेंगे और दूसरे की वेबसाइट डिज़ाइन हो जाएगी। इसे ही फ्रीलांसिंग कहते है।

फ्रीलांसिंग से कमाई कैसे होती है?

अगर किसी व्यक्ति में कोई टैलेंट है तो वो अपनी स्किल्स को दूसरों के काम करने में लगा सकता है और बदले में उसे उस व्यक्ति से पैसा मिलेगा यानि कमाई होगी। फ्रीलांसिंग का काम करने वाले को फ्रीलान्स या फ्रीलांसर कहा जाता है। अगर आप में कोई ऐसा टैलेंट है तो आप अपने टैलेंट से दूसरे का काम कर फ्रीलान्स कर पैसे कमा सकते हो।

वेबसाइट डिजाइनिंग ऑप्टिमिज़िंग, कंटेंट राइटिंग, लिंक बिल्डिंग, वीडियो मेकिंग सब इसमें शामिल है। कितनी कमाई होगी वो आपके टैलेंट पर निर्भर करता है आप जितना बेहतर करोगे उतना ही आपके काम का मूल्य तय होगा।

फ्रीलांसिंग में क्या-क्या सर्विसेज हैं जिनसे पैसे कमाए जा सकते हैं?

वैसे तो फ्रीलांसिंग ऑफलाइन भी कर सकते है लेकिन हम इस पोस्ट में ऑनलाइन तरीके के बारे में जान रहे है तो मैं आपको इसके ऑनलाइन तरीके बता रहा हूँ।

फ्रीलांसिंग मे हम नीचे दी गई कुछ महत्वपूर्ण सर्विसेज प्रोवाइड कर सकते है।

  1. वेब डेवलपमेंट
  2. वेब डिज़ाइन
  3. ग्राफ़िक डिज़ाइन
  4. UI/UX डिज़ाइन
  5. कंटेंट राइटिंग
  6. मोबाइल ऐप्प डेवलपमेंट
  7. मार्केटिंग सर्विसेज
  8. कंटेंट ऑप्टिमिज़िंग
  9. सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन
  10. एकाउंटिंग सर्विसेज
  11. ऑनलाइन सेलिंग
  12. ऑनलाइन मार्केटिंग

वैसे तो और भी कई सर्विसेज हैं जिनके जरिये आप फ्रीलांसिंग सर्विस प्रोवाइड करा सकते हो ।अगर आपके पास इन सर्विसेज के अलावा भी किसी अन्य तरह की स्किल्स है तो आप उनसे भी फ्रीलांसिंग कर पैसे कमा सकते हो।

फ्रीलांसिंग कैसे शुरू करें?

जैसे की ऊपर हम फ्रीलांसिंग क्या है और फ्रीलांसिंग मे कौन-कौन से सर्विस हैं के बारे मे जान चुके हैं, तो अब आपके मन मे ये सवाल जरूर आ रहा होगा की आखिर मैं फ्रीलांसिंग शुरू कहाँ से करूँ? सबसे बड़ी गलती जो लोग करते है जब वो फ्रीलांसिंग शुरू करते है की शुरू करने से पहले कोई भी प्रेपरेशन नहीं करते और बस शुरू कर देते है।

फ्रीलांसिंग शुरू करने से पहले आपको निम्न तैयारी जरूर कर लेना चाहिए।

  1. सबसे पहले और सबसे बड़ी चीज़ आपको अपनी स्किल्स से रिलेटेड 2-3 प्रोजेक्ट्स तैयार करना है (उदाहरण यदि आपकी स्किल वेब डिज़ाइन है तो आपको 2-3 वेब पेज डिज़ाइन कर लेना चाहिए) ताकि आप अपना काम लोगो को दिखा सके क्योंकि अगर आपके पास कुछ दिखाने के लिए नहीं होगा तो कोई आपको प्रोजेक्ट करने को नहीं देगा।
  2. अपना बायो लिख ले आप अपना एक 50 तो 70 शब्दों का बायो लिख ले या लिखवा ले और जितना अच्छा लिख सकते हो उतना अच्छा लिखे।
  3. आपको अपनी एक लिमिट सेट कर लेनी है अब लिमिट से मेरा मतलब है की आपको ये देखना है की आप उस स्किल मे किस लेवल मे है और उस हिसाब से आपको एक प्राइसिंग सेट कर लेनी चाहिए। ये बहुत ही इम्पोर्टेन्ट है की आपकी प्राइसिंग का रेट्स सही हो बहुत कम नहीं होनी चाहिए और न ही बहुत ज्यादा होनी चाहिए।
  4. टाइम मैनेजमेंट करना आपको सीखना पड़ेगा जैसे की ये पोस्ट स्टूडेंट्स के लिए है तो हमे देखना होगा की स्टूडेंट अपने दिन को कितने अच्छे से ऑप्टीमाइज़्ड करते हैं की वो अपनी स्टडी और बाकि जरुरी चीज़ो को टाइम दे पा रहे हैं या नहीं।



फ्रीलांसिंग साइट्स क्या होती है?

अब आपको ये तो पता चल चुका है की फ्रीलांसिंग क्या है और कैसे करते है अब बात आती है फ्रीलांसिंग कहाँ से शुरू करे तो मैं आपको बताता हूँ की इंटरनेट पर बहुत सी फ्रीलान्स वेबसाइट मिल जाएगी जिन पर आप फ्रीलांसिंग स्टार्ट कर सकते हो।

फ्रीलांसिंग साइट एक ऐसी साइट होती है जिसके जरिये काम करने वाला और काम करवाने वाला एक दूसरे से कांटेक्ट करते है। दोनों ही फ्रीलान्स वेबसाइट पर अपनी प्रोफाइल बना सकते है। काम करने वाले अपने टैलेंट और स्किल्स क बारे में लिख सकता है की वो कौन- कौनसा काम कर सकता है। जबकि काम करवाने वाला अपनी जरुरत यानि उसे जो काम करवाना है उसके बारे में लिख सकता है। मतलब साफ़ है फ्रीलांसिंग साइट्स एक ऐसा प्लेटफार्म है जहाँ पर बॉयर और फ्रीलांसर एक दूसरे को ढूंढ सके और एक दूसरे से कांटेक्ट कर सके साथ ही साइट के थ्रू पेमेंट का आदान- प्रदान कर सके।

फ्रीलांसिंग करने के लिए सबसे अच्छी फ्रीलांसिंग साइट्स कौन-कौन सी हैं?

वैसे तो इंटरनेट पे बहुत सारी फ्रीलांसिंग साइट्स उपलब्ध हैं लेकिन मैं आपको कुछ बढिया और ज्यादा पेमेंट्स वाली फ्रीलांसिंग साइट्स के बारे में बताऊंगा जो सबसे ज्यादा ट्रस्टेड और रेपुटेड है।

1. अपवर्क

आप थोड़ा बहुत भी फ्रीलांसिंग के बारे मैं जानते है तो आपने अपवर्क का नाम तो जरूर सुना ही होगा। अपवर्क दुनिया की सबसे बड़ी और ट्रस्टेड फ्रीलांसिंग वेबसाइट है। यहाँ पे आप हर प्रकार की फ्रीलांसिंग सर्विसेज प्रोवाइड करा सकते है जो की मैंने ऊपर बताई है।

2. फ्रीलांसर

फ्रीलांसर मे भी आप सभी प्रकार की फ्रीलांसिंग सर्विसेज प्रोवाइड करा सकते हैं लेकिन सबसे बड़ी बात फ्रीलांसर की ये है की लोग मोबाइल ऐप्प डेवलपमेंट के लिए फ्रीलांसर पे जाते है। वैसे तो फ्रीलांसर एक बहुत अच्छा प्लेटफार्म है लेकिन कम्पटीशन ज्यादा होने की वजह से यहाँ से प्रोजेक्ट्स बड़ी मुश्किल से मिलते हैं।

3. फ़ीवर

फीवर पर भी आप सभी प्रकार की फ्रीलांसिंग सर्विसेज प्रोवाइड करा सकते हैं लेकिन फ़ीवर पर फ्रीलांसिंग करने का तरीका बहुत अलग है यहाँ पर आपको प्रोजेक्ट्स पर बिडिंग नहीं करनी होगी लेकिन आपको अपनी gig को बहुत अच्छा बनाना होगा जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग आपको प्रोजेक्ट्स दें।

4. कंटेंट मार्ट

अगर आप राइटिंग सर्विसेज प्रोवाइड करने वाले हैं, तो कंटेंट मार्ट आपके लिए बेस्ट प्लेस है. कंटेंट मार्ट सिर्फ कंटेंट राइटिंग मे फ्रीलान्स सर्विसेज प्रोवाइड कराती है तो यहाँ पर आपको बेस्ट प्राइस मिलेगा और साथ ही अपने पसंद के टॉपिक पर कंटेंट लिखने का मौका भी मिलेगा.

ऐसी और भी बहुत सारी वेबसाइट हैं जिन पर आप फ्रीलांसिंग का काम कर पैसे कमा सकते हो. इसके लिए आपको गूगल सर्च करना पड़ेगा.

तो दोस्तों आज की इस फ्रीलांसिंग क्या है और फ्रीलांसिंग से कमाई कैसे होती है? पोस्ट को मैं यही पर समाप्त करना चाहूंगा अगर आपको अपना करियर फ्रीलांसिंग मे बनाना है तो आप इस पोस्ट को ध्यान से पढ़ें और अगर आपके कुछ सवाल है तो हमे नीचे कमेंट करें. हम कोशिश करेंगे की आपकी हर मुमकिन हेल्प की जा सके.


मोबाइल डेटा कैसे सेव करें– ये टिप्स आपके इंटरनेट बिल को कम करने मे मदद करेंगी!



मोबाइल फ़ोन में इंटरनेट डाटा सेव करने की टिप्स: क्या आप मोबाइल में इंटरनेट इस्तेमाल करते है और ज्यादा इंटरनेट डाटा खर्च होने से परेशान है और आप कोई ऐसा तरीका जानना चाहते है जिससे आपके मोबाइल पर नेट पैक कम से कम खर्च हो और आप मिनिमम डाटा पर अधिक टाइम तक इंटरनेट चला कर डाटा सेव कर सको। अगर है तो ये पोस्ट आपके लिए ही है आज मैं आपको एंड्राइड फ़ोन स्मार्टफोन में  इंटरनेट डेटा सेव करने तथा मोबाइल डेटा कैसे सेव करें ( Mobile Data kaise Save kare) के 5 बेस्ट टिप्स बता रहा हूँ।

मोबाइल डेटा कैसे सेव करें (Mobile Data Kaise Save karen)

मोस्टली स्मार्टफोन यूजर को मोबाइल फ़ोन में इंटरनेट डाटा पैक जल्दी ख़त्म होने की प्रॉब्लम होती है। इसका समाधान पाने के लिए मोबाइल यूजर कई तरह के नुस्खे इस्तेमाल करते है पर सभी सक्सेस नहीं होते और यूजर की डाटा सेव प्रॉब्लम फिर भी बनी रहती है। बहुत से लोग इसके लिए कुछ एंड्राइड ऐप्प इस्तेमाल करने की सलाह देते है। पर इन सबके बाद भी कुछ हासिल नहीं होता है।

पर मैं आपको किसी डाटा सेव एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के बारे में नहीं बल्कि 5 ऐसे तरीके बता रहा हूँ जिन्हे मैंने खुद भी ट्राय किया है और मुझे इन सभी से पॉजिटिव रिजल्ट्स मिले है। तो मैं आपसे भी कह सकता हूँ की आप भी इन्हे ट्राय कीजिये यक़ीनन आपको भी इनसे फायदा होगा और आप अपने मोबाइल का इंटरनेट बिल कम कर सकते है। आप इन मोबाइल डाटा को कैसे सेव करें की टिप्स को सभी नेटवर्क पर फॉलो कर सकते हो। सभी पर अच्छा रिजल्ट मिलेगा।

एंड्रॉइड मोबाइल में इंटरनेट का बिल कम आने के टिप्स

सबसे अच्छी बात ये है की इन टिप्स को फॉलो करने से न सिर्फ आपके मोबाइल पर इंटरनेट डाटा कम खर्च होगा बल्कि आपके फ़ोन की बैटरी लाइफ भी बढ़ेगी और आप डाटा के साथ मोबाइल भी ज्यादा टाइम तक यूज़ कर सकोगे।

नीचे दी गई टिप्स को फॉलो करें और अपने मोबाइल का इंटरनेट डाटा सेव करें:

1 ऑफ ऑटो अपडेट ऐप्प:

एंड्राइड में अगर आपने जीमेल आईडी से लॉग-इन किया हुआ है तो आपका इंटरनेट इनेबल होने पर एंड्राइड ऐप्प ऑटोमेटिकली अपडेट होने शुरू हो जाते है। इससे न सिर्फ आपका इंटरनेट डाटा खर्च होता है बल्कि इंटरनेट स्पीड डाउन हो जाती है और ब्राउज़िंग स्लो होने लगती है। साथ ही एक बार में सभी ऐप्प का अपडेट इनेबल होने से फ़ोन गर्म होने लगता है और इससे बैटरी भी खराब हो सकती है।इसके लिए आप मोबाइल सेटिंग में जाये या फिर गूगल प्ले स्टोर को ओपन करके सेटिंग में जाये और ऑटो अपडेट ऐप्प ऑप्शन पर क्लिक करके Do not ato-update apps या Auto-update apps over Wi-Fi only सेलेक्ट करे।


2 ऑफ व्हाट्सप्प ऑटो डाउनलोड मीडिया फीचर:

व्हाट्सप्प में ऑटो डाउनलोड मीडिया फीचर होता है। जिससे आपके मोबाइल में फोटोज इमेजेज वीडियोस फाइल ऑटोमेटिकली डाउनलोड होती रहती है। आज के टाइम में हर एक स्मार्ट फ़ोन यूजर व्हाट्सप्प का इस्तेमाल करता है, तो अगर आपके व्हाट्सप्प ऐप्प में ऑटो डाउनलोड मीडिया फीचर एक्टिव है तो इस डीएक्टिवेट करे।

इसके लिए आप व्हाट्सप्प >> settings >> data usage ऑप्शन पर जाये यहाँ आपको नेटवर्क यूसेज मीडिया ऑटो-डाउनलोड का फीचर मिल जायेगा। आप यहाँ पर फोटोज ऑडियो वीडियोस डाक्यूमेंट्स को अपनी जरुरत के अनुसार सेलेक्ट कर सकते है।

आप यहाँ पर when conncted on WI FI और when roaming  के अनुसार डाटा सेविंग फीचर इस्तेमाल कर सकते हो।

3 सेट अप मैन्युअल मेल सिंक:

मोबाइल में जीमेल अकाउंट से साइन-इन करने के बाद बहुत सी सर्विस इनेबल हो जाती है। गूगल ड्राइव, जीमेल, गूगल कांटेक्ट, गूगल फाइल डाटा, गूगल प्ले बुक्स, ऐप्प डाटा कैलेंडर, गूगल प्ले मैगज़ीन, गूगल फोटोज जैसी बहुत सारी सर्विसेज ऑटोमेटिकली सिंक होती रहती है। इनमे से आप जिनका इस्तेमाल कम करते हो या नहीं करते हो उन पर सिंक ऑफ कर दें।

इसके लिए आप मोबाइल सेटिंग्स एकाउंट्स में जाये और ईमेल अकाउंट पर क्लिक करे। अब सभी फीचर्स आपके सामने होंगे। जिनकी आपको जरुरत नहीं है उन सभी पर सिंक ऑफ करे। मोस्टली आपको जीमेल बंद करना है क्योंकि जीमेल पर बिना उपयोगी मेल आते रहते है।

4 ऑफलाइन गूगल मैप का उपयोग करें:

मैं आपको बताना चाहूंगा की अब आप गूगल को ऑफलाइन भी इस्तेमाल कर सकते हो। गूगल पर अब आप 130,000 sq km का एरिया-मैप सेव कर सकते हो और मुझे लगता है की इससे लगभग सभी की जरूरते पूरी हो सकती है। साथ ही आपको रेस्पॉन्सिव नेविगेशन मेनू भी मिलता है जिसकी हेल्प से इसे आप आसानी से इस्तेमाल कर सकते हो।

अभी गूगल की ये सर्विस हर लोकेशन पर अवेलेबल नहीं है पर कुछ टाइम बाद आप सभी इसका इस्तेमाल कर सकोगे। इससे आप इंटरनेट डाटा के साथ साथ बैटरी बैकअप भी बचा सकते हो।

5 इनेबल मोबाइल सेविंग फीचर एंड सेट लिमिट:

लगभग हर स्मार्टफोन एंड्राइड फ़ोन में डाटा सेविंग फीचर होता है। जिसकी हेल्प से आप डाटा लिमिट सेट कर सकते हो। आप अपने फ़ोन की सेटिंग्स के More ऑप्शन में जा कर देखे मोबाइल यूसेज के ऑप्शन में ये फीचर मिल जायेगा। आप यहाँ मंथली वीकली या डेली मोबाइल इंटरनेट डाटा लिमिट सेट कर सकते हो।

हमें उम्मीद है कि आपको यहाँ बताई गए मोबाइल डेटा कैसे सेव करे (How to Save Mobile Internet Data in Hindi) और मोबाइल डेटा को सेव करने के टिप्स पसंद आये होंगे। अगर आपके पास इनके अलावा कोई और टिप्स है जिसे मोबाइल इंटरनेट डाटा सेव करके इंटरनेट कनेक्शन बिल कम किया जा सकता है तो आप कमेंट में उसके बारे में बता कर हमारे रीडर्स की हेल्प कर सकते है।


BookmyShow से मूवी टिकट कैसे बुक करें – बुक माय शो से टिकट बुक करना यहाँ सीखें!

मूवी टिकट खरीदने के लिए कतार में इंतजार करना एक पुराना चलन है। केवल कुछ क्लिकों के साथ, आप समय से पहले कहीं से भी, किसी भी समय और कभी भी अपनी पसंदीदा मूवी टिकट खरीद या बुक कर सकते हैं। यदि आप भी फिल्मों या किसी इवेंट्स को देखने का शौक रखते हैं, और लम्बी-लम्बी लाइनों से दूर रखकर ऑनलाइन मूवी की टिकट्स को बुक करना चाहते हैं, तो आज यह लेख सिर्फ आपके लिए ही जिसमे हम आपको बतायंगे की BookmyShow से मूवी टिकट कैसे बुक करें (How to book a movie ticket on Bookmyshow Hindi Me) इसके लिए आपको www.bookmyshow.com पर लॉग इन करना होगा और उस फिल्म को ढूंढना होगा जिसे आप देखना चाहते हैं और फिर टिकटों की संख्या का चयन करें और सुविधाजनक भुगतान मोड के माध्यम से भुगतान करें। तो चलिए आगे बढिये और इस लेख के माध्यम से स्टेप वाइज स्टेप ऑनलाइन टिकट बुक करना सीखिए।

BookmyShow से मूवी टिकट कैसे बुक करें (How to book a movie ticket on bookmyshow in Hindi)

Bookmyshow.com से ऑनलाइन मूवी टिकट बुक करने के स्टेप:

चरण 1: इसके लिए सबसे पहले आपको अपने इंटरनेट सर्च बॉक्स में BookmyShow की वेबसाइट को सर्च करना होगा इसे सर्च करने के लिए www.bookmyshow.com पर क्लिक करें।
चरण 2: जब आप इसे सर्च कर लेते हैं, तो इसके बाद आपको अपने शहर का चयन करना होगा या फिर आप जिस जगह फिल्म देखना चाहते हैं वहां कि सिटी का चयन कर करें।
चरण 3: इसके बाद आपको वह फिल्म ढूंढनी होगी जिसे आप देखना चाहते हैं। फिल्म के मिलने के बाद उस फिल्म पर क्लिक करें।
चरण 4: अब टिकट पर क्लिक करें।
चरण 5: उस तारीख का चयन करें जिस पर आप अपनी चुनी हुई फिल्म देखना चाहते हैं।
चरण 6: दी गई सूची से, मूवी थियेटर का चयन करें।
चरण 7: उसके बाद, आपको शो टाइमिंग का चयन करना होगा और स्वीकार करना होगा।
चरण 8: सीटों की संख्या का चयन करें।
चरण 9: अपनी सीटों का चयन करें (सीटों को उनकी कीमतों और पंक्तियों के अनुसार विभाजित और लेबल किया जाता है (जैसे: सामान्य, कार्यकारी, वीआईपी आदि)।
चरण 10: पंक्ति और उन सीटों पर क्लिक करें जिन्हें आप बुक करना चाहते हैं।
चरण 11: अंत में, PAY पर क्लिक करें (मूल्य का उल्लेख किया जाएगा)।
चरण 12: यदि आपने F & B सेवा के साथ थिएटर का चयन किया है, तो अपना फूड कॉम्बो बुक करें।
चरण 14: बुकिंग सारांश प्राप्त करने के बाद [अपना टिकट प्रकार (एम-टिकट / बॉक्स ऑफिस पिकअप) चुनें] पर क्लिक करें।
चरण 15: अपने संपर्क विवरण साझा करें।
चरण 16: आप के लिए सुविधाजनक भुगतान विकल्प चुनें (नेट बैंकिंग, क्रेडिट / डेबिट कार्ड, त्वरित वेतन, UPI)।
चरण 17: भुगतान करने के लिए क्लिक करें।

Bookmyshow से टिकट कैसे बुक करते हैं? (How to book a movie ticket on Bookmyshow Hindi me jankari)

इसके बाद जब आपके भुगतान की पुष्टि हो जाएगी, तो आपको एक पुष्टिकरण ईमेल प्राप्त होगा। अगर वेबसाइट आपके फोन से जुड़ी है तो आपको एक टेक्स्ट मैसेज भी मिलेगा।
आप मूवी टिकट का स्क्रीनशॉट ले सकते हैं या अपने स्मार्ट फोन पर पीडीएफ के रूप में सेव कर सकते हैं क्योंकि मूवी हॉल में प्रवेश करने से पहले आपको टिकट चेकर को बारकोड दिखाना होगा।

BookmyShow से मूवी टिकट कैसे बुक करें - Knowledgeadda247

          टिकट बुक करें और पायें 50% डिस्काउंट

हमे उम्मीद है ऊपर दिए गई स्टेप वाइज स्टेप जानकारी से आप BookmyShow से मूवी टिकट बुक करना सीख चुके होंगे यदि आप इस तरह के अन्य लेखों को भी पढ़ना चाहते हैं, तो हमारे साथ जुड़े रहें और इस लेख शेयर करें जिससे और फिर लोग यह जान सके कि BookmyShow से मूवी टिकट कैसे बुक करें।

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: